Tuesday, September 1, 2026
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Latest News

ओडिशा के आदिवासी किसान ने 10 सालों में बचाईं धान की 100 से ज्यादा देशी किस्में

उनकी पहल दिखाती है कि आदिवासी ज्ञान और सामुदायिक भागीदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए देशी फसल विविधता के संरक्षण में किस तरह मददगार हो सकती है। नीरोज रंजन मिश्रा की रिपोर्ट

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आदिवासी समुदायों में पारंपरिक दाइयों की भूमिका क्यों अब भी कायम है, जब सरकार संस्थागत प्रसव पर दे रही है जोर?

हमने हाल ही में "आदिवासी दाइयों का सम्मान: जीवन और कल्याण की सुरक्षा" विषय के साथ विश्व के आदिवासी लोगों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया। अर्चना ज्योति दो अध्ययनों के जरिए यह बताती हैं कि आदिवासी समुदायों में पारंपरिक दाइयाँ अब भी क्यों अपरिहार्य बनी हुई हैं

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After Delhi And Jharkhand, Bihar Witnesses Violence As Protesters Make Bid To Gherao Chief Minister’s Residence

Police used water cannons and lathi charge to control the crowd which broke barricades while marching towards the Chief Minister’s residence demanding the scrapping of the 70th BPSC exam. The ambit now extends beyond one examination to questions of recruitment transparency, accountability and youth trust. The Indian Tribal [...]

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ओडिशा के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सदियों पुरानी विवाह संस्कृति एवं परंपराएँ बदलाव के दौर में भी कायम

उत्कल विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टडीज़ ऑन ट्राइबल एंड मार्जिनलाइज़्ड कम्युनिटीज़ की रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि तीव्र सामाजिक-आर्थिक बदलाव से सदियों पुरानी आदिवासी विवाह परंपराएँ विलुप्त होने से पहले उनका व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। The Indian Tribal की रिपोर्ट। भाग-2

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आदिवासी महोत्सव में झारखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा फिल्म निर्माण सीखने का अवसर

फिल्म फेस्टिवल के दौरान आदिवासी जीवन, स्वदेशी संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और उत्कृष्ट सिनेमा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। महोत्सव में 33 जनजातियों की संस्कृति और परंपराओं की प्रस्तुति भी होगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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‘ट्री ऑफ लाइफ’ सखुआ: पत्तों से रोजगार, बीजों से उद्योग, राल से औषधि और संरक्षण में छिपा भविष्य

यह वृक्ष केवल जंगलों की शान नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पारंपरिक चिकित्सा, जैव विविधता और जलवायु सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। The Indian Tribal की रिपोर्ट भाग-2

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रांची से उठेगी सखुआ क्रांति: क्यों है सखुआ झारखंड की संस्कृति, आस्था और प्रकृति का प्रहरी?

महापौर रोशनी खलखो के सपने से शुरू हो रही अनूठी पहल, ‘सखुआ महोत्सव’, के बहाने जानिए उस वृक्ष की कहानी, जिसने सदियों से आदिवासी जीवन, सरहुल, जंगल और झारखंड की पहचान को जीवित रखा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट भाग-1

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत ही झारखंड की दिशा: पहली पुण्यतिथि पर बोले हेमंत

मुख्यमंत्री ने कहा शिबू सोरेन का आंदोलन राजनीति से कहीं बड़ा था; नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, इतिहास और सामाजिक न्याय के मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। लुकैयाटांड़ में शिबू की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया, विकास मेला-सह-परितोषिक वितरण कार्यक्रम में भी हुए शामिल। [...]

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ओडिशा के PVTGs की अनूठी विवाह व्यवस्था: वधू मूल्य नहीं, सामाजिक साझेदारी का प्रतीक

उत्कल विश्वविद्यालय के अध्ययन में सामने आया है कि वधू मूल्य की परंपरा यहाँ दहेज से बिल्कुल अलग है और इसका उद्देश्य रिश्तों को मजबूत बनाना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व साझा करना है। The Indian Tribal की रिपोर्ट।भाग-1

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झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में आदिवासी परंपराएं बनीं बाघ संरक्षण की नई ताकत

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मंजूरी के बाद पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने की तैयारी के साथ आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षण अभियान से जोड़ा गया है। दीपन्विता गीता नियोगी की रिपोर्ट

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झारखंड को मिलेगा अपना फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, SRFTI के साथ हुआ समझौता

झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के बीच हुए समझौते से राज्य में फिल्म शिक्षा और कंटेंट क्रिएशन को नई दिशा मिलेगी। शुरुआती चरण में फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों के अल्पकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। The Indian Tribal की रिपोर्ट [...]

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ओडिशा के आदिवासी किसान की देशी धान की विलुप्त होती किस्मों को बचाने का मिशन

उनका प्रयास जलवायु परिवर्तन के दौर में टिकाऊ कृषि और खाद्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, बता रहे हैं निरोज रंजन मिसरा

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उत्तर बंगाल के चाय बागानों का संकट: जलवायु परिवर्तन, पलायन और महिलाओं की असुरक्षा का बढ़ता दुष्चक्र

घटते उत्पादन और कम मजदूरी के कारण बड़े पैमाने पर पलायन बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे महिलाओं की तस्करी, शोषण और असुरक्षा की आशंका भी बढ़ रही है। दीपान्विता गीता नियोगी की रिपोर्ट

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सिदो-कान्हू ने परिणाम की चिंता किये बगैर शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला था: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

हूल दिवस पर मुख्यमंत्री सोरेन ने झारखण्ड की राजधानी रांची में सिदो-कान्हू उद्यान परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्तदाताओं के बीच प्रशस्ति-पत्र भी वितरित किया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सरना से कोया पुनेम तक: जनगणना 2027 में अलग आदिवासी धर्म श्रेणी की मांग क्यों तेज हुई?

आदिवासी समुदाय अपनी पारंपरिक आस्थाओं को अलग धार्मिक श्रेणी के रूप में दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अलग कोड के अभाव में उनकी विशिष्ट धार्मिक पहचान बड़े धर्मों में समाहित होकर अदृश्य हो जाती है। विशाल तिवारी की रिपोर्ट

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किन्नौर की जनजातीय राजनीति में उभरी नई पर्यावरणीय आवाज, युवा नेतृत्व ने बदली विकास की बहस

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में एक 31 वर्षीय युवा की पंचायत चुनाव में जीत को राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लिखती हैं आँचल सेठ

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झारखण्ड के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

जीआई टैग से उत्पादों को कानूनी संरक्षण, बाजार में विशिष्ट पहचान और बेहतर मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे झारखण्ड के कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक समुदायों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त झारखंड बनाने के उद्देश्य से आयोजित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का किया शुभारम्भ, हरी झंडी दिखाकर प्रचार-प्रसार वाहनों को किया रवाना। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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मध्य प्रदेश के सहरिया आदिवासियों ने भूख से लड़ने के लिए अपनाए पारंपरिक तरीके

पलायन, जल संकट और कमजोर बुनियादी सुविधाओं के बावजूद समुदाय आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर पारंपरिक और सामुदायिक प्रयासों ने गांवों में पोषण और आजीविका की नई उम्मीद जगाई है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

छत्तीसगढ़ में तैनात आदिवासी पुलिस अधिकारी ने सात बड़े ऑपरेशनों में हिस्सा लेकर महिलाओं के लिए नई मिसाल कायम की है। उनका मानना है कि महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभालनी चाहिए। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

वनाधिकार कानून के कमजोर क्रियान्वयन और ग्राम सभाओं की शक्तियों में कमी से आदिवासी नेतृत्व वाले संरक्षण के भविष्य पर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं, लिखते हैं अंकित मिश्रा

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हेमन्त सोरेन ने लॉन्च किया ‘आदिनिवास ऐप’

मुख्यमंत्री ने इसे आदिवासी समाज को डिजिटल रूप से एकजुट करने की बड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐप संस्कृति, भाषा, परंपरा और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य में महिला आदिवासी वनरक्षक की अनोखी मुहिम

वह और उनकी 10 सदस्यीय टीम अभयारण्य के कोठारी रेंज में फसल नुकसान कम करने और हाथियों व आदिवासी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात मेहनत करती है। The Indian tribal बता रहा है कि वे यह काम कैसे करती हैं

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आदिवासी बनाम आदिवासी: जनजातीय सांस्कृतिक समागम के बहिष्कार की आदिवासी संगठनों की अपील

संगठनों ने कहा कि आयोजन से जुड़े समूह “सरना-सनातन एक” जैसे नारों के जरिए आदिवासी समुदाय की स्वतंत्र धार्मिक पहचान को समाप्त करना चाहते हैं। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी विरोध के बीच बड़ा सवाल: क्या केन-बेतवा परियोजना के बिना बुंदेलखंड का जल संकट सुलझ सकता है?

44,605 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना सरकार और आदिवासियों के बीच नया टकराव बन चुकी है। ऐसे में विशाल तिवारी इस ज्वलंत मुद्दे की पड़ताल करते हैं कि क्या राज्य और जनता पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों पर भरोसा कर बेहतर रास्ता चुन सकते हैं?

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डायन प्रथा के पीड़ितों के पुनर्वास को न्याय का केंद्र बनाने पर ज़ोर

रांची में आयोजित कोलोकीयम में महिलाओं के खिलाफ अपराध और डायन प्रथा जैसे गंभीर मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इसे अंधविश्वास के साथ-साथ सामाजिक असमानता और पितृसत्ता से जुड़ी समस्या बताया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

जो एक फसल कटाई के बाद के आजीविका प्रयोग के रूप में शुरू हुआ था, वह अब 50 आदिवासी महिलाओं के लिए एक उभरते हुए उद्यम में बदल गया है, कहते हैं निरोज रंजन मिश्रा

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मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

कम मजदूरी और शौचालयों की कमी के कारण चाय बागान की महिला मजदूरों के लिए मासिक धर्म हर महीने एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन जाता है। लेकिन इस उरांव समुदाय की इंजीनियर-से-नृत्यांगना बनी युवती की जमीनी पहल लंबे समय से व्यवस्था द्वारा नजरअंदाज की गई महिला श्रमिकों के [...]

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अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

पूर्वोत्तर के इस राज्य की पहाड़ियों में छिपी है एक अद्भुत, अनूठा हस्तकरघा कला जो चुपचाप एक ऐसी जनजाति की कहानी बयां करती है जिसमें प्राचीन स्वदेशी मान्यताएँ बौद्ध आध्यात्मिकता से मिलती हैं, लिखते हैं कृपासिंधु डे

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बस्तर कॉफी की प्रीमियम ब्रांडिंग की तैयारी के बीच खेती पर पानी का संकट

आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई कॉफी की खेती बस्तर में मिश्रित परिणाम दे रही है। जल संकट और असफल बोरवेल इस महत्वाकांक्षी प्रयोग में व्यवधान खड़े कर रहे हैं। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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ब्रिक्स सीसीआई वी समिट 2026 में कल्पना सोरेन को ‘ट्रेलब्लेज़र अवॉर्ड’

पुरस्कार ग्रहण करने के पश्चात कल्पना ने कहा कि महिलाओं को उद्यमी और नेतृत्वकर्ता के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने हाशिए की महिलाओं की आवाज को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया।उन्होंने यह सम्मान देश-दुनिया की हर संघर्षशील महिला को समर्पित किया। The Indian Tribal की [...]

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प्रकृति से ही सृजन और विलय: सरहुल पर्व पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन 

सरहुल के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रकृति संरक्षण, परंपराओं के निर्वहन और सामुदायिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का जीवंत प्रतीक है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति, परंपरा और आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है सरहुल

जब साल के पेड़ों पर फूल खिलते हैं, तब सरहुल आता है—नई शुरुआत का संदेश लेकर। यह उत्सव जीवन, प्रेम और पर्यावरण के प्रति आभार का सामूहिक अभिव्यक्ति है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बांसवाड़ा की दो सशक्त आदिवासी महिलाएं रच रहीं सामाजिक बदलाव की नई कहानी

दोनों भील महिलाओं ने व्यक्तिगत संघर्षों को सामुदायिक नेतृत्व में बदलकर आदिवासी समाज में स्थायी परिवर्तन की मिसाल पेश की है। विकास मेश्राम बता रहे हैं कैसे जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो पूरा समुदाय सशक्त होता है PART-3

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बेटियों की शिक्षा की बनी ढाल, रोके पाँच बाल विवाह

राजस्थान के भील आदिवासी समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी बाल विवाह और छुआछूत की परंपराओं को चुनौती देकर यह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बनीं शिक्षा, पोषण और बेटियों की गरिमा की प्रहरी। विकास मेश्राम की रिपोर्ट PART-2

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घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

बांसवाड़ा जिले के पहाड़ी इलाकों में बसे भील-बहुल गांवों में पानी की किल्लत, रोजगार की कमी, अपर्याप्त शिक्षा और पुरानी सामाजिक परंपराओं का बोझ पीढ़ियों से चला आ रहा है। लेकिन इन्हीं चुनौतियों के बीच चार आदिवासी महिलाएं ऐसी उभरी हैं जिन्होंने न सिर्फ अपने जीवन को [...]

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सिक्किम में स्केटबोर्डिंग बना जनजातीय युवाओं की नई पहचान

भूटिया और लेपचा समुदाय के युवा स्केटबोर्डिंग को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति का ज़रिया बना रहे हैं। यह खेल उन्हें अवसाद, नशे और सामाजिक दबावों से बाहर निकलने में मदद कर रहा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बाघों का खौफ और शादी का संकट: क्या पलायन ही गोंड आदिवासियों का एकमात्र विकल्प है?

मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिज़र्व के एक छोटे से गांव में दो दर्दनाक बाघ हमलों ने गोंड आदिवासियों की पुनर्वास की इच्छा को और प्रबल कर दिया है। इस बीच वे दैवीय हस्तक्षेप की भी कामना कर रहे हैं। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा: जिसने भारत को आदिवासी चेतना दी

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, संविधान निर्माता और एक प्रखर आदिवासी आवाज़—मरांग गोमके (महान नेता) ने एक ही जीवन में कई भूमिकाएँ निभाईं। The Indian tribal यहाँ उनके अत्यंत समृद्ध जीवन-यात्रा पर प्रकाश डाल रहा है

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क्या एकरूपता की मांग में टिक पाएगी डोंगरिया कोंध शॉल?

GI टैग मिलने के दो साल बाद डोंगरिया कोंध शॉल को वैश्विक पहचान तो मिली, पर उसके साथ एकरूपता की मांग भी बढ़ी। सवाल यह है कि क्या परंपरा बाजार की शर्तों पर टिक पाएगी? The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बीज, मिट्टी और गीतों के ज़रिये जैविक खेती मिशन पर है यह आदिवासी किसान

ओडिशा के संबलपुर जिले के एक धुरुआ आदिवासी किसान जैविक खेती और लोककला के जरिए देसी धान की किस्मों को संरक्षित कर रहे हैं। निरोज रंजन मिसरा को उन्होंने बताया कि बीज, मिट्टी और संस्कृति मिलकर ही टिकाऊ कृषि का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं

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यह दुर्लभ सुपरफूड जनजातीय खानपान और स्वास्थ्य का सदियों पुराना आधार है

यह जनजातीय भोजन परंपरा का मूल हिस्सा है, जो पोषण और संस्कृति दोनों की धुरी पर टिका है। सौमेंद्र नाथ दास बता रहे हैं कैसे तेजी से बदलते मौसम और जंगलों की क्षति इसके अस्तित्व पर नई चुनौतियाँ खड़ी कर रही हैं

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हम लड़े हैं, तभी बचे हैं: खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा, खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन। जल-जंगल-जमीन की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान राज्य का नैतिक दायित्व है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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Ol Chiki Turns 100: Centenary Reflections Reveal Gap Between Santali’s Official Status And Ground-Level Education

Ahead of President Droupadi Murmu’s visit to Jamshedpur at the centenary celebrations of Ol Chiki, Santali writers and experts lament the delay by Jharkhand and Odisha — ironically, both helmed by Santali Chief Ministers — in introducing comprehensively the tribal language at the primary school level. Animesh Bisoee [...]

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पेसा कानून की जानकारी सभी को रखने की आवश्यकता: हेमन्त सोरेन

पेसा नियमावली को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद सरना संगठनों और आदिवासी छात्रावास प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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लम्बा इंतज़ार खत्म, झारखण्ड में आखिरकार पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

काफी समय से प्रतीक्षित पेसा नियमावली को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्ष्ता वाली मंत्री परिषद ने आज अपना अनुमोदन दिया। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को एवं जनजातीय समुदायों को और अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलने का रास्ता साफ हुआ। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने एशिया के सबसे बड़े साल जंगल सारंडा में ‘सीमा’ क्यों तय की?

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले ने भारत के सबसे समृद्ध वन परिदृश्यों में से एक सारंडा में संरक्षण, खनन और आदिवासी आजीविका के बीच संतुलन की रेखा दोबारा खींच दी है। अनीमेश बिसोई बताते हैं कि इस आदेश का पर्यावरण, उद्योग और स्थानीय [...]

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झारखण्ड में हेमन्त सोरेन सरकार के लगातार दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूरा, 9000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए

हेमन्त ने पिछले वर्ष 28 नवंबर को झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब जेएमएम-नेतृत्व वाले महागठबंधन ने लगातार दूसरी बार सत्ता में जबरदस्त वापसी करते हुए 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें हासिल की थीं। कुल मिला कर राज्य के मुख्यमंत्री के तौर [...]

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झारखण्ड में विलुप्त होते पारम्परिक आदिवासी खेलों को बचाने की मुहिम

टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा कल्चरल सोसाइटी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके खेलों को फिर लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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गुजरात के ‘भूखे शेर’ को खा गए टेलीविजन और मोबाइल!

पश्चिमी राज्य में आदिवासियों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी खेले जाने वाले कुछ मनोरंजक, आसान और पारंपरिक खेल अब लुप्त हो चुके हैं। ऐसे ही एक खेल के बारे में बता रही हैं मयूरी दवे

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कुछ अलग ही हैं तीरंदाजी दत्शा डोको के नियम

कभी राजा-महाराजाओं द्वारा शुरू की गई तीरंदाजी खेल परंपरा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आज भी लोकप्रिय है। आदिवासी लोग बड़े शौक से इसमें हाथ आजमाते हैं। जितना रोचक यह खेल है, इससे अधिक रोचक हैं इसका स्कोरिंग सिस्टम। इस प्राचीन विशिष्ट खेल और इसके नियमों पर प्रकाश [...]

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…और उन्होंने कैनवस पर उम्र को अंगूठा दिखा दिया

सत्तर साल की परिपक्व उम्र में ब्रश थाम कर एक ही दशक में कैनवस पर नई इबारत गढ़ने वाली जोधैयाबाई बैगा को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 84 साल की बैगा पर The Indian Tribal की विशेष रिपोर्ट

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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अमर शहीद सिदो-कान्हू की धरती से मुख्यमंत्री सोरेन ने कई विकास योजनाओं की दी सौगात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने 753.92 करोड़ रुपए की 2080 योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास और राज्य के 9 जिलो में चलने वाले मीजल्स-रूबेला विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारम्भ

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एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुरमियों का आंदोलन

कुरमी समाज ने रेल की पटरियों व स्टेशनों पर दिया धरना। 69 ट्रेनें प्रभावित रहे। बंगाल के खड़गपुर के खेमाशुलि और आद्रा के कुसतौर स्टेशन पर दक्षिण पूर्व ट्रेनों को रद्द किया गया

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क्या है सरना और क्यों तेज हुई इसे धर्म बनाने की मांग?

आदिवासी समुदाय ने सरना को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला, बहुत ही आसान शब्दों में समझा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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क्या वाकई इस पहाड़ पर चढऩे से 10 साल बढ़ जाती है जवानी और उम्र?

इस 500 फीट ऊंची पहाड़ी से जुड़ी यही लोकप्रिय मान्यता हर साल सर्दियों के दौरान आदिवासियों को यहां खींच लाती है। क्या जवान क्या बूढ़े सभी का यहाँ लग जाता है जमघट, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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यहाँ आदिवासी समुदाय के खूबसूरत चांदी के आभूषण लुप्त हो रहे हैं

पुराने जमाने से जम्मू-कश्मीर की घुमंतू आदिवासी महिलाओं की शान रहे चांदी के आभूषण और उनके डिजाइन के महत्व, मान्यता और धीरे-धीरे विलुप्त होने के कारणों की पड़ताल करती THE INDIAN TRIBAL की विशेष रिपोर्ट

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नागालैंड का आदिवासी खेल: ग्रीस लगे चिकने खंभे पर चढ़े तो जानें

नागालैंड सरकार ऐसे स्वदेशी खेलों का प्रचार-प्रसार कर रही है जो कभी बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे और आज भी लोग उनमें रूचि लेते हैं। ऐसा ही एक खेल है ग्रीस लगे बांस पर चढऩा। इसके बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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क्या कभी लुगुबुरु घंटाबाड़ी गए हैं आप?

आदिवासी-बहुल राज्य झारखंड में यह संथालों का सदियों पुराना ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जो अब न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब लुभा रहा है। आखिर क्यों लोग यहां खिंचे चले आते हैं, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष

शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।

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कुड़मी को आदिवासी बनाने और यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध

झारखण्ड के आदिवासियों के 32 समुदायो के लोगों ने और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी बचाओ महारैली में हिस्सा लिया और पच्चीस प्रस्ताव पारित किये जिसमे पारसनाथ सहित आदिवासियों के सभी धार्मिक स्थलों को गैर आदिवासियों के कब्जे से मुक्त कराये जाने और आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण [...]

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मानकी, मुंडा, डकुआ को दोपहिया वाहन देगी हेमंत सरकार, बजट में की घोषणा

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के कोल्हान प्रमंडल में मुंडा, हो और भूमिज जनजातियों के पारंपरिक शासन व्यवस्था के अंग हैं मानकी, मुंडा और डकुआ।

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आदिवासी युवाओं के बिजनेस आइडिया को उद्यम में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए गुरु मंत्र

आठवें राष्ट्रीय आदिवासी उद्यमिता प्रशिक्षण अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत जनजातीय संसाधनों के आधार पर आदिवासी समुदाय के आदिवासी व्यवसाय और व्यापार को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उसकी रणनीति भी तैयार की जानी है।

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बहुत भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन और कलात्मक अभिव्यंजना

आदिवासी और लोक चित्रकारों की राष्ट्रीय शिविर विरले ही आयोजित होते हैं। पर झारखण्ड में दूसरी बार ऐसा आयोजन हुआ। इसका जायजा लिया सुधीर कुमार मिश्रा ने और बता रहे हैं कैसे कला की पाश्चात्य, अकादमिक और सैद्धान्तिक अवधारणाओं से भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन

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जो यहाँ का खतियानी है वही झारखंडी है: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

उन्होंने आज साफ़ कर दिया कि उनकी सरकार 1932 के खतियान के मामले में पीछे नहीं हटेगी और स्थानीयता बिल पर राज्यपाल की शंकाओं को दूर करेगी। राज्यपाल रमेश बैस ने स्थानीयता को लेकर झारखण्ड विधान सभा से पारित विधेयक को राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

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दिल के अरमान बाढ़ में ही बह गए

करीब सात लाख जनसंख्या वाले असम के धेमाजी जिले के जनजाति-बहुल समुदाय के लोगों की निजी ज़िंदगी न सिर्फ मुश्किलों भरी हैं बल्कि असामान्य भी है। बता रहीं हैं वहां का दौरा कर सीटू तिवारी

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बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

अपने खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लोगों को संबोधित किया तथा तमाम पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की।

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हुनरमंद हाथों का कमाल है इनके कपड़े और आभूषण

अरुणाचल प्रदेश जैसे सुरम्य राज्य के जनजातियों के लोग अपने पहनावे को लेकर बहुत सचेत होते हैं। इनके कपड़े बहुत ही सुंदर डिज़ाइन और अनूठी सामग्री से बने होते हैं, जो बरबस ही ध्यान खींचते हैं। कैसे बनते हैं ये और कौन बनाता है इन्हें, बता रही हैं [...]

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बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे: अशोक गहलोत

राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों के लिए समर्पित होगा और उसमें आदिवासी अंचल के विकास के लिए प्रावधान भी होंगे।

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नए साल की पार्टी में लीजिए आदिवासी व्यंजनों का स्वाद

यदि आप क्रिसमस और नए साल के खुशनुमा माहौल में बाहर कुछ अलग हटकर खाने के शौकीन हैं तो रांची के कई विशेष रेस्तरां आपका इंतजार कर रहे हैं, जहां झारखंडी आदिवासी स्वाद की एक से बढक़र एक वैरायटी आपको मिलेगी। सुधीर कुमार मिश्रा ऐसे ही कुछ व्यंजनों [...]

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आदिवासी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है हँड़िया

आम धारणा के विपरीत हँड़िया केवल एक मादक पेय पदार्थ ही नहीं है। यह ऊर्जावर्धक भी है और आदिवासी समुदाय की परंपरा का हिस्सा भी है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में हँड़िया के प्रचलन और इससे जुडी एक रोचक कहानी के बारे में बता रही हैं [...]

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बस्तर आदिवासियों की अपनी अलग दिवाली

चूँकि भारत विविधताओं भरा विशाल देश है, ज़ाहिर है यहाँ पर राष्ट्रीय तौर पर मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मनाने के तरीके और रीति रिवाज़ भिन्न होंगे। आईये जानते हैं कैसे बस्तर के आदिवासियों का दियारी तिहार सामान्य दिवाली से अलग है

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आदिवासी किसान पुत्री का साहित्यिक जगत में धमाकेदार पदार्पण

झारखण्ड की एक साधारण सी लडक़ी ने अपने पहले ही उपन्यास से साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार २०२२ जीत लिया है। सुधीर कुमार मिश्रा लेकर आए हैं इस ३२ वर्षीया संथाली लेखिका की कहानी

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फिट रहने के लिए कैसा भोजन खाते हैं आदिवासी खिलाड़ी?

खिलाडिय़ों की उर्वर भूमि झारखंड कैसे-कैसे व्यंजनों और सब्जियों के जरिए अपने यहां की प्रतिभाओं का पोषण करती है, उन्हें स्फूर्ति देती है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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ये कैसी सख़्त नियम वाली कुश्ती खेलते हैं मिज़ो लोग?

दुनिया भर में अलग-अलग तरह से कुश्ती खेली जाती है और हर जगह के अपने अपने नियम होते हैं। इसी प्रकार मिज़ोरम भी है, जहां के लोग स्वदेशी इनबुआन कुश्ती खेलते हैं। कैसे खेला जाता है यह खेल, अखाड़े से लौटकर बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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गरीबी के खिलाफ कैसे लड़ीं और जीतीं आदिवासी महिलाएं

ओडिशा के आदिवासी गांवों में महिलाएं अब आर्थिक मदद के लिए किसी का मुंह नहीं ताकतीं। वे व्यवस्थित तरीके से गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं व साहूकारी से लड़ रही हैं, बता रहे हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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ओडिशा के आदिवासी थिएटर कलाकारों का उभरना और फिर गर्दिश में खो जाना

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों को थिएटर ने पहचान दिलाई, लेकिन किसी ने रोजी-रोटी के संकट तो किसी ने अन्य कारणों से अपना रास्ता ही बदल लिया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक गैर सरकारी संगठन अब उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर निखारने की कोशिशों में जुटा है। बता रहे [...]

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पूर्वोत्तर में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को बचाने की आदिवासी चिकित्सकों की मुहीम

आदिवासियों की प्राचीन प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टर भले ही अब कम होते जा रहे हैं, लेकिन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों एवं अनेक बीमारियों में कारगर इलाज को लेकर उनके गहरे ज्ञान से कोई इंकार नहीं कर सकता। ऐसे ही कुछ डॉक्टर किस प्रकार पारम्परिक [...]

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census
2011

On the concluding day of his Manipur visit on Thursday, Union Home Minister Amit Shah had appealed to all concerned to surrender their weapons to the security forces and administration. He had warned that a search-and-combing operation would be carried out in [...]

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जादू सा बिखेर देती है आदिवासी गायिका की आवाज

अपने लोकगीतों से सरस्वती ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में खूब नाम कमाया। लेकिन, यह मंजिल इतनी आसान भी नहीं रही। कैसे एक चमत्कार से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई और कैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। नीरोज रंजन मिश्रा को सरस्वती ने सुनाई दिल [...]

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प्रधानमंत्री ने आदिवासी-बहुल खूंटी के बोरीबांध की प्रशंसा की

अपने मासिक मन की बात में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए झारखण्ड के खूंटी के लोगों की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने देश को बताया कि कैसे खूंटीवासियों ने पानी के संकट से निपटने के लिए जन भागीदारी से बोरीबांध का रास्ता निकाला है, [...]

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15 हज़ार जनजातीय महिलाओं के साथ संवाद करेंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को खूंटी (झारखंड) में महिलाओं के साथ जो संवाद करेंगी उसका उद्देश्य राज्य भर में स्वयं सहायता समूहों में जनजातीय महिलाओं के लिए आजीविका और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है, सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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इस थिएटर ग्रुप ने देश में बजाया आदिवासी नाटकों का डंका

बिल्कुल स्वदेशी शैली में प्रस्तुति देने वाले मैदी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ ट्राइबल्स (एमएएटी) ग्रुप की लोकप्रियता कैसे झारखंड से लेकर दिल्ली, केरल, ओडिशा और असम समेत दूसरे राज्यों तक फैल रही है, निरोज रंजन मिश्रा से विस्तृत बातचीत में स्वयं बता रहे हैं ग्रुप के निर्देशक और लेखक [...]

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दुर्गम क्षेत्रों में जीवन डोर बनी बाइक और वैन एम्बुलेंस

ओडिशा के कंधमाल जिले में 650 से अधिक गांवों में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों विशेषकर आदिवासियों के लिए अनोखी बाइक एम्बुलेंस और डिलीवरी वैन सेवा वरदान साबित हो रही है। कैसे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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क्या 2030 तक मलेरिया मुक्त हो जाएंगे आदिवासी क्षेत्र?

मलेरिया उन्मूलन के लिए भारत के मिशन 2030 का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब आदिवासियों के मूल निवास जंगली क्षेत्रों में इस बीमारी को नियंत्रित किया जाए। मिशन की स्थिति और आवश्यकता पर The Indian Tribal की स्पेशल रिपोर्ट

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झारखंड में सबसे पहले किसने देखे भगवान हनुमान?

देश के इस हिस्से में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों ही समुदायों के लोगों का मानना है कि भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला जिले के अंजन गांव में हुआ था। भगवान राम के इस कट्टर भक्त से जुड़ी मान्यताओं के पीछे की कहानियां बयां कर रहे हैं [...]

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इस युवा आदिवासी रॉक बैंड ने बदलाव के सुर पकड़े और मचा दी धूम

सीमाई राज्य अरुणाचल प्रदेश में यह बैंड स्थानीय बोलियों एवं लोकधुनों को आधुनिकता का पुट दे रहा है । इस समर्पित संगीतकारों के समूह के प्रमुख किरदार डेविड एंगु से विस्तृत बातचीत की है प्रोयशी बरुआ ने

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झारखण्ड में विलुप्त होते पारम्परिक आदिवासी खेलों को बचाने की मुहिम

टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा कल्चरल सोसाइटी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके खेलों को फिर लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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गुजरात के ‘भूखे शेर’ को खा गए टेलीविजन और मोबाइल!

पश्चिमी राज्य में आदिवासियों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी खेले जाने वाले कुछ मनोरंजक, आसान और पारंपरिक खेल अब लुप्त हो चुके हैं। ऐसे ही एक खेल के बारे में बता रही हैं मयूरी दवे

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कुछ अलग ही हैं तीरंदाजी दत्शा डोको के नियम

कभी राजा-महाराजाओं द्वारा शुरू की गई तीरंदाजी खेल परंपरा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आज भी लोकप्रिय है। आदिवासी लोग बड़े शौक से इसमें हाथ आजमाते हैं। जितना रोचक यह खेल है, इससे अधिक रोचक हैं इसका स्कोरिंग सिस्टम। इस प्राचीन विशिष्ट खेल और इसके नियमों पर प्रकाश [...]

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…और उन्होंने कैनवस पर उम्र को अंगूठा दिखा दिया

सत्तर साल की परिपक्व उम्र में ब्रश थाम कर एक ही दशक में कैनवस पर नई इबारत गढ़ने वाली जोधैयाबाई बैगा को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 84 साल की बैगा पर The Indian Tribal की विशेष रिपोर्ट

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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अमर शहीद सिदो-कान्हू की धरती से मुख्यमंत्री सोरेन ने कई विकास योजनाओं की दी सौगात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने 753.92 करोड़ रुपए की 2080 योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास और राज्य के 9 जिलो में चलने वाले मीजल्स-रूबेला विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारम्भ

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एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुरमियों का आंदोलन

कुरमी समाज ने रेल की पटरियों व स्टेशनों पर दिया धरना। 69 ट्रेनें प्रभावित रहे। बंगाल के खड़गपुर के खेमाशुलि और आद्रा के कुसतौर स्टेशन पर दक्षिण पूर्व ट्रेनों को रद्द किया गया

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क्या है सरना और क्यों तेज हुई इसे धर्म बनाने की मांग?

आदिवासी समुदाय ने सरना को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला, बहुत ही आसान शब्दों में समझा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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क्या वाकई इस पहाड़ पर चढऩे से 10 साल बढ़ जाती है जवानी और उम्र?

इस 500 फीट ऊंची पहाड़ी से जुड़ी यही लोकप्रिय मान्यता हर साल सर्दियों के दौरान आदिवासियों को यहां खींच लाती है। क्या जवान क्या बूढ़े सभी का यहाँ लग जाता है जमघट, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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यहाँ आदिवासी समुदाय के खूबसूरत चांदी के आभूषण लुप्त हो रहे हैं

पुराने जमाने से जम्मू-कश्मीर की घुमंतू आदिवासी महिलाओं की शान रहे चांदी के आभूषण और उनके डिजाइन के महत्व, मान्यता और धीरे-धीरे विलुप्त होने के कारणों की पड़ताल करती THE INDIAN TRIBAL की विशेष रिपोर्ट

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नागालैंड का आदिवासी खेल: ग्रीस लगे चिकने खंभे पर चढ़े तो जानें

नागालैंड सरकार ऐसे स्वदेशी खेलों का प्रचार-प्रसार कर रही है जो कभी बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे और आज भी लोग उनमें रूचि लेते हैं। ऐसा ही एक खेल है ग्रीस लगे बांस पर चढऩा। इसके बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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क्या कभी लुगुबुरु घंटाबाड़ी गए हैं आप?

आदिवासी-बहुल राज्य झारखंड में यह संथालों का सदियों पुराना ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जो अब न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब लुभा रहा है। आखिर क्यों लोग यहां खिंचे चले आते हैं, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष

शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।

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कुड़मी को आदिवासी बनाने और यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध

झारखण्ड के आदिवासियों के 32 समुदायो के लोगों ने और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी बचाओ महारैली में हिस्सा लिया और पच्चीस प्रस्ताव पारित किये जिसमे पारसनाथ सहित आदिवासियों के सभी धार्मिक स्थलों को गैर आदिवासियों के कब्जे से मुक्त कराये जाने और आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण [...]

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मानकी, मुंडा, डकुआ को दोपहिया वाहन देगी हेमंत सरकार, बजट में की घोषणा

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के कोल्हान प्रमंडल में मुंडा, हो और भूमिज जनजातियों के पारंपरिक शासन व्यवस्था के अंग हैं मानकी, मुंडा और डकुआ।

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आदिवासी युवाओं के बिजनेस आइडिया को उद्यम में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए गुरु मंत्र

आठवें राष्ट्रीय आदिवासी उद्यमिता प्रशिक्षण अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत जनजातीय संसाधनों के आधार पर आदिवासी समुदाय के आदिवासी व्यवसाय और व्यापार को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उसकी रणनीति भी तैयार की जानी है।

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बहुत भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन और कलात्मक अभिव्यंजना

आदिवासी और लोक चित्रकारों की राष्ट्रीय शिविर विरले ही आयोजित होते हैं। पर झारखण्ड में दूसरी बार ऐसा आयोजन हुआ। इसका जायजा लिया सुधीर कुमार मिश्रा ने और बता रहे हैं कैसे कला की पाश्चात्य, अकादमिक और सैद्धान्तिक अवधारणाओं से भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन

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जो यहाँ का खतियानी है वही झारखंडी है: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

उन्होंने आज साफ़ कर दिया कि उनकी सरकार 1932 के खतियान के मामले में पीछे नहीं हटेगी और स्थानीयता बिल पर राज्यपाल की शंकाओं को दूर करेगी। राज्यपाल रमेश बैस ने स्थानीयता को लेकर झारखण्ड विधान सभा से पारित विधेयक को राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

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दिल के अरमान बाढ़ में ही बह गए

करीब सात लाख जनसंख्या वाले असम के धेमाजी जिले के जनजाति-बहुल समुदाय के लोगों की निजी ज़िंदगी न सिर्फ मुश्किलों भरी हैं बल्कि असामान्य भी है। बता रहीं हैं वहां का दौरा कर सीटू तिवारी

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बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

अपने खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लोगों को संबोधित किया तथा तमाम पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की।

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हुनरमंद हाथों का कमाल है इनके कपड़े और आभूषण

अरुणाचल प्रदेश जैसे सुरम्य राज्य के जनजातियों के लोग अपने पहनावे को लेकर बहुत सचेत होते हैं। इनके कपड़े बहुत ही सुंदर डिज़ाइन और अनूठी सामग्री से बने होते हैं, जो बरबस ही ध्यान खींचते हैं। कैसे बनते हैं ये और कौन बनाता है इन्हें, बता रही हैं [...]

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बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे: अशोक गहलोत

राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों के लिए समर्पित होगा और उसमें आदिवासी अंचल के विकास के लिए प्रावधान भी होंगे।

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नए साल की पार्टी में लीजिए आदिवासी व्यंजनों का स्वाद

यदि आप क्रिसमस और नए साल के खुशनुमा माहौल में बाहर कुछ अलग हटकर खाने के शौकीन हैं तो रांची के कई विशेष रेस्तरां आपका इंतजार कर रहे हैं, जहां झारखंडी आदिवासी स्वाद की एक से बढक़र एक वैरायटी आपको मिलेगी। सुधीर कुमार मिश्रा ऐसे ही कुछ व्यंजनों [...]

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आदिवासी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है हँड़िया

आम धारणा के विपरीत हँड़िया केवल एक मादक पेय पदार्थ ही नहीं है। यह ऊर्जावर्धक भी है और आदिवासी समुदाय की परंपरा का हिस्सा भी है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में हँड़िया के प्रचलन और इससे जुडी एक रोचक कहानी के बारे में बता रही हैं [...]

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बस्तर आदिवासियों की अपनी अलग दिवाली

चूँकि भारत विविधताओं भरा विशाल देश है, ज़ाहिर है यहाँ पर राष्ट्रीय तौर पर मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मनाने के तरीके और रीति रिवाज़ भिन्न होंगे। आईये जानते हैं कैसे बस्तर के आदिवासियों का दियारी तिहार सामान्य दिवाली से अलग है

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आदिवासी किसान पुत्री का साहित्यिक जगत में धमाकेदार पदार्पण

झारखण्ड की एक साधारण सी लडक़ी ने अपने पहले ही उपन्यास से साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार २०२२ जीत लिया है। सुधीर कुमार मिश्रा लेकर आए हैं इस ३२ वर्षीया संथाली लेखिका की कहानी

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फिट रहने के लिए कैसा भोजन खाते हैं आदिवासी खिलाड़ी?

खिलाडिय़ों की उर्वर भूमि झारखंड कैसे-कैसे व्यंजनों और सब्जियों के जरिए अपने यहां की प्रतिभाओं का पोषण करती है, उन्हें स्फूर्ति देती है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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ये कैसी सख़्त नियम वाली कुश्ती खेलते हैं मिज़ो लोग?

दुनिया भर में अलग-अलग तरह से कुश्ती खेली जाती है और हर जगह के अपने अपने नियम होते हैं। इसी प्रकार मिज़ोरम भी है, जहां के लोग स्वदेशी इनबुआन कुश्ती खेलते हैं। कैसे खेला जाता है यह खेल, अखाड़े से लौटकर बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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गरीबी के खिलाफ कैसे लड़ीं और जीतीं आदिवासी महिलाएं

ओडिशा के आदिवासी गांवों में महिलाएं अब आर्थिक मदद के लिए किसी का मुंह नहीं ताकतीं। वे व्यवस्थित तरीके से गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं व साहूकारी से लड़ रही हैं, बता रहे हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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ओडिशा के आदिवासी थिएटर कलाकारों का उभरना और फिर गर्दिश में खो जाना

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों को थिएटर ने पहचान दिलाई, लेकिन किसी ने रोजी-रोटी के संकट तो किसी ने अन्य कारणों से अपना रास्ता ही बदल लिया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक गैर सरकारी संगठन अब उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर निखारने की कोशिशों में जुटा है। बता रहे [...]

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पूर्वोत्तर में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को बचाने की आदिवासी चिकित्सकों की मुहीम

आदिवासियों की प्राचीन प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टर भले ही अब कम होते जा रहे हैं, लेकिन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों एवं अनेक बीमारियों में कारगर इलाज को लेकर उनके गहरे ज्ञान से कोई इंकार नहीं कर सकता। ऐसे ही कुछ डॉक्टर किस प्रकार पारम्परिक [...]

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census
2011

Andaman and Nicobar Islands Chief Secretary Chandra Bhushan Kumar on Tuesday handed over voter ID cards to the members of the Jarawa tribe at their settlement in Jirkatang in South Andaman district. The tribe is categorised as a Particularly Vulnerable [...]

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खरसावां शहीद स्मारक को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिलाएंगे: हेमन्त सोरेन

1 जनवरी 1948 को तत्कालीन खरसावां का उड़ीसा राज्य में विलय के विरोध में इकट्ठे हुए हजारों आदिवासियों पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए। आधिकारिक तौर पर 35 आदिवासियों के मरने की पुष्टि की गयी हालांकि अलग-अलग आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या कई [...]

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इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने पर्यटन गाइड बन आदिवासी जीवन को दुनिया के समक्ष लाने का बीड़ा उठाया है

उनके पिता आधिकारिक दौरों पर बस्तर के सुदूर गांवों में जाया करते थे। पिता के जरिए ही आदिवासियों में उनकी रुचि जगी। आज वह पर्यटकों को आदिवासी संस्कृति से रूबरू करा रही हैं और पर्यटन को लेकर महिलाओं का नजरिया बदलना चाहती हैं । इस बारे में उन्होंने The [...]

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कभी थी पुलिस उनके पीछे, आज पुलिस बन वे नक्सलियों के पीछे

कभी पुलिस उनका पीछा किया करती थी, आज वे खुद पुलिस की वर्दी में प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के खिलाफ अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। वे शीर्ष नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विजय सिंह ठाकुर लाए हैं ऐसे ही दो [...]

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप पर 17 साल बाद आदिम जनजाति युवक को मिला न्याय

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री को सूचित करते हुए उपायुक्त लातेहार ने बताया कि युवक को शिक्षा विभाग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। The Indian Tribal की report

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हेमन्त सरकार का 11697.45 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश

महिलाओं, युवाओं, किसानों पर विशेष ध्यान। नए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में एक मजबूत एवं स्थिर सरकार के गठन का जनादेश जनता ने दिया है, हम जनादेश का सम्मान करते हुए जन-आकांक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हैं। सुधीर कुमार मिश्रा [...]

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आदिवासियों के लिए कर्मा पूजा का क्या है महत्व?

क्या आप जानते हैं कि कर्मा या कर्म वृक्ष (नौक्लिया परविफोलिया) की तीन शाखाएं आंगन की मिट्टी में अथवा गाँव के अखरा और सामुदायिक केंद्र में क्यों लगाई जाती हैं? The Indian Tribal की रिपोर्ट में है इसका विस्तृत जवाब

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अहोवी : मेघालय की संस्कृति का दूत गारो बैंड

गारो लोकगीत और संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहा है सात सदस्यों वाला फोक फ्यूजन बैंड। शुरू में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ यह बैंड आज अपने अनूठे संगीत के माध्यम से नई पहचान गढ़ता जा रहा है। बैंड और इसके सदस्यों की संघर्षपूर्ण यात्रा के बारे में [...]

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बिरसा मुंडा के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए: मंडाविया

छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर में जनजातीय गौरव दिवस (नवंबर १५) के उपलक्ष्य में माटी के वीर पदयात्रा का भव्य आयोजन केंद्रीय श्रम और रोजगार एवम युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में गुरुवार को हुआ।। The Indian [...]

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मोबाइल रेडियो ने उठाया असुर भाषा को बचाने का बीड़ा

पिछले तीन वर्षों से सबसे प्राचीन और कमजोर जनजातीय समूहों में से एक की लुप्तप्राय असुर भाषा को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की अनूठी पहल शुरू की है झारखंड के स्वदेशी मोबाइल रेडियो ने। क्या है यह पहल, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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लंदन की धरती पर बिखेरी झारखंड के सांस्कृतिक रंगों की छटा

झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 90 किलोमीटर दूर एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाली आर्टिस्ट ने राज्य सरकार की छात्रवृत्ति के जरिए अपने सपनों को उड़ान दी और ब्रिटेन के डॉकलैंड्स के ईस्ट लंदन यूनिवर्सिटी पहुंच मचा दी हलचल। सुधीर कुमार मिश्रा से इस [...]

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क्या बैंक की नोकरी छोड़ खेती करने का निर्णय सही था?

सुगंधित पौधों की खेती करने के लिए उन्होंने बेझिझक होकर बैंक की अपनी पक्की नौकरी छोड़ दी। इन सुगंधित पौधों का तेल बाजार में महंगे दामों पर बिकता है। ऐसे में अब एक साल बाद क्या उन्हें अपने फैसले पर पछतावा है? निरोज रंजन मिश्र के [...]

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आप अपना समर्थन आदिवासी लड़ाकू सीएम को दें: कल्पना सोरेन

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन ने गढ़वा में मइयां सम्मान यात्रा का मोर्चा संभाला। वहीँ मुख्यमंत्री ने खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड में आयोजित "आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम में सरना धर्म कोड के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी अस्मिता की रक्षा सिर्फ भाजपा कर सकती है: जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा परिवर्तन यात्रा की शुरुआत अमित शाह जी ने संथाल से शुरू की। मुझे यहां मौका मिला। यात्रा झारखंड में परिवर्तन लायेगी । ये यात्रा आदिवासी हक हुकूक की सुरक्षा, उनके अस्मिता की रक्षा की यात्रा है। आदिवासी जमीन की लूट रोकने की [...]

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लाख उत्पादों के व्यावसायिक विकास से आदिवासियों के जीवन-स्तर में सुधार होगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, (आईसीएआर), रांची के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लाख का उत्पादन मुख्य रूप से जनजातीय समाज द्वारा किया जाता है और यह उनके आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लखपति दीदी के बजाय [...]

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जाउआ उठा के साथ श़ुरू हुआ करम पर्व उत्सव 

झारखंड में करम पूजा का उल्लास नजर आने लगा है। इस वर्ष करम पूजा 14 सितंबर को विधि-विधान के साथ आयोजित की जाएगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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मुनाफे ने बदला आदिवासी किसानों का मन, खेत-खेत नजर आ रही लेमनग्रास

कपास की खेती में लगातार हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए ओडिशा के कोरापुट में आदिवासी लोग धीरे-धीरे अब लेमनग्रास की खेती की तरफ मुड़ रहे हैं। कपास के मुकाबले यह अधिक लाभ दे रही है किसानों के बदलते मिजाज पर निरोज रंजन मिश्र की विस्तृत रिपोर्ट

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प्रोजेक्ट उत्कर्ष: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स की हॉकी टीमों का शानदार प्रदर्शन

आदिवासी-बहुल खूँटी जिले में यह प्रोजेक्ट उपायुक्त के निर्देश पर सफलतापूर्वक चलायी जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें उच्च स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करना है। विजेता टीमें अब राष्ट्र स्तर पर आयोजित नेहरू कप में भाग लेंगे। The Indian Tribalकी [...]

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आधुनिक खेलों की चमक में गुम हुआ यह दिलचस्प आदिवासी खेल

आदिवासियों का बहुत ही मनोरंजक खेल कटी अब धीरे-धीरे मैदानों से गायब हो रहा है। इसे ओडिशा के मयूरभंज जिले और झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में संथाल आदिवासी जनजातियों के युवा खेलते हैं, लेकिन इस पारंपरिक खेल पर प्रमुख खेल क्लबों और राज्य सरकारों की उपेक्षा भारी पड़ [...]

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की

राखी के ठीक पहले शुरू हुए इस योजना के तहत अब झारखंड की 21 से 50 वर्ष की सभी पात्र महिलाओं को हरेक वर्ष मिलेगी 12 हजार रुपए सम्मान राशि। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से पाकुड़ जिले की 81 हजार [...]

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चम्पाई ने जेएमएम से अलग होने का निर्णय सार्वजनिक किया, हेमंत द्वारा अपमानित होना वजह बताई

खुली चिट्ठी में चम्पाई ने गिनाये अपमानित होने वाले वाकये। पूछा कि क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति (हेमंत) रद्द करवा दे? पार्टी की कार्यशैली पर भी बातों ही बातों में सवाल खड़े किये। सभी [...]

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जनता से किये हर वादे को पूरी संजीदगी से निभाने का प्रयास कर रहे हैं: हेमंत सोरेन

अगले कुछ महीनों में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोरहाबादी में आयोजित राजकीय मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की साढ़े चार वर्षों की उपलब्धियां गिनाई। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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देश की नई रग्बी स्टार हैं ये आदिवासी लड़कियां

ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले में बहुत ही गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाली ये लड़कियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदेश और क्षेत्र-समाज का नाम रोशन कर रही हैं। इन उभरते सितारों और इन्हें गढ़ने वाली शख्सियत से रूबरू करा रहा है The Indian Tribal [...]

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संथाल परगना की डेमोग्राफी में बदलाव भयावह: आशा लकड़ा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमान संथाल परगना की भोली-भाली आदिवासी युवतियों से शादी कर डेमोग्राफी को चेंज कर रहे हैं। उन्होंने संथाल के जिलों का भ्रमण कर वहां की स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है जिसे आयोग को सौंपी [...]

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कभी थे लोक नर्तक, अब फ्यूजन बैंड के सितारे

धीरे-धीरे लुप्त हो रही संगीत की विरासत को बचाने-सहेजने के लिए कुछ करने के अहसास ने सिक्किम के दो भाइयों- किंगचुम और नामचुंग को लेप्चा लोक फ्यूजन बैंड बनाने को प्रेरित किया और आज दोनों संगीत के फलक पर सितारों की मानिंद चमक रहे हैं। उनकी प्रेरक कहानी [...]

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सूखते जंगलों को 35 वर्षों से जीवन देने में जुटे आदिवासी

हरियाली खत्म होने के कारण जब हर तरफ उजाड़ सा नजर आने लगा, जंगलों की जान सी निकलने लगी, तो ग्राम सभाओं ने पहल कर 1989-90 में पौधे लगाने शुरू किए। आज लगभग 35 वर्ष हो गए, पौधारोपण अनवरत जारी है। एनजीओ एफईएस के आने से यह अभियान [...]

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सूखे बुंदेलखंड को अपनी विरासत का मोह

मध्य प्रदेश के छतरपुर और दमोह जैसे जिलों में आदिवासी भले पानी की कमी और गरीबी से जूझ रहे हों, लेकिन वे अपने घरों की दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों के आसपास के क्षेत्र को भित्तिचित्रों के माध्यम से सुंदर रूप देना नहीं भूलते। उनकी इसी रचनात्मकता पर पेश [...]

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन इस खेल की जान है। प्रोयशी बरुआ की रिपोर्ट

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आदिवासी लड़कियों को रहता चांदनी रातों का इंतजार

ओडिशा में एक उत्सव ऐसा होता है, जिसे केवल लड़कियां ही मनाती हैं, लेकिन उसका आनंद सभी उठाते हैं। लोगों को फसल कटाई सीजन के खत्म होने का तो लड़कियों को चांदनी रातों का बेसब्री से रहता है इंतजार। निरोज रंजन मिश्र की खास रिपोर्ट

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यहां फसल की रखवाली करते हैं ‘बंदर’ 

बच्चों के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उन्हें फसल कटने के बाद खाली हुए खेतों में स्वतंत्र रूप से दौड़ने और खेलने के लिए छोड़ दिया जाए? ओडिशा के गांवों में ऐसे नजारे आम हैं। बच्चे फसल कटाई के बाद खेतों में करते हैं [...]

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झाड़ू से पैसा ‘समेट’ रहीं आदिवासी महिलाएं!

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर में तत्कालीन प्रभागीय वन अधिकारी की ओर से वर्ष 2018 में शुरू की गई एक पहल ने आदिवासी महिलाओं की जिंदगी बदल दी। आज वे अपने दम पर आजीविका कमा रही हैं। कैसे आया यह बदलाव? The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ में आदिवासी महिला गाइड ने बनाई अलग पहचान

कांगेर वैली में वह पर्यटकों की पसंदीदा गाइड है। हो भी क्यों नहीं? वह यहीं पली-बढ़ी है, इसलिए उसे प्रकृति और प्राकृतिक दृश्यों की बहुत गहरी समझ है। उसके और उसके काम के बारे में विस्तार से बता रहा है The Indian Tribal

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इस आदिवासी महिला फारेस्ट गार्ड ने मिसाल कायम की है

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के घने जंगलों में जान की बाजी लगाकर वनों और वन्यजीवों की रक्षा का अपना कर्तव्य निभा रही हैं यह 44 वर्षीय गोंड आदिवासी महिला। दो बच्चों की मां इस वन रक्षक की लगन और संघर्ष की कहानी लेकर आया है The Indian Tribal

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दो संथाली निर्देशकों की बाल फिल्मों ने मचाई हलचल

बच्चों पर आधारित उनकी लघु फिल्में न केवल समीक्षकों और सिने प्रेमियों द्वारा सराही गईं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन्होंने कई पुरस्कार बटोरे। इन सथाली फिल्मों के दोनों प्रतिभाशाली निर्देशकों से बात की निरोज रंजन मिश्र ने

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन अरुणाचल प्रदेश के इस जनजातीय खेल की जान है, बता रही है प्रोयशी बरुआ

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ग्रामीण विकास विभाग के हर ठेके में मंत्री आलमगीर आलम का कमीशन 1.5 फ़ीसदी तय था: ईडी

आलमगीर को 10 दिनों के रिमांड पर लेने की अर्ज़ी देते हुए ईडी ने यह भी दावा किया कि उनके आप्त सचिव संजीव लाल के गृह सहायक के यहां से बरामद 32.2 करोड़ रुपये आलमगीर आलम के ही हैं। कोर्ट ने मंत्री को 6 दिनों के लिए [...]

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ज़ेरोन की तमन्ना है कि…विश्व पटल पर छा जाए लेप्चा संगीत

तीन भाषाओं में आदिवासी रीति-रिवाजों को समकालीन पश्चिमी शैली से जोडक़र पेश करना इस आदिवासी गायिका का हुनर है। जो उन्हें सुनता है, दीवाना हो जाता है। सुरीली आवाज की मल्लिका के बारे में विस्तार से बता रही हैं नीलांजना राय

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आदिवासी बच्चों का भविष्य निखार रहा सीसीएल का ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’

कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की सीएसआर पहल फुटबॉल का शौक रखने वाले होनहार खिलाडिय़ों खासकर आदिवासी बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। एनजीओ आशा के निमंत्रण पर The Indian Tribal के संस्थापक-संपादक एम. मधुसूदन ने ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’ पर करीब से [...]

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ओडिशा में हर तरफ मटिगन की गूंज

कोंध आदिवासी लोग चैत्र मास के दौरान संगीत और नृत्य के साथ अपने भगवान की पूजा करते हैं। क्या युवा, क्या बुजुर्ग सभी इस उत्सव में उत्साह से भाग लेते हैं। खूब दावतों का दौर चलता है। निरोज रंजन मिश्र इस उत्सव पर विस्तार से प्रकाश डाल [...]

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आदिवासी दंत चिकित्सक को जुनून अपनी संस्कृति और पारंपरिक जायकों के संरक्षण का

अपने पायलट पति अभिषेक के साथ मिलकर राज्य की राजधानी रांची से लगभग 64 किलोमीटर दूर खूंटी में ‘द ओपन फील्ड’ फार्म-टू-टेबल रेस्टोरेंट चला रही इस बहुमुखी प्रतिभा की कहानी लेकर आए हैं सुधीर कुमार मिश्र

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डॉक्टर नहीं बने तो क्या, समुद्री वैज्ञानिक बन की नई-नई खोज

गरीबी ने इस संथाली आदिवासी को सर्जन तो नहीं बनने दिया, परंतु वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने समुद्री जीवन में कई खोज कर ख्याति हासिल की। विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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ज़िंदगी के उतार चढ़ाव से जूझते आदिवासी चित्रकार ने उकेर डाली अपनी अलग कहानी

गरीबी और नाकामियां भी मजदूर परिवार में जन्मे बारीपदा के आदिवासी चित्रकार का हौसला नहीं तोड़ पाईं। कला के प्रति जुनून ने उन्हें रास्ते के कांटों की चुभन को महसूस ही नहीं होने दिया। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं कैसे यह कलाकार आज अपनी मेहनत के फल [...]

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ऊंची उड़ान भरने को बेताब ‘उड़ान’

बस्तर जिले के कोंडागांव में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने मिलकर संस्था ‘उड़ान’ बनाई। अपने अस्तित्व के तीन सालों में ही यह संस्था ऊंची उड़ान भरने को बेताब है। महिलाओं के शानदार प्रयासों पर The Indian Tribal  की रिपोर्ट

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कहां खो गई बस्तर की प्रसिद्ध तूमा शिल्प

सूखी लौकी से बने सुंदर लैंप और पानी रखने के मजबूत बर्तन कभी छत्तीसगढ़ की शान हुआ करते थे। सदियों पुरानी यह तूमा शिल्प अब धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। The Indian Tribal की खास रिपोर्ट

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ओडिशा के इस आदिवासी युवक की बात ही कुछ और है

वुशु, किकबॉक्सिंग और थाई बॉक्सिंग में खूब नाम कमाने के बाद 17 वर्षीय भुइयां लडक़ा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाने के लिए इंडोनेशियाई पेनकैक सिलाट की ओर मुड़ गया है। क्या हैं उसके इरादे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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बच्चे के जन्म के दो दिन बाद 200 किमी दूर जाकर दी परीक्षा, बनी जज

एक एम्बुलेंस ड्राइवर से उनकी शादी कर दी गई पर इसके बावजूद वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटीं। आज वह अपने समुदाय की पहली सिविल जज है। THE INDIAN TRIBAL की रिपोर्ट

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झारखंड में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना शुरू, नागरिकों को मिलेगी फ्री बस सेवा

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रांची, लोहरदगा और गुमला जिला में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत 83 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही अबुआ आवास योजना के लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरित किए। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पारंपरिक पोशाक से क्यों मुंह मोड़ रहीं ये महिलाएं

महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय में बुजुर्ग महिलाएं तो अपनी सदियों पुरानी पोशाक आज भी पहनती हैं, लेकिन नई पीढ़ी की पसंद बदल रही है। इसी सामाजिक बदलाव पर द इंडियन ट्राइबल की रिपोर्ट

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अलसी उत्पादन का हब बना कोरापुट

उच्च पोषण, औषधीय और व्यावसायिक दृष्टि से बहुमूल्य अलसी ओडिशा के हजारों आदिवासी किसानों की आजीविका का सहारा बन गई है। सरकार जिस तरह बाजरा मिशन के तहत बाजरे की खेती को बढ़ावा दे रही है, यदि उसी प्रकार अलसी पर भी ध्यान दे तो यहां के किसानों [...]

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कान्हा टाइगर रिजर्व – ढलानदार छत वाले खूबसूरत घरों में बसी आदिवासी संस्कृति

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास दूर तक फैली हरियाली से घिरे कच्ची मिट्टी से बने ढलान वाली छत के दो मंजिले खूबसूरत घर हर किसी का मन मोह लेते हैं। पेश है The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आईटीडीए ने बदल दी किसानों की किस्मत

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के दूरदराज गांवों के किसान सरकारी योजनाओं के जरिए न केवल बेहतर फसलें ले रहे हैं, बल्कि उनसे मोटा मुनाफा कमाकर आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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आदिवासियों की ‘हॉकी’ को बचाने की जद्दोजहद

जनजातीय समुदाय के लोगों के मनोरंजन का बेहतरीन साधन सदियों पुराना पारंपरिक खेल फोड़ी अब विलुप्त होता जा रहा है। झारखंड में स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कुछ सामाजिक संगठन इस खेल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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कपड़ों में रंगों को लेकर इतने संवेदनशील क्यों त्रिपुरा के लोग

त्रिपुरा की सभी जनजातियों की पोशाक अनूठी होती है, जहां कपड़े ही नहीं, रंग का भी बहुत महत्व होता है। त्रिपुरी महिलाओं को क्या-क्या पहनना पसंद है, उनसे बातचीत के आधार पर यहां बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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कचरे से भी सजावट, क्या हुनर है!

कपास के कचरे से, जी हां कपास के कचरे से सजावटी और दैनिक उपयोग में काम में आने वाली वस्तुएं बनती हैं। कचरा भी सिमटता है और आमदनी भी होती है। ओडिशा भर में सौ से अधिक आदिवासी महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर संदेश देती हैं [...]

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झारखंड में आदिवासियों-दलितों को वृद्धावस्था पेंशन अब 50 साल से ही: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा ऐसा इसलिए किया जायेगा क्यूँकि उनमें मृत्यु दर अधिक है और उन्हें 60 साल के बाद नौकरी नहीं मिलती है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति और हिंदू पुराण से असमिया संस्कृति का गहरा जुड़ाव

असम के आदिवासी समुदायों की लोक विरासत पर प्रकृति एवं हिंदू पौराणिक कथाओं का बड़ा गहरा प्रभाव है। यह कहने में कोई आपत्ति नहीं कि यह उत्तर-पूर्वी राज्य लोक परम्पराओं का स्वर्ग है। इस लोक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाल रही हैं प्रोयशी बरुआ

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अब संघ लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग संताली भाषा में

शुभारंभ 27 दिसम्बर को होगा और इच्छुक छात्र छात्राएं डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान की वेबसाईट से या दूरभाष से ले सकते हैं जानकारी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सुरक्षित महावारी के लिए अनूठा मिशन

मासिक धर्म के दौरान ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 26 वर्षीय कोंध युवक अपनी पंचायत में सैनिटरी पैड के उपयोग का महत्व समझाने के मिशन पर निकला है। निरोज रंजन मिश्रा बता रहे हैं उसकी कहानी

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धान के दाने पर जादूगरी दिखाता है ये शिल्पकार

अपने समकालीन कलाकारों के विपरीत नबरंगपुर के इस भोत्रा आदिवासी ने अपने डिजाइनों में अलग छाप छोडऩे एवं कुछ नया करने के लिए अपना कौशल लगातार निखारा। लीक से हटकर कुछ खास करने वाले धान शिल्पकार पर निरोज रंजन मिश्रा की रिपोर्ट

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फिल्मों के जरिए आदिवासी मुद्दों को बहस के केंद्र में ला रहीं कैरी

उगते सूरज की धरती पर तमाम सामाजिक मुद्दों पर विचारोत्तेजक कार्य कर वह अलग छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने राज्य के फिल्म निर्माताओं के समूह- द अरुणाचल फिल्म कलेक्टिव की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोयशी बरुआ बयां कर रही हैं युवा आदिवासी फिल्म निर्माता कैरी [...]

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दवाओं के लिए आदिवासियों ने दिखाई वैज्ञानिकों को राह

ओडिशा में आदिवासियों की रसोई में पाए जाने वाले पांच किस्म के जंगली फूल पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फूलों की खाने के साथ-साथ औषधीय उपयोगिता के बारे में विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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जीवन जीने का तरीका बदल रही आदिवासी योगिनी

वह वनस्पतिशास्त्री बनने का सपना देखा करती थी, लेकिन योग से प्यार हो गया। फिर क्या था, ऐसी तल्लीनता से योग को अपनाया कि विश्व रिकॉर्ड धारक बन गई। राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार अपने नाम किए। इस गोंड लडक़ी के संघर्ष एवं उपलब्धियों का वर्णन कर [...]

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पश्चिमी डांस के शोर में कथक सिखा रहीं आदिवासी नृत्यांगना

ऐसे दौर में जब अधिकांश युवा पश्चिमी डांस की ओर आकर्षित हो रहे हैं, 40 वर्षीय नृत्यांगना भारतीय शास्त्रीय नृत्य-संगीत के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं। संभवत:कथक की पहली आदिवासी नृत्यांगना से परिचय करा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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नक्सली गढ़ से पर्यटन हब तक, बदलाव की ओर बस्तर

एक समय था जब छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला नक्सली गढ़ के रूप में कुख्यात था, लेकिन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी आदिवासी जीवनशैली के लिए अब पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति के साथ मीठे सुर छेड़ते ये घुमंतू आदिवासी

जम्मू और कश्मीर की पहाड़ी ढलानों पर घूमते चरवाहों के एकांत का साथी होता है संगीत। THE INDIAN TRIBAL इन आदिवासी खानाबदोश लोगों के कुछ विशेष संगीत यंत्रों के बारे में लाया है जानकारी

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अनूठा स्कूल लगा रहा आदिवासी बच्चों के सपनों को पंख

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के सुरम्य चंदेनार गांव में स्थित स्कूल गोंड और हल्बी जातियों के बच्चों को वैकल्पिक शिक्षा का सबसे सुलभ और बेहतरीन माध्यम है। विस्तृत जानकारी लाई हैं दीपान्विता गीता नियोगी

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कभी चखे हैं पूर्वोत्तर के ये स्वादिष्ट व्यंजन?

पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाली तमाम जनजातियां स्वादिष्ट और दिलचस्प व्यंजनों के लिए जानी जाती हैं। विशेष बात यह कि उनके ये अलग तरह के भोजन मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर पाई जाने वाली सामग्री से तैयार होते हैं। प्रोयाशी बरुआ लेकर आई हैं कुछ पसंदीदा रेसिपी। [...]

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“डीवीसी का हाइडल पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट लुगु पहाड़ पर लगने नहीं दिया जायेगा”

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (टीएसी) की 26वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पीछे देखने के बजाय, आगे बढ़ने पर ज़ोर: हेमन्त

झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यहाँ के आदिवासी-मूलवासी पिछड़ा रहने को मजबूर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पे निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने राज्य को पिछड़ा बनाया उन्हें जनता ने सजा देने का काम किया है। इस [...]

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आदिवासियों का पसंदीदा पेय सल्फी पिया क्या?

महुआ छत्तीसगढ़ का पवित्र वृक्ष माना जाता है और इसकी शराब आदिवासी बहुल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन इसी प्रकार का एक और पेय सल्फी भी आदिवासी लोगों में खूब लोकप्रिय है। इस पेय के बारे में अधिक जानकारी लेकर आये हैं The Indian Tribal

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अपने दम पर फहराया मिज़ो आर्ट का झंडा

किसी भी कलाकार को पारंपरिक कला की शब्दावली और उसके असंख्य रूपों की समझ होना बहुत जरूरी है। ऐसे ही गुणों से संपन्न, पुरस्कार विजेता और मिज़ोरम में आर्ट गैलरी चलाने वाली एकमात्र महिला कलाकार के बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मिठाई ही नहीं, सांप-बिच्छू के काटे की दवा भी

साधारण सी कंद से अनूठी स्वादिष्ट मिठाई तो बनती ही है, आदिवासी लोग इसका उपयोग सांप, गिलहरी या चूहे के काटने पर दवा के रूप में भी करते हैं। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं इस कंदमूल के बारे में

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झारखण्ड बनाएगा अपना ट्राइबल डिजिटल एटलस

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर बनने वाले इस एटलस में प्रथम चरण में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय (PVTG) पर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य है जिसके अन्तर्गत इस समुदाय का बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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अहा! पीढिय़ों से पसंदीदा मिठाई पीठा

त्योहारों, ख़ास कर, दुर्गा पूजा के समय पीठा आमतौर पर पूरे पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में बनाया जाता है। लेकिन बंगाल के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में यह थोड़ा अलग तरह से तैयार किया जाता है। इस जायकेदार मिठाई के बारे में अधिक जानकारी लेकर आई हैं एस. [...]

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मणिपुर में जातीय संघर्ष को नजरअंदाज करना हुआ खतरनाक

भारत के सबसे उग्रवाद प्रभावित प्रदेश मणिपुर में जातीय दुराव या संघर्ष को कम करके आंकने का ही परिणाम है कि वहां महीनों से हिंसा काबू में नहीं आ रही है। लगभग 15 संगठन जनजाति और समुदाय के आधार पर आपस में खूनखराबा करते रहे हैं। मृत्तिका जैन [...]

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इंद्रावती टाइगर रिजर्व के जनजातीय हीरो

पिछले एक साल से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में गश्ती गार्ड के रूप में कार्यरत स्थानीय आदिवासी युवाओं ने दीपान्विता गीता नियोगी को बताया कि वे कैसे काम करते हैं और उनके सामने इस दौरान क्या-क्या चुनौतियां पेश आती हैं।

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राजस्थानी जनजातीय कला मांडना पर शहरीकरण की छाया

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस रेगिस्तानी राज्य के कच्चे घरों के धीरे-धीरे पक्के मकानों में तब्दील होने के कारण मांडना कला अब विलुप्त होती जा रही है, बता रही हैं दीपन्विता गीता नियोगी

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असम में मजबूत कद-काठी का दूल्हा चाहिए, तो ये खेल देखो

असम के कई आदिवासी गाँवों में इस खेल में बुजुर्ग अपनी बेटियों या पोतियों के लिए मजबूत कद-काठी वाला दूल्हा तलाशते हैं। कुछ अमीर और समृद्ध किसान अपने खेतों में मजदूरी के लिए बलशाली युवाओं को भी इसी खेल के माध्यम से छांट लेते हैं। क्या है यह [...]

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आदिवासी कार्टूनिस्ट ने बनाई अपनी विशेष पहचान

एक बढ़ई परिवार से आने वाले इस भूमिजा आदिवासी ने न केवल एक कार्टूनिस्ट के रूप में अपनी पहचान बनाई बल्कि ओडिशा कार्टूनिस्ट अकादमी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरोज रंजन मिश्रा लाए हैं ओडिशा के एकमात्र आदिवासी कार्टूनिस्ट की कहानी

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झारखण्ड के जरूरतमंद लोगों के लिए नयी अबुआ आवास योजना, मुख्यमंत्री सोरेन का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगले दो वर्षों में 15000 करोड़ से ज्यादा खर्च कर राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। The Indian Tribalकी [...]

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बाल विवाह के खिलाफ जुनूनी महिला ने खड़ा कर दिया आंदोलन

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ एक 29 वर्षीय महिला ने मोर्चा संभाला हुआ है। जहां से भी बाल विवाह की खबर मिलती है, वह वहां पहुंच कर उसे रुकवा देती हैं। उसके इस मुहिम और उसकी चुनौतियों के बारे बता [...]

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आदिवासियों की आईडेंटिटी बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दो दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव का समापन बड़े ही धूम धाम से हुआ। दिव्यांगों के फैशन शो से लेकर मंत्रमुग्ध कर देने वाली लेज़र शो तक, विभिन्न राज्यों के आदिवासी लोक नृत्यों से लेकर प्रसिद्ध लोक गायकों की प्रस्तुति तक -- दर्शकों ने पूरा लुत्फ़ उठाया। इस [...]

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झारखंड आदिवासी महोत्सव में भव्य फिल्म फेस्टिवल का भी होगा आयोजन

राज्य की परंपराओं, संघर्षों और इतिहास जानने का अवसर देगा फिल्म फेस्टिवल। झारखण्ड के उभरते युवा फिल्म निर्माताओं को मिलेगा मंच। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी कला संस्कृति से गुलजार होगा बिरसा मुण्डा स्मृति उद्यान

विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में दो-दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव-२०२३ का आयोजन रांची में किया जा रहा है। इसमें झारखंड के अलावा अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, राजस्थान के जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि भी अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराएंगे। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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साहित्य महोत्सव में झारखंड की आदिम जनजाति की असिंता असुर करेंगी काव्य-पाठ

मात्र आठवीं तक शिक्षित असिंता अपने परिवार के साथ पहले रांची में मजदूरी करती थीं। भोपाल में 3 से 6 अगस्त तक चलने वाले उन्मेष अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट  

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असम की आदिवासी महिलाओं ने पानी पर खींच दी सशक्तिकरण की लकीर

उत्साही और जिम्मेदार महिलाओं के इस समूह ने अपने गांव के प्रत्येक घर में स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभियान चलाया और कामयाबी पाई। यह सब कैसे किया, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मेघालय के इस खेल में पुरस्कार में मिलते हैं चावल, आलू और मुर्गियां

लगभग 400 साल पहले इस स्वदेशी खेल की उत्पत्ति मानी जाती है और आज भी यह जैन्तिया, खासी और गारो पहाड़ी जनजातियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। क्या है यह खेल, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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तारेंगा जैसे लोग हों, तो क्यों न भागे भय का भूत

कौन हैं कोंध आदिवासी तारेंगा मांझी, जिन्होंने ओडिशा में चार साल की कड़ी मेहनत से हर बाधा को पार करते हुए अपने समुदाय के लोगों को टीकाकरण के लिए राजी किया? इनकी कहानी लेकर आए हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई थी आदिवासियों की हूल क्रांति

झारखण्ड में जून 30 हूल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1855 में चार संथाल भाइयों और दो बहनों ने अंग्रेजी साम्राज्य की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सशस्त्र विदोह का बिगुल फूँका था और पारम्परिक हथियारों से लैस हज़ारों आदिवासियों का नेतृत्व किया था। पर [...]

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सैकड़ों अनाथ बच्चों व महिलाओं के लिए बनीं उम्मीद की किरण

महिलाओं और बच्चों के सामाजिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली एनके केनी नागालैंड में सैकड़ों अनाथ बच्चों और महिलाओं के लिए आशा की नई किरण बन गई हैं। बता रहीं हैं प्रोयाशी बरुआ

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राष्ट्रपति से मिलेंगे आदिम जनजाति समुदाय के लोग

जून 10-13 के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न राज्यों के विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह या आदिम जनजाति समुदाय के 1500 लोगों से राष्ट्रपति भवन में मिल रही है, The Indian Tribal की रिपोर्ट

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तीरंदाज को बाधाओं ने घेरा तो रास्ता बदल कर साधा सफलता पर निशाना

एक होनहार संथाल खिलाड़ी को प्रारंभिक दौर में ही कंधे में दर्द उठने के कारण तीरंदाजी करियर को विराम देना पड़ा, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और कोच के रूप में खूब नाम कमाया। इस प्रतिभावान खिलाड़ी के संघर्ष और सफलता की परतें खोलकर लाए हैं निरोज मिश्रा

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जादू सा बिखेर देती है आदिवासी गायिका की आवाज

अपने लोकगीतों से सरस्वती ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में खूब नाम कमाया। लेकिन, यह मंजिल इतनी आसान भी नहीं रही। कैसे एक चमत्कार से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई और कैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। नीरोज रंजन मिश्रा को सरस्वती ने सुनाई दिल [...]

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प्रधानमंत्री ने आदिवासी-बहुल खूंटी के बोरीबांध की प्रशंसा की

अपने मासिक मन की बात में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए झारखण्ड के खूंटी के लोगों की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने देश को बताया कि कैसे खूंटीवासियों ने पानी के संकट से निपटने के लिए जन भागीदारी से बोरीबांध का रास्ता निकाला है, [...]

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15 हज़ार जनजातीय महिलाओं के साथ संवाद करेंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को खूंटी (झारखंड) में महिलाओं के साथ जो संवाद करेंगी उसका उद्देश्य राज्य भर में स्वयं सहायता समूहों में जनजातीय महिलाओं के लिए आजीविका और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है, सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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इस थिएटर ग्रुप ने देश में बजाया आदिवासी नाटकों का डंका

बिल्कुल स्वदेशी शैली में प्रस्तुति देने वाले मैदी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ ट्राइबल्स (एमएएटी) ग्रुप की लोकप्रियता कैसे झारखंड से लेकर दिल्ली, केरल, ओडिशा और असम समेत दूसरे राज्यों तक फैल रही है, निरोज रंजन मिश्रा से विस्तृत बातचीत में स्वयं बता रहे हैं ग्रुप के निर्देशक और लेखक [...]

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दुर्गम क्षेत्रों में जीवन डोर बनी बाइक और वैन एम्बुलेंस

ओडिशा के कंधमाल जिले में 650 से अधिक गांवों में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों विशेषकर आदिवासियों के लिए अनोखी बाइक एम्बुलेंस और डिलीवरी वैन सेवा वरदान साबित हो रही है। कैसे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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क्या 2030 तक मलेरिया मुक्त हो जाएंगे आदिवासी क्षेत्र?

मलेरिया उन्मूलन के लिए भारत के मिशन 2030 का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब आदिवासियों के मूल निवास जंगली क्षेत्रों में इस बीमारी को नियंत्रित किया जाए। मिशन की स्थिति और आवश्यकता पर The Indian Tribal की स्पेशल रिपोर्ट

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झारखंड में सबसे पहले किसने देखे भगवान हनुमान?

देश के इस हिस्से में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों ही समुदायों के लोगों का मानना है कि भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला जिले के अंजन गांव में हुआ था। भगवान राम के इस कट्टर भक्त से जुड़ी मान्यताओं के पीछे की कहानियां बयां कर रहे हैं [...]

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इस युवा आदिवासी रॉक बैंड ने बदलाव के सुर पकड़े और मचा दी धूम

सीमाई राज्य अरुणाचल प्रदेश में यह बैंड स्थानीय बोलियों एवं लोकधुनों को आधुनिकता का पुट दे रहा है । इस समर्पित संगीतकारों के समूह के प्रमुख किरदार डेविड एंगु से विस्तृत बातचीत की है प्रोयशी बरुआ ने

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झारखण्ड में विलुप्त होते पारम्परिक आदिवासी खेलों को बचाने की मुहिम

टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा कल्चरल सोसाइटी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके खेलों को फिर लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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गुजरात के ‘भूखे शेर’ को खा गए टेलीविजन और मोबाइल!

पश्चिमी राज्य में आदिवासियों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी खेले जाने वाले कुछ मनोरंजक, आसान और पारंपरिक खेल अब लुप्त हो चुके हैं। ऐसे ही एक खेल के बारे में बता रही हैं मयूरी दवे

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कुछ अलग ही हैं तीरंदाजी दत्शा डोको के नियम

कभी राजा-महाराजाओं द्वारा शुरू की गई तीरंदाजी खेल परंपरा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आज भी लोकप्रिय है। आदिवासी लोग बड़े शौक से इसमें हाथ आजमाते हैं। जितना रोचक यह खेल है, इससे अधिक रोचक हैं इसका स्कोरिंग सिस्टम। इस प्राचीन विशिष्ट खेल और इसके नियमों पर प्रकाश [...]

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…और उन्होंने कैनवस पर उम्र को अंगूठा दिखा दिया

सत्तर साल की परिपक्व उम्र में ब्रश थाम कर एक ही दशक में कैनवस पर नई इबारत गढ़ने वाली जोधैयाबाई बैगा को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 84 साल की बैगा पर The Indian Tribal की विशेष रिपोर्ट

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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अमर शहीद सिदो-कान्हू की धरती से मुख्यमंत्री सोरेन ने कई विकास योजनाओं की दी सौगात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने 753.92 करोड़ रुपए की 2080 योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास और राज्य के 9 जिलो में चलने वाले मीजल्स-रूबेला विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारम्भ

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एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुरमियों का आंदोलन

कुरमी समाज ने रेल की पटरियों व स्टेशनों पर दिया धरना। 69 ट्रेनें प्रभावित रहे। बंगाल के खड़गपुर के खेमाशुलि और आद्रा के कुसतौर स्टेशन पर दक्षिण पूर्व ट्रेनों को रद्द किया गया

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क्या है सरना और क्यों तेज हुई इसे धर्म बनाने की मांग?

आदिवासी समुदाय ने सरना को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला, बहुत ही आसान शब्दों में समझा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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क्या वाकई इस पहाड़ पर चढऩे से 10 साल बढ़ जाती है जवानी और उम्र?

इस 500 फीट ऊंची पहाड़ी से जुड़ी यही लोकप्रिय मान्यता हर साल सर्दियों के दौरान आदिवासियों को यहां खींच लाती है। क्या जवान क्या बूढ़े सभी का यहाँ लग जाता है जमघट, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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यहाँ आदिवासी समुदाय के खूबसूरत चांदी के आभूषण लुप्त हो रहे हैं

पुराने जमाने से जम्मू-कश्मीर की घुमंतू आदिवासी महिलाओं की शान रहे चांदी के आभूषण और उनके डिजाइन के महत्व, मान्यता और धीरे-धीरे विलुप्त होने के कारणों की पड़ताल करती THE INDIAN TRIBAL की विशेष रिपोर्ट

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नागालैंड का आदिवासी खेल: ग्रीस लगे चिकने खंभे पर चढ़े तो जानें

नागालैंड सरकार ऐसे स्वदेशी खेलों का प्रचार-प्रसार कर रही है जो कभी बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे और आज भी लोग उनमें रूचि लेते हैं। ऐसा ही एक खेल है ग्रीस लगे बांस पर चढऩा। इसके बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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क्या कभी लुगुबुरु घंटाबाड़ी गए हैं आप?

आदिवासी-बहुल राज्य झारखंड में यह संथालों का सदियों पुराना ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जो अब न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब लुभा रहा है। आखिर क्यों लोग यहां खिंचे चले आते हैं, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष

शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।

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कुड़मी को आदिवासी बनाने और यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध

झारखण्ड के आदिवासियों के 32 समुदायो के लोगों ने और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी बचाओ महारैली में हिस्सा लिया और पच्चीस प्रस्ताव पारित किये जिसमे पारसनाथ सहित आदिवासियों के सभी धार्मिक स्थलों को गैर आदिवासियों के कब्जे से मुक्त कराये जाने और आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण [...]

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मानकी, मुंडा, डकुआ को दोपहिया वाहन देगी हेमंत सरकार, बजट में की घोषणा

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के कोल्हान प्रमंडल में मुंडा, हो और भूमिज जनजातियों के पारंपरिक शासन व्यवस्था के अंग हैं मानकी, मुंडा और डकुआ।

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आदिवासी युवाओं के बिजनेस आइडिया को उद्यम में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए गुरु मंत्र

आठवें राष्ट्रीय आदिवासी उद्यमिता प्रशिक्षण अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत जनजातीय संसाधनों के आधार पर आदिवासी समुदाय के आदिवासी व्यवसाय और व्यापार को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उसकी रणनीति भी तैयार की जानी है।

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बहुत भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन और कलात्मक अभिव्यंजना

आदिवासी और लोक चित्रकारों की राष्ट्रीय शिविर विरले ही आयोजित होते हैं। पर झारखण्ड में दूसरी बार ऐसा आयोजन हुआ। इसका जायजा लिया सुधीर कुमार मिश्रा ने और बता रहे हैं कैसे कला की पाश्चात्य, अकादमिक और सैद्धान्तिक अवधारणाओं से भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन

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जो यहाँ का खतियानी है वही झारखंडी है: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

उन्होंने आज साफ़ कर दिया कि उनकी सरकार 1932 के खतियान के मामले में पीछे नहीं हटेगी और स्थानीयता बिल पर राज्यपाल की शंकाओं को दूर करेगी। राज्यपाल रमेश बैस ने स्थानीयता को लेकर झारखण्ड विधान सभा से पारित विधेयक को राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

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दिल के अरमान बाढ़ में ही बह गए

करीब सात लाख जनसंख्या वाले असम के धेमाजी जिले के जनजाति-बहुल समुदाय के लोगों की निजी ज़िंदगी न सिर्फ मुश्किलों भरी हैं बल्कि असामान्य भी है। बता रहीं हैं वहां का दौरा कर सीटू तिवारी

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बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

अपने खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लोगों को संबोधित किया तथा तमाम पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की।

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हुनरमंद हाथों का कमाल है इनके कपड़े और आभूषण

अरुणाचल प्रदेश जैसे सुरम्य राज्य के जनजातियों के लोग अपने पहनावे को लेकर बहुत सचेत होते हैं। इनके कपड़े बहुत ही सुंदर डिज़ाइन और अनूठी सामग्री से बने होते हैं, जो बरबस ही ध्यान खींचते हैं। कैसे बनते हैं ये और कौन बनाता है इन्हें, बता रही हैं [...]

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बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे: अशोक गहलोत

राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों के लिए समर्पित होगा और उसमें आदिवासी अंचल के विकास के लिए प्रावधान भी होंगे।

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नए साल की पार्टी में लीजिए आदिवासी व्यंजनों का स्वाद

यदि आप क्रिसमस और नए साल के खुशनुमा माहौल में बाहर कुछ अलग हटकर खाने के शौकीन हैं तो रांची के कई विशेष रेस्तरां आपका इंतजार कर रहे हैं, जहां झारखंडी आदिवासी स्वाद की एक से बढक़र एक वैरायटी आपको मिलेगी। सुधीर कुमार मिश्रा ऐसे ही कुछ व्यंजनों [...]

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आदिवासी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है हँड़िया

आम धारणा के विपरीत हँड़िया केवल एक मादक पेय पदार्थ ही नहीं है। यह ऊर्जावर्धक भी है और आदिवासी समुदाय की परंपरा का हिस्सा भी है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में हँड़िया के प्रचलन और इससे जुडी एक रोचक कहानी के बारे में बता रही हैं [...]

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बस्तर आदिवासियों की अपनी अलग दिवाली

चूँकि भारत विविधताओं भरा विशाल देश है, ज़ाहिर है यहाँ पर राष्ट्रीय तौर पर मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मनाने के तरीके और रीति रिवाज़ भिन्न होंगे। आईये जानते हैं कैसे बस्तर के आदिवासियों का दियारी तिहार सामान्य दिवाली से अलग है

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आदिवासी किसान पुत्री का साहित्यिक जगत में धमाकेदार पदार्पण

झारखण्ड की एक साधारण सी लडक़ी ने अपने पहले ही उपन्यास से साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार २०२२ जीत लिया है। सुधीर कुमार मिश्रा लेकर आए हैं इस ३२ वर्षीया संथाली लेखिका की कहानी

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फिट रहने के लिए कैसा भोजन खाते हैं आदिवासी खिलाड़ी?

खिलाडिय़ों की उर्वर भूमि झारखंड कैसे-कैसे व्यंजनों और सब्जियों के जरिए अपने यहां की प्रतिभाओं का पोषण करती है, उन्हें स्फूर्ति देती है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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ये कैसी सख़्त नियम वाली कुश्ती खेलते हैं मिज़ो लोग?

दुनिया भर में अलग-अलग तरह से कुश्ती खेली जाती है और हर जगह के अपने अपने नियम होते हैं। इसी प्रकार मिज़ोरम भी है, जहां के लोग स्वदेशी इनबुआन कुश्ती खेलते हैं। कैसे खेला जाता है यह खेल, अखाड़े से लौटकर बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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गरीबी के खिलाफ कैसे लड़ीं और जीतीं आदिवासी महिलाएं

ओडिशा के आदिवासी गांवों में महिलाएं अब आर्थिक मदद के लिए किसी का मुंह नहीं ताकतीं। वे व्यवस्थित तरीके से गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं व साहूकारी से लड़ रही हैं, बता रहे हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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ओडिशा के आदिवासी थिएटर कलाकारों का उभरना और फिर गर्दिश में खो जाना

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों को थिएटर ने पहचान दिलाई, लेकिन किसी ने रोजी-रोटी के संकट तो किसी ने अन्य कारणों से अपना रास्ता ही बदल लिया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक गैर सरकारी संगठन अब उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर निखारने की कोशिशों में जुटा है। बता रहे [...]

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पूर्वोत्तर में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को बचाने की आदिवासी चिकित्सकों की मुहीम

आदिवासियों की प्राचीन प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टर भले ही अब कम होते जा रहे हैं, लेकिन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों एवं अनेक बीमारियों में कारगर इलाज को लेकर उनके गहरे ज्ञान से कोई इंकार नहीं कर सकता। ऐसे ही कुछ डॉक्टर किस प्रकार पारम्परिक [...]

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census
2011

What started as a child’s curiosity with a paintbrush in a small tribal town of Udala has now transformed into a professional journey spanning over 200 projects nationwide. From Bhojpuri television sets to Odiya cultural festivals, he has redefined tribal artistry for [...]

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झारखण्ड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन को आदिवासी जमीन घोटाले में ७ साल की सजा

सीएनटी एक्ट उल्लंघन के 15 साल पुराने केस में रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 4 अन्य को भी 5-5 साल की सजा मिली है। विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी जमीन घोटाला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी समेत 10 दोषी करार, जानिए 15 साल पुराने केस की पूरी कहानी

झारखंड के बहुचर्चित सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी और कई अधिकारियों को दोषी ठहराया। जानिए कैसे की गई थी करोड़ों की जमीन खरीद और क्या है मामला। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन और भारत रत्न की बहस

भारत रत्न उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने राजनीति, समाज, साहित्य या विज्ञान के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी हो। अगर इसी कसौटी पर शिबू सोरेन को देखें, तो उनका योगदान किसी भी मायने में कम नहीं है।

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साहस, समर्थन और स्ट्रॉबेरी: ओडिशा के क्योंझर में आदिवासी किसानों की नई फसल क्रांति

ओडिशा के क्योंझर जिले में परंपरागत रूप से सब्जी की खेती करने वाले कई आदिवासी किसानों ने आईटीडीए के आग्रह पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू तो कर दी,  लेकिन झिझक भी रहे हैं। किसानों की हिचकिचाहट का कारण और नए प्रयोग में सफलता-असफलता पर निरोज रंजन मिश्र की [...]

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झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दशकर्म, संस्कार भोज संपन्न

उनके नेमरा, रामगढ़ स्थित आवास पर केंद्रीय रक्षा मंत्री और तेलंगाना के मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और दिशोम गुरु को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। भोज में हज़ारों-हज़ार की संख्या में ग्रामीण भी सम्मिलित हुए। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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वे सिर्फ मेरे ‘बाबा’ नहीं थे, मेरे विचारों की जड़ें भी थे: हेमन्त सोरेन

अपने पिता शिबू सोरेन को खो देने का दर्द समाये, उनके पुत्र और झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने 'बाबा' के सपने को पूरा करने का वादा किया। प्रस्तुत है हेमन्त का लिखा भावनात्मक नोट जिसे उन्होंने अपने X हैंडल पे साझा किया

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आदिवासी महोत्सव: झारखण्ड की सांस्कृतिक गरिमा, अस्मिता और आधुनिकता का होगा जीवंत प्रस्तुतीकरण

जनजातीय कलाकारों द्वारा झांकी के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी कला संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए रीझ रंग रसिका का प्रदर्शन विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक संपन्न होगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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आदिवासी महोत्सव 2025 के लिए जागरूकता रथ रवाना

राजधानी रांची से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना। पूरे राज्य में जन-जन तक पहुंचाएगा महोत्सव से जुड़ी जानकारी, महत्व और संदेश। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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विशुद्ध मनोरंजन के साथ साथ अहम् जानकारियाँ भी देते हैं ये आदिवासी कलाकार

पिछले दो दशकों से भी अधिक समय तक चार अलग-अलग भाषाओं में मंच पर सामाजिक मुद्दों की प्रस्तुति कर रहा है यह दल। निरोज रंजन मिश्रा ने इस आदिवासी समूह की प्रेरक शक्ति से मुलाकात की

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आखिर किसने बदल डाली कमार महिलाओं की किस्मत

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के दूरदराज के गांव की आदिवासी महिलाएं बहुत ही मेहनती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन महिलाओं के जीवन में कैसे आया बदलाव The Indian Tribal की रिपोर्ट

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हताशा से आत्मविश्वास तक: दो शारीरिक रूप से अक्षम आदिवासियों की प्रेरक कहानी

ओडिशा के दो कोंध आदिवासियों के लिए ज़िंदगी तब पूरी तरह बदल गई जब बचपन में ही उन्होंने अपने अंगों की गतिशीलता खो दी। इससे वे गहरे अवसाद और निराशा में डूब गए। नीरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं की अचानक ऐसा क्या हुआ कि जिससे उनकी [...]

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अकल्पनीय! बंजर जमीन में लहलहाई अनार की फसल

आदिवासियों की जिद और प्रकृति प्रेम के आगे बंजर धरती का दिल भी पिघल गया। जिला बागवानी विभाग की मदद से आज इसमें अनार के पेड़ लहलहा रहे हैं। निरोज रंजन मिश्र लाए हैं इन भुंजिया जनजाति के किसानों के कठिन परिश्रम की कहानी

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वन्य जीवों का संरक्षण और बच्चों की शिक्षा साथ-साथ

‘बाघों का घर’ नाम से मशहूर कान्हा टाइगर रिजर्व के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में 8 साल पहले छेड़ी गई एक मुहिम से 100 से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। अनूठी पहल के बारे में The Indian Tribal की खास रिपोर्ट

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ग्रीष्म ऋतु, आदिवासी और महुआ की कहानी

रसीले फूलों से लेकर उनके सूखने और फिर बोतलों में बंद होने तक स्वाद से भरपूर महुआ शराब की कहानी कुछ अलग ही है। गर्मी के इस मौसम में आदिवासी संस्कृति के अभिन्न अंग इस शानदार पेय के बारे में The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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झारखण्ड की एक और युवा आदिवासी लेखिका ने साहित्य जगत में लहराया परचम

राजधानी रांची के राम लखन सिंह यादव कॉलेज में कार्यरत इस सहायक प्राध्यापक का चयन हिंदी भाषा के साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार-२०२५ के लिए हुआ है। इससे पहले 2022 में कोल्हान की एक आदिवासी सहायक प्राध्यापक को इस पुरस्कार से नवाज़ा गया था। The Indian Tribal की [...]

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आयोग लाएगा आदिवासी ज़मीन की खरीद-बिक्री पर थाना क्षेत्र की बाध्यता पर स्पष्टता

झारखण्ड TAC की बैठक के इस अहम् मुद्दे पर गहन चर्चा हुयी। इससे राज्य में राजनितिक सरगर्मी बढ़ने के आसार हैं। वहीँ झामुमो की अगुवाई वाली सरकार को ये भी ध्यान रहेगा कि CNT Act और SNPT Act में बदलाव करने की कोशिश भाजपा पर पहले बहुत भारी [...]

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झारखंड में बनेगा जनजातीय विश्वविद्यालय 

विगत कई वर्षो से क्षेत्रीय-जनजातीय भाषा विज्ञान व जनजातीय विषयों पर शोध कार्य करने वाले विशेषज्ञों, जानकारों, शिक्षाविद के द्वारा झारखंड में जनजातीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग की जा रही थी। The Indian Tribal की रिपोर्ट 

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सौर ऊर्जा ने भगाया अंधेरा, झिलमिला उठे आदिवासियों के भविष्य के सपने

दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे विशेष रूप से ओडिशा में रहने वाले बहुत ही पिछड़े आदिवासी समूह को अपने गांव में उम्मीद की एक किरण नजर आई है। इन्हें अब लगने लगा है कि उनके बच्चों का भविष्य भी अन्य की तरह बेहतर और सुनहरा होगा। [...]

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जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव को चित्रों में उकेरने की अनूठी पहल

इस वर्ष धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का ऐतिहासिक उत्सव मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में राज्य-स्तरीय जनजातीय चित्रकार शिविर का आयोजन किया जा रहा है । The Indian Tribal की रिपोर्ट

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झारखण्ड के महान विभूतियों की संघर्ष गाथा हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुमका में राजकीय कार्यक्रम में झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने आदिवासी वीरों को याद किया और कहा कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करना हमारी परम्परा रही है। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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खरसावां शहीद स्मारक को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिलाएंगे: हेमन्त सोरेन

1 जनवरी 1948 को तत्कालीन खरसावां का उड़ीसा राज्य में विलय के विरोध में इकट्ठे हुए हजारों आदिवासियों पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए। आधिकारिक तौर पर 35 आदिवासियों के मरने की पुष्टि की गयी हालांकि अलग-अलग आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या कई [...]

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इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने पर्यटन गाइड बन आदिवासी जीवन को दुनिया के समक्ष लाने का बीड़ा उठाया है

उनके पिता आधिकारिक दौरों पर बस्तर के सुदूर गांवों में जाया करते थे। पिता के जरिए ही आदिवासियों में उनकी रुचि जगी। आज वह पर्यटकों को आदिवासी संस्कृति से रूबरू करा रही हैं और पर्यटन को लेकर महिलाओं का नजरिया बदलना चाहती हैं । इस बारे में उन्होंने The [...]

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कभी थी पुलिस उनके पीछे, आज पुलिस बन वे नक्सलियों के पीछे

कभी पुलिस उनका पीछा किया करती थी, आज वे खुद पुलिस की वर्दी में प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के खिलाफ अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। वे शीर्ष नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विजय सिंह ठाकुर लाए हैं ऐसे ही दो [...]

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप पर 17 साल बाद आदिम जनजाति युवक को मिला न्याय

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री को सूचित करते हुए उपायुक्त लातेहार ने बताया कि युवक को शिक्षा विभाग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। The Indian Tribal की report

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हेमन्त सरकार का 11697.45 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश

महिलाओं, युवाओं, किसानों पर विशेष ध्यान। नए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में एक मजबूत एवं स्थिर सरकार के गठन का जनादेश जनता ने दिया है, हम जनादेश का सम्मान करते हुए जन-आकांक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हैं। सुधीर कुमार मिश्रा [...]

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आदिवासियों के लिए कर्मा पूजा का क्या है महत्व?

क्या आप जानते हैं कि कर्मा या कर्म वृक्ष (नौक्लिया परविफोलिया) की तीन शाखाएं आंगन की मिट्टी में अथवा गाँव के अखरा और सामुदायिक केंद्र में क्यों लगाई जाती हैं? The Indian Tribal की रिपोर्ट में है इसका विस्तृत जवाब

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अहोवी : मेघालय की संस्कृति का दूत गारो बैंड

गारो लोकगीत और संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहा है सात सदस्यों वाला फोक फ्यूजन बैंड। शुरू में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ यह बैंड आज अपने अनूठे संगीत के माध्यम से नई पहचान गढ़ता जा रहा है। बैंड और इसके सदस्यों की संघर्षपूर्ण यात्रा के बारे में [...]

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बिरसा मुंडा के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए: मंडाविया

छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर में जनजातीय गौरव दिवस (नवंबर १५) के उपलक्ष्य में माटी के वीर पदयात्रा का भव्य आयोजन केंद्रीय श्रम और रोजगार एवम युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में गुरुवार को हुआ।। The Indian [...]

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मोबाइल रेडियो ने उठाया असुर भाषा को बचाने का बीड़ा

पिछले तीन वर्षों से सबसे प्राचीन और कमजोर जनजातीय समूहों में से एक की लुप्तप्राय असुर भाषा को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की अनूठी पहल शुरू की है झारखंड के स्वदेशी मोबाइल रेडियो ने। क्या है यह पहल, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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लंदन की धरती पर बिखेरी झारखंड के सांस्कृतिक रंगों की छटा

झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 90 किलोमीटर दूर एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाली आर्टिस्ट ने राज्य सरकार की छात्रवृत्ति के जरिए अपने सपनों को उड़ान दी और ब्रिटेन के डॉकलैंड्स के ईस्ट लंदन यूनिवर्सिटी पहुंच मचा दी हलचल। सुधीर कुमार मिश्रा से इस [...]

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क्या बैंक की नोकरी छोड़ खेती करने का निर्णय सही था?

सुगंधित पौधों की खेती करने के लिए उन्होंने बेझिझक होकर बैंक की अपनी पक्की नौकरी छोड़ दी। इन सुगंधित पौधों का तेल बाजार में महंगे दामों पर बिकता है। ऐसे में अब एक साल बाद क्या उन्हें अपने फैसले पर पछतावा है? निरोज रंजन मिश्र के [...]

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आप अपना समर्थन आदिवासी लड़ाकू सीएम को दें: कल्पना सोरेन

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन ने गढ़वा में मइयां सम्मान यात्रा का मोर्चा संभाला। वहीँ मुख्यमंत्री ने खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड में आयोजित "आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम में सरना धर्म कोड के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी अस्मिता की रक्षा सिर्फ भाजपा कर सकती है: जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा परिवर्तन यात्रा की शुरुआत अमित शाह जी ने संथाल से शुरू की। मुझे यहां मौका मिला। यात्रा झारखंड में परिवर्तन लायेगी । ये यात्रा आदिवासी हक हुकूक की सुरक्षा, उनके अस्मिता की रक्षा की यात्रा है। आदिवासी जमीन की लूट रोकने की [...]

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लाख उत्पादों के व्यावसायिक विकास से आदिवासियों के जीवन-स्तर में सुधार होगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, (आईसीएआर), रांची के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लाख का उत्पादन मुख्य रूप से जनजातीय समाज द्वारा किया जाता है और यह उनके आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लखपति दीदी के बजाय [...]

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जाउआ उठा के साथ श़ुरू हुआ करम पर्व उत्सव 

झारखंड में करम पूजा का उल्लास नजर आने लगा है। इस वर्ष करम पूजा 14 सितंबर को विधि-विधान के साथ आयोजित की जाएगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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मुनाफे ने बदला आदिवासी किसानों का मन, खेत-खेत नजर आ रही लेमनग्रास

कपास की खेती में लगातार हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए ओडिशा के कोरापुट में आदिवासी लोग धीरे-धीरे अब लेमनग्रास की खेती की तरफ मुड़ रहे हैं। कपास के मुकाबले यह अधिक लाभ दे रही है किसानों के बदलते मिजाज पर निरोज रंजन मिश्र की विस्तृत रिपोर्ट

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प्रोजेक्ट उत्कर्ष: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स की हॉकी टीमों का शानदार प्रदर्शन

आदिवासी-बहुल खूँटी जिले में यह प्रोजेक्ट उपायुक्त के निर्देश पर सफलतापूर्वक चलायी जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें उच्च स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करना है। विजेता टीमें अब राष्ट्र स्तर पर आयोजित नेहरू कप में भाग लेंगे। The Indian Tribalकी [...]

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आधुनिक खेलों की चमक में गुम हुआ यह दिलचस्प आदिवासी खेल

आदिवासियों का बहुत ही मनोरंजक खेल कटी अब धीरे-धीरे मैदानों से गायब हो रहा है। इसे ओडिशा के मयूरभंज जिले और झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में संथाल आदिवासी जनजातियों के युवा खेलते हैं, लेकिन इस पारंपरिक खेल पर प्रमुख खेल क्लबों और राज्य सरकारों की उपेक्षा भारी पड़ [...]

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की

राखी के ठीक पहले शुरू हुए इस योजना के तहत अब झारखंड की 21 से 50 वर्ष की सभी पात्र महिलाओं को हरेक वर्ष मिलेगी 12 हजार रुपए सम्मान राशि। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से पाकुड़ जिले की 81 हजार [...]

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चम्पाई ने जेएमएम से अलग होने का निर्णय सार्वजनिक किया, हेमंत द्वारा अपमानित होना वजह बताई

खुली चिट्ठी में चम्पाई ने गिनाये अपमानित होने वाले वाकये। पूछा कि क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति (हेमंत) रद्द करवा दे? पार्टी की कार्यशैली पर भी बातों ही बातों में सवाल खड़े किये। सभी [...]

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जनता से किये हर वादे को पूरी संजीदगी से निभाने का प्रयास कर रहे हैं: हेमंत सोरेन

अगले कुछ महीनों में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोरहाबादी में आयोजित राजकीय मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की साढ़े चार वर्षों की उपलब्धियां गिनाई। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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देश की नई रग्बी स्टार हैं ये आदिवासी लड़कियां

ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले में बहुत ही गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाली ये लड़कियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदेश और क्षेत्र-समाज का नाम रोशन कर रही हैं। इन उभरते सितारों और इन्हें गढ़ने वाली शख्सियत से रूबरू करा रहा है The Indian Tribal [...]

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संथाल परगना की डेमोग्राफी में बदलाव भयावह: आशा लकड़ा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमान संथाल परगना की भोली-भाली आदिवासी युवतियों से शादी कर डेमोग्राफी को चेंज कर रहे हैं। उन्होंने संथाल के जिलों का भ्रमण कर वहां की स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है जिसे आयोग को सौंपी [...]

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कभी थे लोक नर्तक, अब फ्यूजन बैंड के सितारे

धीरे-धीरे लुप्त हो रही संगीत की विरासत को बचाने-सहेजने के लिए कुछ करने के अहसास ने सिक्किम के दो भाइयों- किंगचुम और नामचुंग को लेप्चा लोक फ्यूजन बैंड बनाने को प्रेरित किया और आज दोनों संगीत के फलक पर सितारों की मानिंद चमक रहे हैं। उनकी प्रेरक कहानी [...]

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सूखते जंगलों को 35 वर्षों से जीवन देने में जुटे आदिवासी

हरियाली खत्म होने के कारण जब हर तरफ उजाड़ सा नजर आने लगा, जंगलों की जान सी निकलने लगी, तो ग्राम सभाओं ने पहल कर 1989-90 में पौधे लगाने शुरू किए। आज लगभग 35 वर्ष हो गए, पौधारोपण अनवरत जारी है। एनजीओ एफईएस के आने से यह अभियान [...]

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सूखे बुंदेलखंड को अपनी विरासत का मोह

मध्य प्रदेश के छतरपुर और दमोह जैसे जिलों में आदिवासी भले पानी की कमी और गरीबी से जूझ रहे हों, लेकिन वे अपने घरों की दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों के आसपास के क्षेत्र को भित्तिचित्रों के माध्यम से सुंदर रूप देना नहीं भूलते। उनकी इसी रचनात्मकता पर पेश [...]

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन इस खेल की जान है। प्रोयशी बरुआ की रिपोर्ट

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आदिवासी लड़कियों को रहता चांदनी रातों का इंतजार

ओडिशा में एक उत्सव ऐसा होता है, जिसे केवल लड़कियां ही मनाती हैं, लेकिन उसका आनंद सभी उठाते हैं। लोगों को फसल कटाई सीजन के खत्म होने का तो लड़कियों को चांदनी रातों का बेसब्री से रहता है इंतजार। निरोज रंजन मिश्र की खास रिपोर्ट

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यहां फसल की रखवाली करते हैं ‘बंदर’ 

बच्चों के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उन्हें फसल कटने के बाद खाली हुए खेतों में स्वतंत्र रूप से दौड़ने और खेलने के लिए छोड़ दिया जाए? ओडिशा के गांवों में ऐसे नजारे आम हैं। बच्चे फसल कटाई के बाद खेतों में करते हैं [...]

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झाड़ू से पैसा ‘समेट’ रहीं आदिवासी महिलाएं!

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर में तत्कालीन प्रभागीय वन अधिकारी की ओर से वर्ष 2018 में शुरू की गई एक पहल ने आदिवासी महिलाओं की जिंदगी बदल दी। आज वे अपने दम पर आजीविका कमा रही हैं। कैसे आया यह बदलाव? The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ में आदिवासी महिला गाइड ने बनाई अलग पहचान

कांगेर वैली में वह पर्यटकों की पसंदीदा गाइड है। हो भी क्यों नहीं? वह यहीं पली-बढ़ी है, इसलिए उसे प्रकृति और प्राकृतिक दृश्यों की बहुत गहरी समझ है। उसके और उसके काम के बारे में विस्तार से बता रहा है The Indian Tribal

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इस आदिवासी महिला फारेस्ट गार्ड ने मिसाल कायम की है

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के घने जंगलों में जान की बाजी लगाकर वनों और वन्यजीवों की रक्षा का अपना कर्तव्य निभा रही हैं यह 44 वर्षीय गोंड आदिवासी महिला। दो बच्चों की मां इस वन रक्षक की लगन और संघर्ष की कहानी लेकर आया है The Indian Tribal

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दो संथाली निर्देशकों की बाल फिल्मों ने मचाई हलचल

बच्चों पर आधारित उनकी लघु फिल्में न केवल समीक्षकों और सिने प्रेमियों द्वारा सराही गईं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन्होंने कई पुरस्कार बटोरे। इन सथाली फिल्मों के दोनों प्रतिभाशाली निर्देशकों से बात की निरोज रंजन मिश्र ने

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन अरुणाचल प्रदेश के इस जनजातीय खेल की जान है, बता रही है प्रोयशी बरुआ

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ग्रामीण विकास विभाग के हर ठेके में मंत्री आलमगीर आलम का कमीशन 1.5 फ़ीसदी तय था: ईडी

आलमगीर को 10 दिनों के रिमांड पर लेने की अर्ज़ी देते हुए ईडी ने यह भी दावा किया कि उनके आप्त सचिव संजीव लाल के गृह सहायक के यहां से बरामद 32.2 करोड़ रुपये आलमगीर आलम के ही हैं। कोर्ट ने मंत्री को 6 दिनों के लिए [...]

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ज़ेरोन की तमन्ना है कि…विश्व पटल पर छा जाए लेप्चा संगीत

तीन भाषाओं में आदिवासी रीति-रिवाजों को समकालीन पश्चिमी शैली से जोडक़र पेश करना इस आदिवासी गायिका का हुनर है। जो उन्हें सुनता है, दीवाना हो जाता है। सुरीली आवाज की मल्लिका के बारे में विस्तार से बता रही हैं नीलांजना राय

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आदिवासी बच्चों का भविष्य निखार रहा सीसीएल का ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’

कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की सीएसआर पहल फुटबॉल का शौक रखने वाले होनहार खिलाडिय़ों खासकर आदिवासी बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। एनजीओ आशा के निमंत्रण पर The Indian Tribal के संस्थापक-संपादक एम. मधुसूदन ने ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’ पर करीब से [...]

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ओडिशा में हर तरफ मटिगन की गूंज

कोंध आदिवासी लोग चैत्र मास के दौरान संगीत और नृत्य के साथ अपने भगवान की पूजा करते हैं। क्या युवा, क्या बुजुर्ग सभी इस उत्सव में उत्साह से भाग लेते हैं। खूब दावतों का दौर चलता है। निरोज रंजन मिश्र इस उत्सव पर विस्तार से प्रकाश डाल [...]

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आदिवासी दंत चिकित्सक को जुनून अपनी संस्कृति और पारंपरिक जायकों के संरक्षण का

अपने पायलट पति अभिषेक के साथ मिलकर राज्य की राजधानी रांची से लगभग 64 किलोमीटर दूर खूंटी में ‘द ओपन फील्ड’ फार्म-टू-टेबल रेस्टोरेंट चला रही इस बहुमुखी प्रतिभा की कहानी लेकर आए हैं सुधीर कुमार मिश्र

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डॉक्टर नहीं बने तो क्या, समुद्री वैज्ञानिक बन की नई-नई खोज

गरीबी ने इस संथाली आदिवासी को सर्जन तो नहीं बनने दिया, परंतु वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने समुद्री जीवन में कई खोज कर ख्याति हासिल की। विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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ज़िंदगी के उतार चढ़ाव से जूझते आदिवासी चित्रकार ने उकेर डाली अपनी अलग कहानी

गरीबी और नाकामियां भी मजदूर परिवार में जन्मे बारीपदा के आदिवासी चित्रकार का हौसला नहीं तोड़ पाईं। कला के प्रति जुनून ने उन्हें रास्ते के कांटों की चुभन को महसूस ही नहीं होने दिया। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं कैसे यह कलाकार आज अपनी मेहनत के फल [...]

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ऊंची उड़ान भरने को बेताब ‘उड़ान’

बस्तर जिले के कोंडागांव में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने मिलकर संस्था ‘उड़ान’ बनाई। अपने अस्तित्व के तीन सालों में ही यह संस्था ऊंची उड़ान भरने को बेताब है। महिलाओं के शानदार प्रयासों पर The Indian Tribal  की रिपोर्ट

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कहां खो गई बस्तर की प्रसिद्ध तूमा शिल्प

सूखी लौकी से बने सुंदर लैंप और पानी रखने के मजबूत बर्तन कभी छत्तीसगढ़ की शान हुआ करते थे। सदियों पुरानी यह तूमा शिल्प अब धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। The Indian Tribal की खास रिपोर्ट

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ओडिशा के इस आदिवासी युवक की बात ही कुछ और है

वुशु, किकबॉक्सिंग और थाई बॉक्सिंग में खूब नाम कमाने के बाद 17 वर्षीय भुइयां लडक़ा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाने के लिए इंडोनेशियाई पेनकैक सिलाट की ओर मुड़ गया है। क्या हैं उसके इरादे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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बच्चे के जन्म के दो दिन बाद 200 किमी दूर जाकर दी परीक्षा, बनी जज

एक एम्बुलेंस ड्राइवर से उनकी शादी कर दी गई पर इसके बावजूद वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटीं। आज वह अपने समुदाय की पहली सिविल जज है। THE INDIAN TRIBAL की रिपोर्ट

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झारखंड में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना शुरू, नागरिकों को मिलेगी फ्री बस सेवा

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रांची, लोहरदगा और गुमला जिला में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत 83 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही अबुआ आवास योजना के लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरित किए। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पारंपरिक पोशाक से क्यों मुंह मोड़ रहीं ये महिलाएं

महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय में बुजुर्ग महिलाएं तो अपनी सदियों पुरानी पोशाक आज भी पहनती हैं, लेकिन नई पीढ़ी की पसंद बदल रही है। इसी सामाजिक बदलाव पर द इंडियन ट्राइबल की रिपोर्ट

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अलसी उत्पादन का हब बना कोरापुट

उच्च पोषण, औषधीय और व्यावसायिक दृष्टि से बहुमूल्य अलसी ओडिशा के हजारों आदिवासी किसानों की आजीविका का सहारा बन गई है। सरकार जिस तरह बाजरा मिशन के तहत बाजरे की खेती को बढ़ावा दे रही है, यदि उसी प्रकार अलसी पर भी ध्यान दे तो यहां के किसानों [...]

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कान्हा टाइगर रिजर्व – ढलानदार छत वाले खूबसूरत घरों में बसी आदिवासी संस्कृति

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास दूर तक फैली हरियाली से घिरे कच्ची मिट्टी से बने ढलान वाली छत के दो मंजिले खूबसूरत घर हर किसी का मन मोह लेते हैं। पेश है The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आईटीडीए ने बदल दी किसानों की किस्मत

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के दूरदराज गांवों के किसान सरकारी योजनाओं के जरिए न केवल बेहतर फसलें ले रहे हैं, बल्कि उनसे मोटा मुनाफा कमाकर आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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आदिवासियों की ‘हॉकी’ को बचाने की जद्दोजहद

जनजातीय समुदाय के लोगों के मनोरंजन का बेहतरीन साधन सदियों पुराना पारंपरिक खेल फोड़ी अब विलुप्त होता जा रहा है। झारखंड में स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कुछ सामाजिक संगठन इस खेल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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कपड़ों में रंगों को लेकर इतने संवेदनशील क्यों त्रिपुरा के लोग

त्रिपुरा की सभी जनजातियों की पोशाक अनूठी होती है, जहां कपड़े ही नहीं, रंग का भी बहुत महत्व होता है। त्रिपुरी महिलाओं को क्या-क्या पहनना पसंद है, उनसे बातचीत के आधार पर यहां बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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कचरे से भी सजावट, क्या हुनर है!

कपास के कचरे से, जी हां कपास के कचरे से सजावटी और दैनिक उपयोग में काम में आने वाली वस्तुएं बनती हैं। कचरा भी सिमटता है और आमदनी भी होती है। ओडिशा भर में सौ से अधिक आदिवासी महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर संदेश देती हैं [...]

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झारखंड में आदिवासियों-दलितों को वृद्धावस्था पेंशन अब 50 साल से ही: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा ऐसा इसलिए किया जायेगा क्यूँकि उनमें मृत्यु दर अधिक है और उन्हें 60 साल के बाद नौकरी नहीं मिलती है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति और हिंदू पुराण से असमिया संस्कृति का गहरा जुड़ाव

असम के आदिवासी समुदायों की लोक विरासत पर प्रकृति एवं हिंदू पौराणिक कथाओं का बड़ा गहरा प्रभाव है। यह कहने में कोई आपत्ति नहीं कि यह उत्तर-पूर्वी राज्य लोक परम्पराओं का स्वर्ग है। इस लोक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाल रही हैं प्रोयशी बरुआ

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अब संघ लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग संताली भाषा में

शुभारंभ 27 दिसम्बर को होगा और इच्छुक छात्र छात्राएं डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान की वेबसाईट से या दूरभाष से ले सकते हैं जानकारी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सुरक्षित महावारी के लिए अनूठा मिशन

मासिक धर्म के दौरान ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 26 वर्षीय कोंध युवक अपनी पंचायत में सैनिटरी पैड के उपयोग का महत्व समझाने के मिशन पर निकला है। निरोज रंजन मिश्रा बता रहे हैं उसकी कहानी

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धान के दाने पर जादूगरी दिखाता है ये शिल्पकार

अपने समकालीन कलाकारों के विपरीत नबरंगपुर के इस भोत्रा आदिवासी ने अपने डिजाइनों में अलग छाप छोडऩे एवं कुछ नया करने के लिए अपना कौशल लगातार निखारा। लीक से हटकर कुछ खास करने वाले धान शिल्पकार पर निरोज रंजन मिश्रा की रिपोर्ट

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फिल्मों के जरिए आदिवासी मुद्दों को बहस के केंद्र में ला रहीं कैरी

उगते सूरज की धरती पर तमाम सामाजिक मुद्दों पर विचारोत्तेजक कार्य कर वह अलग छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने राज्य के फिल्म निर्माताओं के समूह- द अरुणाचल फिल्म कलेक्टिव की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोयशी बरुआ बयां कर रही हैं युवा आदिवासी फिल्म निर्माता कैरी [...]

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दवाओं के लिए आदिवासियों ने दिखाई वैज्ञानिकों को राह

ओडिशा में आदिवासियों की रसोई में पाए जाने वाले पांच किस्म के जंगली फूल पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फूलों की खाने के साथ-साथ औषधीय उपयोगिता के बारे में विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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जीवन जीने का तरीका बदल रही आदिवासी योगिनी

वह वनस्पतिशास्त्री बनने का सपना देखा करती थी, लेकिन योग से प्यार हो गया। फिर क्या था, ऐसी तल्लीनता से योग को अपनाया कि विश्व रिकॉर्ड धारक बन गई। राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार अपने नाम किए। इस गोंड लडक़ी के संघर्ष एवं उपलब्धियों का वर्णन कर [...]

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पश्चिमी डांस के शोर में कथक सिखा रहीं आदिवासी नृत्यांगना

ऐसे दौर में जब अधिकांश युवा पश्चिमी डांस की ओर आकर्षित हो रहे हैं, 40 वर्षीय नृत्यांगना भारतीय शास्त्रीय नृत्य-संगीत के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं। संभवत:कथक की पहली आदिवासी नृत्यांगना से परिचय करा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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नक्सली गढ़ से पर्यटन हब तक, बदलाव की ओर बस्तर

एक समय था जब छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला नक्सली गढ़ के रूप में कुख्यात था, लेकिन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी आदिवासी जीवनशैली के लिए अब पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति के साथ मीठे सुर छेड़ते ये घुमंतू आदिवासी

जम्मू और कश्मीर की पहाड़ी ढलानों पर घूमते चरवाहों के एकांत का साथी होता है संगीत। THE INDIAN TRIBAL इन आदिवासी खानाबदोश लोगों के कुछ विशेष संगीत यंत्रों के बारे में लाया है जानकारी

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अनूठा स्कूल लगा रहा आदिवासी बच्चों के सपनों को पंख

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के सुरम्य चंदेनार गांव में स्थित स्कूल गोंड और हल्बी जातियों के बच्चों को वैकल्पिक शिक्षा का सबसे सुलभ और बेहतरीन माध्यम है। विस्तृत जानकारी लाई हैं दीपान्विता गीता नियोगी

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कभी चखे हैं पूर्वोत्तर के ये स्वादिष्ट व्यंजन?

पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाली तमाम जनजातियां स्वादिष्ट और दिलचस्प व्यंजनों के लिए जानी जाती हैं। विशेष बात यह कि उनके ये अलग तरह के भोजन मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर पाई जाने वाली सामग्री से तैयार होते हैं। प्रोयाशी बरुआ लेकर आई हैं कुछ पसंदीदा रेसिपी। [...]

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“डीवीसी का हाइडल पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट लुगु पहाड़ पर लगने नहीं दिया जायेगा”

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (टीएसी) की 26वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पीछे देखने के बजाय, आगे बढ़ने पर ज़ोर: हेमन्त

झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यहाँ के आदिवासी-मूलवासी पिछड़ा रहने को मजबूर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पे निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने राज्य को पिछड़ा बनाया उन्हें जनता ने सजा देने का काम किया है। इस [...]

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आदिवासियों का पसंदीदा पेय सल्फी पिया क्या?

महुआ छत्तीसगढ़ का पवित्र वृक्ष माना जाता है और इसकी शराब आदिवासी बहुल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन इसी प्रकार का एक और पेय सल्फी भी आदिवासी लोगों में खूब लोकप्रिय है। इस पेय के बारे में अधिक जानकारी लेकर आये हैं The Indian Tribal

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अपने दम पर फहराया मिज़ो आर्ट का झंडा

किसी भी कलाकार को पारंपरिक कला की शब्दावली और उसके असंख्य रूपों की समझ होना बहुत जरूरी है। ऐसे ही गुणों से संपन्न, पुरस्कार विजेता और मिज़ोरम में आर्ट गैलरी चलाने वाली एकमात्र महिला कलाकार के बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मिठाई ही नहीं, सांप-बिच्छू के काटे की दवा भी

साधारण सी कंद से अनूठी स्वादिष्ट मिठाई तो बनती ही है, आदिवासी लोग इसका उपयोग सांप, गिलहरी या चूहे के काटने पर दवा के रूप में भी करते हैं। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं इस कंदमूल के बारे में

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झारखण्ड बनाएगा अपना ट्राइबल डिजिटल एटलस

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर बनने वाले इस एटलस में प्रथम चरण में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय (PVTG) पर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य है जिसके अन्तर्गत इस समुदाय का बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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अहा! पीढिय़ों से पसंदीदा मिठाई पीठा

त्योहारों, ख़ास कर, दुर्गा पूजा के समय पीठा आमतौर पर पूरे पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में बनाया जाता है। लेकिन बंगाल के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में यह थोड़ा अलग तरह से तैयार किया जाता है। इस जायकेदार मिठाई के बारे में अधिक जानकारी लेकर आई हैं एस. [...]

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मणिपुर में जातीय संघर्ष को नजरअंदाज करना हुआ खतरनाक

भारत के सबसे उग्रवाद प्रभावित प्रदेश मणिपुर में जातीय दुराव या संघर्ष को कम करके आंकने का ही परिणाम है कि वहां महीनों से हिंसा काबू में नहीं आ रही है। लगभग 15 संगठन जनजाति और समुदाय के आधार पर आपस में खूनखराबा करते रहे हैं। मृत्तिका जैन [...]

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इंद्रावती टाइगर रिजर्व के जनजातीय हीरो

पिछले एक साल से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में गश्ती गार्ड के रूप में कार्यरत स्थानीय आदिवासी युवाओं ने दीपान्विता गीता नियोगी को बताया कि वे कैसे काम करते हैं और उनके सामने इस दौरान क्या-क्या चुनौतियां पेश आती हैं।

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राजस्थानी जनजातीय कला मांडना पर शहरीकरण की छाया

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस रेगिस्तानी राज्य के कच्चे घरों के धीरे-धीरे पक्के मकानों में तब्दील होने के कारण मांडना कला अब विलुप्त होती जा रही है, बता रही हैं दीपन्विता गीता नियोगी

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असम में मजबूत कद-काठी का दूल्हा चाहिए, तो ये खेल देखो

असम के कई आदिवासी गाँवों में इस खेल में बुजुर्ग अपनी बेटियों या पोतियों के लिए मजबूत कद-काठी वाला दूल्हा तलाशते हैं। कुछ अमीर और समृद्ध किसान अपने खेतों में मजदूरी के लिए बलशाली युवाओं को भी इसी खेल के माध्यम से छांट लेते हैं। क्या है यह [...]

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आदिवासी कार्टूनिस्ट ने बनाई अपनी विशेष पहचान

एक बढ़ई परिवार से आने वाले इस भूमिजा आदिवासी ने न केवल एक कार्टूनिस्ट के रूप में अपनी पहचान बनाई बल्कि ओडिशा कार्टूनिस्ट अकादमी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरोज रंजन मिश्रा लाए हैं ओडिशा के एकमात्र आदिवासी कार्टूनिस्ट की कहानी

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झारखण्ड के जरूरतमंद लोगों के लिए नयी अबुआ आवास योजना, मुख्यमंत्री सोरेन का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगले दो वर्षों में 15000 करोड़ से ज्यादा खर्च कर राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। The Indian Tribalकी [...]

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बाल विवाह के खिलाफ जुनूनी महिला ने खड़ा कर दिया आंदोलन

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ एक 29 वर्षीय महिला ने मोर्चा संभाला हुआ है। जहां से भी बाल विवाह की खबर मिलती है, वह वहां पहुंच कर उसे रुकवा देती हैं। उसके इस मुहिम और उसकी चुनौतियों के बारे बता [...]

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आदिवासियों की आईडेंटिटी बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दो दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव का समापन बड़े ही धूम धाम से हुआ। दिव्यांगों के फैशन शो से लेकर मंत्रमुग्ध कर देने वाली लेज़र शो तक, विभिन्न राज्यों के आदिवासी लोक नृत्यों से लेकर प्रसिद्ध लोक गायकों की प्रस्तुति तक -- दर्शकों ने पूरा लुत्फ़ उठाया। इस [...]

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झारखंड आदिवासी महोत्सव में भव्य फिल्म फेस्टिवल का भी होगा आयोजन

राज्य की परंपराओं, संघर्षों और इतिहास जानने का अवसर देगा फिल्म फेस्टिवल। झारखण्ड के उभरते युवा फिल्म निर्माताओं को मिलेगा मंच। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी कला संस्कृति से गुलजार होगा बिरसा मुण्डा स्मृति उद्यान

विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में दो-दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव-२०२३ का आयोजन रांची में किया जा रहा है। इसमें झारखंड के अलावा अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, राजस्थान के जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि भी अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराएंगे। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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साहित्य महोत्सव में झारखंड की आदिम जनजाति की असिंता असुर करेंगी काव्य-पाठ

मात्र आठवीं तक शिक्षित असिंता अपने परिवार के साथ पहले रांची में मजदूरी करती थीं। भोपाल में 3 से 6 अगस्त तक चलने वाले उन्मेष अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट  

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असम की आदिवासी महिलाओं ने पानी पर खींच दी सशक्तिकरण की लकीर

उत्साही और जिम्मेदार महिलाओं के इस समूह ने अपने गांव के प्रत्येक घर में स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभियान चलाया और कामयाबी पाई। यह सब कैसे किया, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मेघालय के इस खेल में पुरस्कार में मिलते हैं चावल, आलू और मुर्गियां

लगभग 400 साल पहले इस स्वदेशी खेल की उत्पत्ति मानी जाती है और आज भी यह जैन्तिया, खासी और गारो पहाड़ी जनजातियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। क्या है यह खेल, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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तारेंगा जैसे लोग हों, तो क्यों न भागे भय का भूत

कौन हैं कोंध आदिवासी तारेंगा मांझी, जिन्होंने ओडिशा में चार साल की कड़ी मेहनत से हर बाधा को पार करते हुए अपने समुदाय के लोगों को टीकाकरण के लिए राजी किया? इनकी कहानी लेकर आए हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई थी आदिवासियों की हूल क्रांति

झारखण्ड में जून 30 हूल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1855 में चार संथाल भाइयों और दो बहनों ने अंग्रेजी साम्राज्य की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सशस्त्र विदोह का बिगुल फूँका था और पारम्परिक हथियारों से लैस हज़ारों आदिवासियों का नेतृत्व किया था। पर [...]

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सैकड़ों अनाथ बच्चों व महिलाओं के लिए बनीं उम्मीद की किरण

महिलाओं और बच्चों के सामाजिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली एनके केनी नागालैंड में सैकड़ों अनाथ बच्चों और महिलाओं के लिए आशा की नई किरण बन गई हैं। बता रहीं हैं प्रोयाशी बरुआ

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राष्ट्रपति से मिलेंगे आदिम जनजाति समुदाय के लोग

जून 10-13 के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न राज्यों के विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह या आदिम जनजाति समुदाय के 1500 लोगों से राष्ट्रपति भवन में मिल रही है, The Indian Tribal की रिपोर्ट

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तीरंदाज को बाधाओं ने घेरा तो रास्ता बदल कर साधा सफलता पर निशाना

एक होनहार संथाल खिलाड़ी को प्रारंभिक दौर में ही कंधे में दर्द उठने के कारण तीरंदाजी करियर को विराम देना पड़ा, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और कोच के रूप में खूब नाम कमाया। इस प्रतिभावान खिलाड़ी के संघर्ष और सफलता की परतें खोलकर लाए हैं निरोज मिश्रा

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जादू सा बिखेर देती है आदिवासी गायिका की आवाज

अपने लोकगीतों से सरस्वती ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में खूब नाम कमाया। लेकिन, यह मंजिल इतनी आसान भी नहीं रही। कैसे एक चमत्कार से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई और कैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। नीरोज रंजन मिश्रा को सरस्वती ने सुनाई दिल [...]

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प्रधानमंत्री ने आदिवासी-बहुल खूंटी के बोरीबांध की प्रशंसा की

अपने मासिक मन की बात में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए झारखण्ड के खूंटी के लोगों की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने देश को बताया कि कैसे खूंटीवासियों ने पानी के संकट से निपटने के लिए जन भागीदारी से बोरीबांध का रास्ता निकाला है, [...]

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15 हज़ार जनजातीय महिलाओं के साथ संवाद करेंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को खूंटी (झारखंड) में महिलाओं के साथ जो संवाद करेंगी उसका उद्देश्य राज्य भर में स्वयं सहायता समूहों में जनजातीय महिलाओं के लिए आजीविका और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है, सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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इस थिएटर ग्रुप ने देश में बजाया आदिवासी नाटकों का डंका

बिल्कुल स्वदेशी शैली में प्रस्तुति देने वाले मैदी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ ट्राइबल्स (एमएएटी) ग्रुप की लोकप्रियता कैसे झारखंड से लेकर दिल्ली, केरल, ओडिशा और असम समेत दूसरे राज्यों तक फैल रही है, निरोज रंजन मिश्रा से विस्तृत बातचीत में स्वयं बता रहे हैं ग्रुप के निर्देशक और लेखक [...]

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दुर्गम क्षेत्रों में जीवन डोर बनी बाइक और वैन एम्बुलेंस

ओडिशा के कंधमाल जिले में 650 से अधिक गांवों में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों विशेषकर आदिवासियों के लिए अनोखी बाइक एम्बुलेंस और डिलीवरी वैन सेवा वरदान साबित हो रही है। कैसे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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क्या 2030 तक मलेरिया मुक्त हो जाएंगे आदिवासी क्षेत्र?

मलेरिया उन्मूलन के लिए भारत के मिशन 2030 का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब आदिवासियों के मूल निवास जंगली क्षेत्रों में इस बीमारी को नियंत्रित किया जाए। मिशन की स्थिति और आवश्यकता पर The Indian Tribal की स्पेशल रिपोर्ट

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झारखंड में सबसे पहले किसने देखे भगवान हनुमान?

देश के इस हिस्से में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों ही समुदायों के लोगों का मानना है कि भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला जिले के अंजन गांव में हुआ था। भगवान राम के इस कट्टर भक्त से जुड़ी मान्यताओं के पीछे की कहानियां बयां कर रहे हैं [...]

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इस युवा आदिवासी रॉक बैंड ने बदलाव के सुर पकड़े और मचा दी धूम

सीमाई राज्य अरुणाचल प्रदेश में यह बैंड स्थानीय बोलियों एवं लोकधुनों को आधुनिकता का पुट दे रहा है । इस समर्पित संगीतकारों के समूह के प्रमुख किरदार डेविड एंगु से विस्तृत बातचीत की है प्रोयशी बरुआ ने

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झारखण्ड में विलुप्त होते पारम्परिक आदिवासी खेलों को बचाने की मुहिम

टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा कल्चरल सोसाइटी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके खेलों को फिर लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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गुजरात के ‘भूखे शेर’ को खा गए टेलीविजन और मोबाइल!

पश्चिमी राज्य में आदिवासियों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी खेले जाने वाले कुछ मनोरंजक, आसान और पारंपरिक खेल अब लुप्त हो चुके हैं। ऐसे ही एक खेल के बारे में बता रही हैं मयूरी दवे

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कुछ अलग ही हैं तीरंदाजी दत्शा डोको के नियम

कभी राजा-महाराजाओं द्वारा शुरू की गई तीरंदाजी खेल परंपरा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आज भी लोकप्रिय है। आदिवासी लोग बड़े शौक से इसमें हाथ आजमाते हैं। जितना रोचक यह खेल है, इससे अधिक रोचक हैं इसका स्कोरिंग सिस्टम। इस प्राचीन विशिष्ट खेल और इसके नियमों पर प्रकाश [...]

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…और उन्होंने कैनवस पर उम्र को अंगूठा दिखा दिया

सत्तर साल की परिपक्व उम्र में ब्रश थाम कर एक ही दशक में कैनवस पर नई इबारत गढ़ने वाली जोधैयाबाई बैगा को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 84 साल की बैगा पर The Indian Tribal की विशेष रिपोर्ट

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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अमर शहीद सिदो-कान्हू की धरती से मुख्यमंत्री सोरेन ने कई विकास योजनाओं की दी सौगात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने 753.92 करोड़ रुपए की 2080 योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास और राज्य के 9 जिलो में चलने वाले मीजल्स-रूबेला विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारम्भ

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एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुरमियों का आंदोलन

कुरमी समाज ने रेल की पटरियों व स्टेशनों पर दिया धरना। 69 ट्रेनें प्रभावित रहे। बंगाल के खड़गपुर के खेमाशुलि और आद्रा के कुसतौर स्टेशन पर दक्षिण पूर्व ट्रेनों को रद्द किया गया

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क्या है सरना और क्यों तेज हुई इसे धर्म बनाने की मांग?

आदिवासी समुदाय ने सरना को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला, बहुत ही आसान शब्दों में समझा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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क्या वाकई इस पहाड़ पर चढऩे से 10 साल बढ़ जाती है जवानी और उम्र?

इस 500 फीट ऊंची पहाड़ी से जुड़ी यही लोकप्रिय मान्यता हर साल सर्दियों के दौरान आदिवासियों को यहां खींच लाती है। क्या जवान क्या बूढ़े सभी का यहाँ लग जाता है जमघट, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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यहाँ आदिवासी समुदाय के खूबसूरत चांदी के आभूषण लुप्त हो रहे हैं

पुराने जमाने से जम्मू-कश्मीर की घुमंतू आदिवासी महिलाओं की शान रहे चांदी के आभूषण और उनके डिजाइन के महत्व, मान्यता और धीरे-धीरे विलुप्त होने के कारणों की पड़ताल करती THE INDIAN TRIBAL की विशेष रिपोर्ट

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नागालैंड का आदिवासी खेल: ग्रीस लगे चिकने खंभे पर चढ़े तो जानें

नागालैंड सरकार ऐसे स्वदेशी खेलों का प्रचार-प्रसार कर रही है जो कभी बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे और आज भी लोग उनमें रूचि लेते हैं। ऐसा ही एक खेल है ग्रीस लगे बांस पर चढऩा। इसके बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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क्या कभी लुगुबुरु घंटाबाड़ी गए हैं आप?

आदिवासी-बहुल राज्य झारखंड में यह संथालों का सदियों पुराना ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जो अब न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब लुभा रहा है। आखिर क्यों लोग यहां खिंचे चले आते हैं, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष

शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।

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कुड़मी को आदिवासी बनाने और यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध

झारखण्ड के आदिवासियों के 32 समुदायो के लोगों ने और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी बचाओ महारैली में हिस्सा लिया और पच्चीस प्रस्ताव पारित किये जिसमे पारसनाथ सहित आदिवासियों के सभी धार्मिक स्थलों को गैर आदिवासियों के कब्जे से मुक्त कराये जाने और आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण [...]

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मानकी, मुंडा, डकुआ को दोपहिया वाहन देगी हेमंत सरकार, बजट में की घोषणा

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के कोल्हान प्रमंडल में मुंडा, हो और भूमिज जनजातियों के पारंपरिक शासन व्यवस्था के अंग हैं मानकी, मुंडा और डकुआ।

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आदिवासी युवाओं के बिजनेस आइडिया को उद्यम में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए गुरु मंत्र

आठवें राष्ट्रीय आदिवासी उद्यमिता प्रशिक्षण अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत जनजातीय संसाधनों के आधार पर आदिवासी समुदाय के आदिवासी व्यवसाय और व्यापार को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उसकी रणनीति भी तैयार की जानी है।

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बहुत भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन और कलात्मक अभिव्यंजना

आदिवासी और लोक चित्रकारों की राष्ट्रीय शिविर विरले ही आयोजित होते हैं। पर झारखण्ड में दूसरी बार ऐसा आयोजन हुआ। इसका जायजा लिया सुधीर कुमार मिश्रा ने और बता रहे हैं कैसे कला की पाश्चात्य, अकादमिक और सैद्धान्तिक अवधारणाओं से भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन

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जो यहाँ का खतियानी है वही झारखंडी है: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

उन्होंने आज साफ़ कर दिया कि उनकी सरकार 1932 के खतियान के मामले में पीछे नहीं हटेगी और स्थानीयता बिल पर राज्यपाल की शंकाओं को दूर करेगी। राज्यपाल रमेश बैस ने स्थानीयता को लेकर झारखण्ड विधान सभा से पारित विधेयक को राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

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दिल के अरमान बाढ़ में ही बह गए

करीब सात लाख जनसंख्या वाले असम के धेमाजी जिले के जनजाति-बहुल समुदाय के लोगों की निजी ज़िंदगी न सिर्फ मुश्किलों भरी हैं बल्कि असामान्य भी है। बता रहीं हैं वहां का दौरा कर सीटू तिवारी

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बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

अपने खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लोगों को संबोधित किया तथा तमाम पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की।

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हुनरमंद हाथों का कमाल है इनके कपड़े और आभूषण

अरुणाचल प्रदेश जैसे सुरम्य राज्य के जनजातियों के लोग अपने पहनावे को लेकर बहुत सचेत होते हैं। इनके कपड़े बहुत ही सुंदर डिज़ाइन और अनूठी सामग्री से बने होते हैं, जो बरबस ही ध्यान खींचते हैं। कैसे बनते हैं ये और कौन बनाता है इन्हें, बता रही हैं [...]

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बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे: अशोक गहलोत

राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों के लिए समर्पित होगा और उसमें आदिवासी अंचल के विकास के लिए प्रावधान भी होंगे।

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नए साल की पार्टी में लीजिए आदिवासी व्यंजनों का स्वाद

यदि आप क्रिसमस और नए साल के खुशनुमा माहौल में बाहर कुछ अलग हटकर खाने के शौकीन हैं तो रांची के कई विशेष रेस्तरां आपका इंतजार कर रहे हैं, जहां झारखंडी आदिवासी स्वाद की एक से बढक़र एक वैरायटी आपको मिलेगी। सुधीर कुमार मिश्रा ऐसे ही कुछ व्यंजनों [...]

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आदिवासी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है हँड़िया

आम धारणा के विपरीत हँड़िया केवल एक मादक पेय पदार्थ ही नहीं है। यह ऊर्जावर्धक भी है और आदिवासी समुदाय की परंपरा का हिस्सा भी है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में हँड़िया के प्रचलन और इससे जुडी एक रोचक कहानी के बारे में बता रही हैं [...]

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बस्तर आदिवासियों की अपनी अलग दिवाली

चूँकि भारत विविधताओं भरा विशाल देश है, ज़ाहिर है यहाँ पर राष्ट्रीय तौर पर मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मनाने के तरीके और रीति रिवाज़ भिन्न होंगे। आईये जानते हैं कैसे बस्तर के आदिवासियों का दियारी तिहार सामान्य दिवाली से अलग है

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आदिवासी किसान पुत्री का साहित्यिक जगत में धमाकेदार पदार्पण

झारखण्ड की एक साधारण सी लडक़ी ने अपने पहले ही उपन्यास से साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार २०२२ जीत लिया है। सुधीर कुमार मिश्रा लेकर आए हैं इस ३२ वर्षीया संथाली लेखिका की कहानी

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फिट रहने के लिए कैसा भोजन खाते हैं आदिवासी खिलाड़ी?

खिलाडिय़ों की उर्वर भूमि झारखंड कैसे-कैसे व्यंजनों और सब्जियों के जरिए अपने यहां की प्रतिभाओं का पोषण करती है, उन्हें स्फूर्ति देती है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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ये कैसी सख़्त नियम वाली कुश्ती खेलते हैं मिज़ो लोग?

दुनिया भर में अलग-अलग तरह से कुश्ती खेली जाती है और हर जगह के अपने अपने नियम होते हैं। इसी प्रकार मिज़ोरम भी है, जहां के लोग स्वदेशी इनबुआन कुश्ती खेलते हैं। कैसे खेला जाता है यह खेल, अखाड़े से लौटकर बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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गरीबी के खिलाफ कैसे लड़ीं और जीतीं आदिवासी महिलाएं

ओडिशा के आदिवासी गांवों में महिलाएं अब आर्थिक मदद के लिए किसी का मुंह नहीं ताकतीं। वे व्यवस्थित तरीके से गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं व साहूकारी से लड़ रही हैं, बता रहे हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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ओडिशा के आदिवासी थिएटर कलाकारों का उभरना और फिर गर्दिश में खो जाना

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों को थिएटर ने पहचान दिलाई, लेकिन किसी ने रोजी-रोटी के संकट तो किसी ने अन्य कारणों से अपना रास्ता ही बदल लिया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक गैर सरकारी संगठन अब उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर निखारने की कोशिशों में जुटा है। बता रहे [...]

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पूर्वोत्तर में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को बचाने की आदिवासी चिकित्सकों की मुहीम

आदिवासियों की प्राचीन प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टर भले ही अब कम होते जा रहे हैं, लेकिन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों एवं अनेक बीमारियों में कारगर इलाज को लेकर उनके गहरे ज्ञान से कोई इंकार नहीं कर सकता। ऐसे ही कुछ डॉक्टर किस प्रकार पारम्परिक [...]

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census
2011

Prime Minister Narendra Modi on Tuesday ceremonially hoisted a saffron flag on the Shikhar of the sacred Ram Janmbhoomi Temple in Ayodhya and recalled the ideals and principles of the Lord besides the contributions of several others who became the flagbearers of [...]

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झारखण्ड के रजत जयंती पर अगले 25 वर्षों के समग्र विकास का रोडमैप पेश किया मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में कहा कि राज्य की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए इसे समग्र विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए हम कार्ययोजना बना रहे हैं, जो आप बहुत जल्द देखेंगे। हमारे अमर वीरों के सपनों को हमें धरातल पर [...]

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राज्य के विकास योजनाओं में आदिवासी, जनजातीय समुदाय सबसे ऊपर: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु, खूंटी, में धरती आबा की 150वीं जयंती एवं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम सम्मिलित हुए। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बिरसा मुण्डा की विरासत राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिए प्रेरणादायक: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लोकनायक ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में भारतीय सभ्यता और संस्कृति में जनजातीय समुदाय के अतुलनीय योगदान को समर्पित जनजाति भागीदारी उत्सव (13 से 18 नवम्बर, 2025) का शुभारम्भ किया। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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रक्तदान अभियान के जरिए पूरा झारखण्ड जीवनदान का केंद्र बनेगा: हेमन्त सोरेन

झारखण्ड की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर रक्तदान शिविर महाअभियान पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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झारखंड रजत जयंती एवं बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती कार्यक्रमों के श्रृंखला की हुई शुरुआत

राज्य स्थापना के 25वें गौरवशाली वर्ष के अवसर पर “रन फॉर झारखण्ड” कार्यक्रम और जन-जागरूकता हेतु संचालित प्रचार वाहनों के फ्लैग ऑफ़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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झारखण्ड में JEE-NEET की निःशुल्क कोचिंग: जानिये कब तक कर सकते हैं आवेदन?

यह पहल झारखण्ड के आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता दिलाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पीवीटीजी क्षेत्रों में हाउसहोल्ड सैचुरेशन पर नीति आयोग का फोकस

पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) प्रखंडों में सेवा प्रदायन और आजीविका सुदृढ़ीकरण को लेकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा के पदाधिकारियों की नीति आयोग के साथ "सुपर 60" सेमिनार का आयोजन हुआ। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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धर्म से हमें सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की ताकत मिलती है: हेमन्त सोरेन

तीन दिवसीय लुगूबुरु, घांटाबाड़ी, धोरोम गाढ़ राजकीय महोत्सव-2025 का आज भव्य समापन हुआ। हज़ारों हज़ार की संख्या में लोगों ने संताल आदिवासियों के सबसे बड़े तीर्थ स्थल पर पूजा-अर्चना की। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा लुगूबुरु में स्थापित की जाएगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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इस आदिवासी समुदाय ने हाथी गलियारों को बना दिया सफल ईको-टूरिज्म उद्यम

कभी जिन हाथी गलियारों का नाम सुनते ही डर महसूस होता था, आज वही रास्ते विकास की पहचान बन गए हैं — बरिहा आदिवासी अब दुनिया को अपने बीच आमंत्रित कर रहे हैं। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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ओडिशा के आदिवासी किसान जीआई टैग वाली कंधमाल हल्दी क्यों छोड़ रहे हैं?

कालाहांडी के दूरदराज इलाकों में कोंध किसान अब परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया और अनजान करने जा रहे हैं—एक ऐसा प्रयोग जो उनके भविष्य को बदल सकता है। निरोज रंजन मिश्रा की रिपोर्ट

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किस हाल में हैं छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पहुँचे हजारों आदिवासी?

दो दशक पहले माओवादियों और सरकार-समर्थित सलवा जुडुम के बीच फंसे ये आदिवासी सीमापार भागे थे, लेकिन आज भी अलग तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रथम धरती आबा जनजातीय फिल्म महोत्सव शुरू

झारखण्ड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने डॉ रामदयाल मुंडा जनजाति शोध संस्थान में आदिवासी फ़िल्म फेस्टिवल का किया उद्घाटन। अक्टूबर 14 से 16 तक लोग आदिवासी दर्शन और संघर्ष की गाथा से रू ब रू हो सकेंगे। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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क्या यह प्राचीन, अद्भुत आदिवासी खेल आधुनिक रग्बी की जड़ है?

सदियों पुराने इस मणिपुरी खेल में पसीने और मिट्टी से लथपथ खिलाड़ी तेल से सने नारियल को पकड़ने की होड़ में भिड़ते हैं। यह न सिर्फ़ एक खेल है, बल्कि इस उत्तर-पूर्वी राज्य की सांस्कृतिक धरोहर है। इसके बारे विस्तार से बता रहा है The Indian Tribal

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झारखण्ड के मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों को नि:शुल्क मेडिकल, इंजीनियरिंग की तैयारी का मिलेगा अवसर

राज्य के लगभग 300 विद्यार्थियों को पहले चरण में इस योजना का लाभ मिलेगा। उनका चयन शैक्षणिक योग्यता और निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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एक संथाली कलाकार की प्रेरक यात्रा, छोटी सी आदत को बनाया राष्ट्रीय पहचान

ओडिशा के उदाला जैसे एक छोटे से शहर से निकल कर इस आदिवासी युवक ने देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। निरोज रंजन मिश्रा बता रहे हैं उनकी कहानी जो जुनून, संघर्ष और सफलता की मिसाल है

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योगी आदित्यनाथ ने दिए आदिवासी युवाओं को ज़िंदगी के मूल मंत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के अन्तर्गत लखनऊ भ्रमण पर आए पाँच राज्यों के 200 प्रतिभागियों के साथ संवाद कर रहे थे। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सिर्फ पूजा नहीं, जीवन और प्रकृति का उत्सव है यह आदिवासी पर्व

भारत भर में युवाओं, प्रकृति और जंगलों के साथ मानवीय रिश्ते का अनूठा उत्सव है कर्मा पूजा, जिसमें शामिल हैं गीत, नृत्य और अनगिनत लोककथाएँ। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ में मोटे अनाज को थाली में लौटाने की कवायद

इस आदिवासी-बहुल राज्य में एक अनोखे मिलेट मिशन की तैयारी जोरों पर है , जिसके ज़रिये महिलायें सशक्त होंगी, समुदायों को पोषण और आदिवासी खाद्य संस्कृति को नया आयाम मिलेगा। The Indian Tribalकी विस्तृत रिपोर्ट

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गुमनामी में चमक: पारंपरिक आदिवासी गहनों की सदियों पुरानी विरासत को अब भी बचाये हुए हैं ये आभूषण निर्माता

बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग, पहचान और बाज़ार से जुड़ाव के कोरापुट के दूरदराज़ गांवों में पीढ़ियों से सुनाड़ी कारीगर भोटड़ा जनजाति की महिलाओं के लिए पारंपरिक गहनों का निर्माण करते आ रहे हैं। निरोज रंजन मिश्रा ने इस विलुप्त होती धरोहर की पड़ताल की

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार: आदिवासियों को उनकी जमीन हड़पे जाने से बचाएँ

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिष्ठित आदिवासी नेताओं के एक समूह, जो विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, से महामहिम ने राष्ट्रपति भवन में सितम्बर 9 को मुलाकात की। इसी कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित [...]

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झारखण्ड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन को आदिवासी जमीन घोटाले में ७ साल की सजा

सीएनटी एक्ट उल्लंघन के 15 साल पुराने केस में रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 4 अन्य को भी 5-5 साल की सजा मिली है। विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी जमीन घोटाला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी समेत 10 दोषी करार, जानिए 15 साल पुराने केस की पूरी कहानी

झारखंड के बहुचर्चित सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी और कई अधिकारियों को दोषी ठहराया। जानिए कैसे की गई थी करोड़ों की जमीन खरीद और क्या है मामला। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन और भारत रत्न की बहस

भारत रत्न उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने राजनीति, समाज, साहित्य या विज्ञान के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी हो। अगर इसी कसौटी पर शिबू सोरेन को देखें, तो उनका योगदान किसी भी मायने में कम नहीं है।

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साहस, समर्थन और स्ट्रॉबेरी: ओडिशा के क्योंझर में आदिवासी किसानों की नई फसल क्रांति

ओडिशा के क्योंझर जिले में परंपरागत रूप से सब्जी की खेती करने वाले कई आदिवासी किसानों ने आईटीडीए के आग्रह पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू तो कर दी,  लेकिन झिझक भी रहे हैं। किसानों की हिचकिचाहट का कारण और नए प्रयोग में सफलता-असफलता पर निरोज रंजन मिश्र की [...]

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झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दशकर्म, संस्कार भोज संपन्न

उनके नेमरा, रामगढ़ स्थित आवास पर केंद्रीय रक्षा मंत्री और तेलंगाना के मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और दिशोम गुरु को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। भोज में हज़ारों-हज़ार की संख्या में ग्रामीण भी सम्मिलित हुए। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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वे सिर्फ मेरे ‘बाबा’ नहीं थे, मेरे विचारों की जड़ें भी थे: हेमन्त सोरेन

अपने पिता शिबू सोरेन को खो देने का दर्द समाये, उनके पुत्र और झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने 'बाबा' के सपने को पूरा करने का वादा किया। प्रस्तुत है हेमन्त का लिखा भावनात्मक नोट जिसे उन्होंने अपने X हैंडल पे साझा किया

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आदिवासी महोत्सव: झारखण्ड की सांस्कृतिक गरिमा, अस्मिता और आधुनिकता का होगा जीवंत प्रस्तुतीकरण

जनजातीय कलाकारों द्वारा झांकी के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी कला संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए रीझ रंग रसिका का प्रदर्शन विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक संपन्न होगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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आदिवासी महोत्सव 2025 के लिए जागरूकता रथ रवाना

राजधानी रांची से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना। पूरे राज्य में जन-जन तक पहुंचाएगा महोत्सव से जुड़ी जानकारी, महत्व और संदेश। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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विशुद्ध मनोरंजन के साथ साथ अहम् जानकारियाँ भी देते हैं ये आदिवासी कलाकार

पिछले दो दशकों से भी अधिक समय तक चार अलग-अलग भाषाओं में मंच पर सामाजिक मुद्दों की प्रस्तुति कर रहा है यह दल। निरोज रंजन मिश्रा ने इस आदिवासी समूह की प्रेरक शक्ति से मुलाकात की

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आखिर किसने बदल डाली कमार महिलाओं की किस्मत

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के दूरदराज के गांव की आदिवासी महिलाएं बहुत ही मेहनती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन महिलाओं के जीवन में कैसे आया बदलाव The Indian Tribal की रिपोर्ट

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हताशा से आत्मविश्वास तक: दो शारीरिक रूप से अक्षम आदिवासियों की प्रेरक कहानी

ओडिशा के दो कोंध आदिवासियों के लिए ज़िंदगी तब पूरी तरह बदल गई जब बचपन में ही उन्होंने अपने अंगों की गतिशीलता खो दी। इससे वे गहरे अवसाद और निराशा में डूब गए। नीरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं की अचानक ऐसा क्या हुआ कि जिससे उनकी [...]

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अकल्पनीय! बंजर जमीन में लहलहाई अनार की फसल

आदिवासियों की जिद और प्रकृति प्रेम के आगे बंजर धरती का दिल भी पिघल गया। जिला बागवानी विभाग की मदद से आज इसमें अनार के पेड़ लहलहा रहे हैं। निरोज रंजन मिश्र लाए हैं इन भुंजिया जनजाति के किसानों के कठिन परिश्रम की कहानी

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वन्य जीवों का संरक्षण और बच्चों की शिक्षा साथ-साथ

‘बाघों का घर’ नाम से मशहूर कान्हा टाइगर रिजर्व के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में 8 साल पहले छेड़ी गई एक मुहिम से 100 से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। अनूठी पहल के बारे में The Indian Tribal की खास रिपोर्ट

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ग्रीष्म ऋतु, आदिवासी और महुआ की कहानी

रसीले फूलों से लेकर उनके सूखने और फिर बोतलों में बंद होने तक स्वाद से भरपूर महुआ शराब की कहानी कुछ अलग ही है। गर्मी के इस मौसम में आदिवासी संस्कृति के अभिन्न अंग इस शानदार पेय के बारे में The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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झारखण्ड की एक और युवा आदिवासी लेखिका ने साहित्य जगत में लहराया परचम

राजधानी रांची के राम लखन सिंह यादव कॉलेज में कार्यरत इस सहायक प्राध्यापक का चयन हिंदी भाषा के साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार-२०२५ के लिए हुआ है। इससे पहले 2022 में कोल्हान की एक आदिवासी सहायक प्राध्यापक को इस पुरस्कार से नवाज़ा गया था। The Indian Tribal की [...]

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आयोग लाएगा आदिवासी ज़मीन की खरीद-बिक्री पर थाना क्षेत्र की बाध्यता पर स्पष्टता

झारखण्ड TAC की बैठक के इस अहम् मुद्दे पर गहन चर्चा हुयी। इससे राज्य में राजनितिक सरगर्मी बढ़ने के आसार हैं। वहीँ झामुमो की अगुवाई वाली सरकार को ये भी ध्यान रहेगा कि CNT Act और SNPT Act में बदलाव करने की कोशिश भाजपा पर पहले बहुत भारी [...]

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झारखंड में बनेगा जनजातीय विश्वविद्यालय 

विगत कई वर्षो से क्षेत्रीय-जनजातीय भाषा विज्ञान व जनजातीय विषयों पर शोध कार्य करने वाले विशेषज्ञों, जानकारों, शिक्षाविद के द्वारा झारखंड में जनजातीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग की जा रही थी। The Indian Tribal की रिपोर्ट 

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सौर ऊर्जा ने भगाया अंधेरा, झिलमिला उठे आदिवासियों के भविष्य के सपने

दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे विशेष रूप से ओडिशा में रहने वाले बहुत ही पिछड़े आदिवासी समूह को अपने गांव में उम्मीद की एक किरण नजर आई है। इन्हें अब लगने लगा है कि उनके बच्चों का भविष्य भी अन्य की तरह बेहतर और सुनहरा होगा। [...]

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जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव को चित्रों में उकेरने की अनूठी पहल

इस वर्ष धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का ऐतिहासिक उत्सव मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में राज्य-स्तरीय जनजातीय चित्रकार शिविर का आयोजन किया जा रहा है । The Indian Tribal की रिपोर्ट

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झारखण्ड के महान विभूतियों की संघर्ष गाथा हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुमका में राजकीय कार्यक्रम में झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने आदिवासी वीरों को याद किया और कहा कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करना हमारी परम्परा रही है। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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खरसावां शहीद स्मारक को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिलाएंगे: हेमन्त सोरेन

1 जनवरी 1948 को तत्कालीन खरसावां का उड़ीसा राज्य में विलय के विरोध में इकट्ठे हुए हजारों आदिवासियों पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए। आधिकारिक तौर पर 35 आदिवासियों के मरने की पुष्टि की गयी हालांकि अलग-अलग आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या कई [...]

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इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने पर्यटन गाइड बन आदिवासी जीवन को दुनिया के समक्ष लाने का बीड़ा उठाया है

उनके पिता आधिकारिक दौरों पर बस्तर के सुदूर गांवों में जाया करते थे। पिता के जरिए ही आदिवासियों में उनकी रुचि जगी। आज वह पर्यटकों को आदिवासी संस्कृति से रूबरू करा रही हैं और पर्यटन को लेकर महिलाओं का नजरिया बदलना चाहती हैं । इस बारे में उन्होंने The [...]

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कभी थी पुलिस उनके पीछे, आज पुलिस बन वे नक्सलियों के पीछे

कभी पुलिस उनका पीछा किया करती थी, आज वे खुद पुलिस की वर्दी में प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के खिलाफ अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। वे शीर्ष नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विजय सिंह ठाकुर लाए हैं ऐसे ही दो [...]

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप पर 17 साल बाद आदिम जनजाति युवक को मिला न्याय

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री को सूचित करते हुए उपायुक्त लातेहार ने बताया कि युवक को शिक्षा विभाग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। The Indian Tribal की report

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हेमन्त सरकार का 11697.45 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश

महिलाओं, युवाओं, किसानों पर विशेष ध्यान। नए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में एक मजबूत एवं स्थिर सरकार के गठन का जनादेश जनता ने दिया है, हम जनादेश का सम्मान करते हुए जन-आकांक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हैं। सुधीर कुमार मिश्रा [...]

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आदिवासियों के लिए कर्मा पूजा का क्या है महत्व?

क्या आप जानते हैं कि कर्मा या कर्म वृक्ष (नौक्लिया परविफोलिया) की तीन शाखाएं आंगन की मिट्टी में अथवा गाँव के अखरा और सामुदायिक केंद्र में क्यों लगाई जाती हैं? The Indian Tribal की रिपोर्ट में है इसका विस्तृत जवाब

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अहोवी : मेघालय की संस्कृति का दूत गारो बैंड

गारो लोकगीत और संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहा है सात सदस्यों वाला फोक फ्यूजन बैंड। शुरू में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ यह बैंड आज अपने अनूठे संगीत के माध्यम से नई पहचान गढ़ता जा रहा है। बैंड और इसके सदस्यों की संघर्षपूर्ण यात्रा के बारे में [...]

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बिरसा मुंडा के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए: मंडाविया

छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर में जनजातीय गौरव दिवस (नवंबर १५) के उपलक्ष्य में माटी के वीर पदयात्रा का भव्य आयोजन केंद्रीय श्रम और रोजगार एवम युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में गुरुवार को हुआ।। The Indian [...]

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मोबाइल रेडियो ने उठाया असुर भाषा को बचाने का बीड़ा

पिछले तीन वर्षों से सबसे प्राचीन और कमजोर जनजातीय समूहों में से एक की लुप्तप्राय असुर भाषा को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की अनूठी पहल शुरू की है झारखंड के स्वदेशी मोबाइल रेडियो ने। क्या है यह पहल, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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लंदन की धरती पर बिखेरी झारखंड के सांस्कृतिक रंगों की छटा

झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 90 किलोमीटर दूर एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाली आर्टिस्ट ने राज्य सरकार की छात्रवृत्ति के जरिए अपने सपनों को उड़ान दी और ब्रिटेन के डॉकलैंड्स के ईस्ट लंदन यूनिवर्सिटी पहुंच मचा दी हलचल। सुधीर कुमार मिश्रा से इस [...]

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क्या बैंक की नोकरी छोड़ खेती करने का निर्णय सही था?

सुगंधित पौधों की खेती करने के लिए उन्होंने बेझिझक होकर बैंक की अपनी पक्की नौकरी छोड़ दी। इन सुगंधित पौधों का तेल बाजार में महंगे दामों पर बिकता है। ऐसे में अब एक साल बाद क्या उन्हें अपने फैसले पर पछतावा है? निरोज रंजन मिश्र के [...]

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आप अपना समर्थन आदिवासी लड़ाकू सीएम को दें: कल्पना सोरेन

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन ने गढ़वा में मइयां सम्मान यात्रा का मोर्चा संभाला। वहीँ मुख्यमंत्री ने खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड में आयोजित "आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम में सरना धर्म कोड के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी अस्मिता की रक्षा सिर्फ भाजपा कर सकती है: जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा परिवर्तन यात्रा की शुरुआत अमित शाह जी ने संथाल से शुरू की। मुझे यहां मौका मिला। यात्रा झारखंड में परिवर्तन लायेगी । ये यात्रा आदिवासी हक हुकूक की सुरक्षा, उनके अस्मिता की रक्षा की यात्रा है। आदिवासी जमीन की लूट रोकने की [...]

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लाख उत्पादों के व्यावसायिक विकास से आदिवासियों के जीवन-स्तर में सुधार होगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, (आईसीएआर), रांची के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लाख का उत्पादन मुख्य रूप से जनजातीय समाज द्वारा किया जाता है और यह उनके आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लखपति दीदी के बजाय [...]

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जाउआ उठा के साथ श़ुरू हुआ करम पर्व उत्सव 

झारखंड में करम पूजा का उल्लास नजर आने लगा है। इस वर्ष करम पूजा 14 सितंबर को विधि-विधान के साथ आयोजित की जाएगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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मुनाफे ने बदला आदिवासी किसानों का मन, खेत-खेत नजर आ रही लेमनग्रास

कपास की खेती में लगातार हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए ओडिशा के कोरापुट में आदिवासी लोग धीरे-धीरे अब लेमनग्रास की खेती की तरफ मुड़ रहे हैं। कपास के मुकाबले यह अधिक लाभ दे रही है किसानों के बदलते मिजाज पर निरोज रंजन मिश्र की विस्तृत रिपोर्ट

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प्रोजेक्ट उत्कर्ष: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स की हॉकी टीमों का शानदार प्रदर्शन

आदिवासी-बहुल खूँटी जिले में यह प्रोजेक्ट उपायुक्त के निर्देश पर सफलतापूर्वक चलायी जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें उच्च स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करना है। विजेता टीमें अब राष्ट्र स्तर पर आयोजित नेहरू कप में भाग लेंगे। The Indian Tribalकी [...]

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आधुनिक खेलों की चमक में गुम हुआ यह दिलचस्प आदिवासी खेल

आदिवासियों का बहुत ही मनोरंजक खेल कटी अब धीरे-धीरे मैदानों से गायब हो रहा है। इसे ओडिशा के मयूरभंज जिले और झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में संथाल आदिवासी जनजातियों के युवा खेलते हैं, लेकिन इस पारंपरिक खेल पर प्रमुख खेल क्लबों और राज्य सरकारों की उपेक्षा भारी पड़ [...]

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की

राखी के ठीक पहले शुरू हुए इस योजना के तहत अब झारखंड की 21 से 50 वर्ष की सभी पात्र महिलाओं को हरेक वर्ष मिलेगी 12 हजार रुपए सम्मान राशि। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से पाकुड़ जिले की 81 हजार [...]

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चम्पाई ने जेएमएम से अलग होने का निर्णय सार्वजनिक किया, हेमंत द्वारा अपमानित होना वजह बताई

खुली चिट्ठी में चम्पाई ने गिनाये अपमानित होने वाले वाकये। पूछा कि क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति (हेमंत) रद्द करवा दे? पार्टी की कार्यशैली पर भी बातों ही बातों में सवाल खड़े किये। सभी [...]

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जनता से किये हर वादे को पूरी संजीदगी से निभाने का प्रयास कर रहे हैं: हेमंत सोरेन

अगले कुछ महीनों में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोरहाबादी में आयोजित राजकीय मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की साढ़े चार वर्षों की उपलब्धियां गिनाई। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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देश की नई रग्बी स्टार हैं ये आदिवासी लड़कियां

ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले में बहुत ही गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाली ये लड़कियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदेश और क्षेत्र-समाज का नाम रोशन कर रही हैं। इन उभरते सितारों और इन्हें गढ़ने वाली शख्सियत से रूबरू करा रहा है The Indian Tribal [...]

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संथाल परगना की डेमोग्राफी में बदलाव भयावह: आशा लकड़ा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमान संथाल परगना की भोली-भाली आदिवासी युवतियों से शादी कर डेमोग्राफी को चेंज कर रहे हैं। उन्होंने संथाल के जिलों का भ्रमण कर वहां की स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है जिसे आयोग को सौंपी [...]

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कभी थे लोक नर्तक, अब फ्यूजन बैंड के सितारे

धीरे-धीरे लुप्त हो रही संगीत की विरासत को बचाने-सहेजने के लिए कुछ करने के अहसास ने सिक्किम के दो भाइयों- किंगचुम और नामचुंग को लेप्चा लोक फ्यूजन बैंड बनाने को प्रेरित किया और आज दोनों संगीत के फलक पर सितारों की मानिंद चमक रहे हैं। उनकी प्रेरक कहानी [...]

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सूखते जंगलों को 35 वर्षों से जीवन देने में जुटे आदिवासी

हरियाली खत्म होने के कारण जब हर तरफ उजाड़ सा नजर आने लगा, जंगलों की जान सी निकलने लगी, तो ग्राम सभाओं ने पहल कर 1989-90 में पौधे लगाने शुरू किए। आज लगभग 35 वर्ष हो गए, पौधारोपण अनवरत जारी है। एनजीओ एफईएस के आने से यह अभियान [...]

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सूखे बुंदेलखंड को अपनी विरासत का मोह

मध्य प्रदेश के छतरपुर और दमोह जैसे जिलों में आदिवासी भले पानी की कमी और गरीबी से जूझ रहे हों, लेकिन वे अपने घरों की दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों के आसपास के क्षेत्र को भित्तिचित्रों के माध्यम से सुंदर रूप देना नहीं भूलते। उनकी इसी रचनात्मकता पर पेश [...]

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन इस खेल की जान है। प्रोयशी बरुआ की रिपोर्ट

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आदिवासी लड़कियों को रहता चांदनी रातों का इंतजार

ओडिशा में एक उत्सव ऐसा होता है, जिसे केवल लड़कियां ही मनाती हैं, लेकिन उसका आनंद सभी उठाते हैं। लोगों को फसल कटाई सीजन के खत्म होने का तो लड़कियों को चांदनी रातों का बेसब्री से रहता है इंतजार। निरोज रंजन मिश्र की खास रिपोर्ट

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यहां फसल की रखवाली करते हैं ‘बंदर’ 

बच्चों के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उन्हें फसल कटने के बाद खाली हुए खेतों में स्वतंत्र रूप से दौड़ने और खेलने के लिए छोड़ दिया जाए? ओडिशा के गांवों में ऐसे नजारे आम हैं। बच्चे फसल कटाई के बाद खेतों में करते हैं [...]

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झाड़ू से पैसा ‘समेट’ रहीं आदिवासी महिलाएं!

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर में तत्कालीन प्रभागीय वन अधिकारी की ओर से वर्ष 2018 में शुरू की गई एक पहल ने आदिवासी महिलाओं की जिंदगी बदल दी। आज वे अपने दम पर आजीविका कमा रही हैं। कैसे आया यह बदलाव? The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ में आदिवासी महिला गाइड ने बनाई अलग पहचान

कांगेर वैली में वह पर्यटकों की पसंदीदा गाइड है। हो भी क्यों नहीं? वह यहीं पली-बढ़ी है, इसलिए उसे प्रकृति और प्राकृतिक दृश्यों की बहुत गहरी समझ है। उसके और उसके काम के बारे में विस्तार से बता रहा है The Indian Tribal

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इस आदिवासी महिला फारेस्ट गार्ड ने मिसाल कायम की है

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के घने जंगलों में जान की बाजी लगाकर वनों और वन्यजीवों की रक्षा का अपना कर्तव्य निभा रही हैं यह 44 वर्षीय गोंड आदिवासी महिला। दो बच्चों की मां इस वन रक्षक की लगन और संघर्ष की कहानी लेकर आया है The Indian Tribal

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दो संथाली निर्देशकों की बाल फिल्मों ने मचाई हलचल

बच्चों पर आधारित उनकी लघु फिल्में न केवल समीक्षकों और सिने प्रेमियों द्वारा सराही गईं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन्होंने कई पुरस्कार बटोरे। इन सथाली फिल्मों के दोनों प्रतिभाशाली निर्देशकों से बात की निरोज रंजन मिश्र ने

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जानवरों की नकल कर छिपी वस्तु खोजो तो जानें

प्रकृति के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का व्यवहार, स्वयं के अलावा अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान और बहुत सारा मनोरंजन अरुणाचल प्रदेश के इस जनजातीय खेल की जान है, बता रही है प्रोयशी बरुआ

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ग्रामीण विकास विभाग के हर ठेके में मंत्री आलमगीर आलम का कमीशन 1.5 फ़ीसदी तय था: ईडी

आलमगीर को 10 दिनों के रिमांड पर लेने की अर्ज़ी देते हुए ईडी ने यह भी दावा किया कि उनके आप्त सचिव संजीव लाल के गृह सहायक के यहां से बरामद 32.2 करोड़ रुपये आलमगीर आलम के ही हैं। कोर्ट ने मंत्री को 6 दिनों के लिए [...]

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ज़ेरोन की तमन्ना है कि…विश्व पटल पर छा जाए लेप्चा संगीत

तीन भाषाओं में आदिवासी रीति-रिवाजों को समकालीन पश्चिमी शैली से जोडक़र पेश करना इस आदिवासी गायिका का हुनर है। जो उन्हें सुनता है, दीवाना हो जाता है। सुरीली आवाज की मल्लिका के बारे में विस्तार से बता रही हैं नीलांजना राय

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आदिवासी बच्चों का भविष्य निखार रहा सीसीएल का ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’

कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की सीएसआर पहल फुटबॉल का शौक रखने वाले होनहार खिलाडिय़ों खासकर आदिवासी बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। एनजीओ आशा के निमंत्रण पर The Indian Tribal के संस्थापक-संपादक एम. मधुसूदन ने ‘प्रोजेक्ट फुटबॉल’ पर करीब से [...]

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ओडिशा में हर तरफ मटिगन की गूंज

कोंध आदिवासी लोग चैत्र मास के दौरान संगीत और नृत्य के साथ अपने भगवान की पूजा करते हैं। क्या युवा, क्या बुजुर्ग सभी इस उत्सव में उत्साह से भाग लेते हैं। खूब दावतों का दौर चलता है। निरोज रंजन मिश्र इस उत्सव पर विस्तार से प्रकाश डाल [...]

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आदिवासी दंत चिकित्सक को जुनून अपनी संस्कृति और पारंपरिक जायकों के संरक्षण का

अपने पायलट पति अभिषेक के साथ मिलकर राज्य की राजधानी रांची से लगभग 64 किलोमीटर दूर खूंटी में ‘द ओपन फील्ड’ फार्म-टू-टेबल रेस्टोरेंट चला रही इस बहुमुखी प्रतिभा की कहानी लेकर आए हैं सुधीर कुमार मिश्र

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डॉक्टर नहीं बने तो क्या, समुद्री वैज्ञानिक बन की नई-नई खोज

गरीबी ने इस संथाली आदिवासी को सर्जन तो नहीं बनने दिया, परंतु वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने समुद्री जीवन में कई खोज कर ख्याति हासिल की। विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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ज़िंदगी के उतार चढ़ाव से जूझते आदिवासी चित्रकार ने उकेर डाली अपनी अलग कहानी

गरीबी और नाकामियां भी मजदूर परिवार में जन्मे बारीपदा के आदिवासी चित्रकार का हौसला नहीं तोड़ पाईं। कला के प्रति जुनून ने उन्हें रास्ते के कांटों की चुभन को महसूस ही नहीं होने दिया। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं कैसे यह कलाकार आज अपनी मेहनत के फल [...]

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ऊंची उड़ान भरने को बेताब ‘उड़ान’

बस्तर जिले के कोंडागांव में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने मिलकर संस्था ‘उड़ान’ बनाई। अपने अस्तित्व के तीन सालों में ही यह संस्था ऊंची उड़ान भरने को बेताब है। महिलाओं के शानदार प्रयासों पर The Indian Tribal  की रिपोर्ट

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कहां खो गई बस्तर की प्रसिद्ध तूमा शिल्प

सूखी लौकी से बने सुंदर लैंप और पानी रखने के मजबूत बर्तन कभी छत्तीसगढ़ की शान हुआ करते थे। सदियों पुरानी यह तूमा शिल्प अब धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। The Indian Tribal की खास रिपोर्ट

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ओडिशा के इस आदिवासी युवक की बात ही कुछ और है

वुशु, किकबॉक्सिंग और थाई बॉक्सिंग में खूब नाम कमाने के बाद 17 वर्षीय भुइयां लडक़ा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाने के लिए इंडोनेशियाई पेनकैक सिलाट की ओर मुड़ गया है। क्या हैं उसके इरादे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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बच्चे के जन्म के दो दिन बाद 200 किमी दूर जाकर दी परीक्षा, बनी जज

एक एम्बुलेंस ड्राइवर से उनकी शादी कर दी गई पर इसके बावजूद वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटीं। आज वह अपने समुदाय की पहली सिविल जज है। THE INDIAN TRIBAL की रिपोर्ट

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झारखंड में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना शुरू, नागरिकों को मिलेगी फ्री बस सेवा

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रांची, लोहरदगा और गुमला जिला में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत 83 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही अबुआ आवास योजना के लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरित किए। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पारंपरिक पोशाक से क्यों मुंह मोड़ रहीं ये महिलाएं

महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय में बुजुर्ग महिलाएं तो अपनी सदियों पुरानी पोशाक आज भी पहनती हैं, लेकिन नई पीढ़ी की पसंद बदल रही है। इसी सामाजिक बदलाव पर द इंडियन ट्राइबल की रिपोर्ट

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अलसी उत्पादन का हब बना कोरापुट

उच्च पोषण, औषधीय और व्यावसायिक दृष्टि से बहुमूल्य अलसी ओडिशा के हजारों आदिवासी किसानों की आजीविका का सहारा बन गई है। सरकार जिस तरह बाजरा मिशन के तहत बाजरे की खेती को बढ़ावा दे रही है, यदि उसी प्रकार अलसी पर भी ध्यान दे तो यहां के किसानों [...]

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कान्हा टाइगर रिजर्व – ढलानदार छत वाले खूबसूरत घरों में बसी आदिवासी संस्कृति

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास दूर तक फैली हरियाली से घिरे कच्ची मिट्टी से बने ढलान वाली छत के दो मंजिले खूबसूरत घर हर किसी का मन मोह लेते हैं। पेश है The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आईटीडीए ने बदल दी किसानों की किस्मत

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के दूरदराज गांवों के किसान सरकारी योजनाओं के जरिए न केवल बेहतर फसलें ले रहे हैं, बल्कि उनसे मोटा मुनाफा कमाकर आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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आदिवासियों की ‘हॉकी’ को बचाने की जद्दोजहद

जनजातीय समुदाय के लोगों के मनोरंजन का बेहतरीन साधन सदियों पुराना पारंपरिक खेल फोड़ी अब विलुप्त होता जा रहा है। झारखंड में स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कुछ सामाजिक संगठन इस खेल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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कपड़ों में रंगों को लेकर इतने संवेदनशील क्यों त्रिपुरा के लोग

त्रिपुरा की सभी जनजातियों की पोशाक अनूठी होती है, जहां कपड़े ही नहीं, रंग का भी बहुत महत्व होता है। त्रिपुरी महिलाओं को क्या-क्या पहनना पसंद है, उनसे बातचीत के आधार पर यहां बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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कचरे से भी सजावट, क्या हुनर है!

कपास के कचरे से, जी हां कपास के कचरे से सजावटी और दैनिक उपयोग में काम में आने वाली वस्तुएं बनती हैं। कचरा भी सिमटता है और आमदनी भी होती है। ओडिशा भर में सौ से अधिक आदिवासी महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर संदेश देती हैं [...]

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झारखंड में आदिवासियों-दलितों को वृद्धावस्था पेंशन अब 50 साल से ही: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा ऐसा इसलिए किया जायेगा क्यूँकि उनमें मृत्यु दर अधिक है और उन्हें 60 साल के बाद नौकरी नहीं मिलती है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति और हिंदू पुराण से असमिया संस्कृति का गहरा जुड़ाव

असम के आदिवासी समुदायों की लोक विरासत पर प्रकृति एवं हिंदू पौराणिक कथाओं का बड़ा गहरा प्रभाव है। यह कहने में कोई आपत्ति नहीं कि यह उत्तर-पूर्वी राज्य लोक परम्पराओं का स्वर्ग है। इस लोक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाल रही हैं प्रोयशी बरुआ

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अब संघ लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग संताली भाषा में

शुभारंभ 27 दिसम्बर को होगा और इच्छुक छात्र छात्राएं डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान की वेबसाईट से या दूरभाष से ले सकते हैं जानकारी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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सुरक्षित महावारी के लिए अनूठा मिशन

मासिक धर्म के दौरान ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 26 वर्षीय कोंध युवक अपनी पंचायत में सैनिटरी पैड के उपयोग का महत्व समझाने के मिशन पर निकला है। निरोज रंजन मिश्रा बता रहे हैं उसकी कहानी

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धान के दाने पर जादूगरी दिखाता है ये शिल्पकार

अपने समकालीन कलाकारों के विपरीत नबरंगपुर के इस भोत्रा आदिवासी ने अपने डिजाइनों में अलग छाप छोडऩे एवं कुछ नया करने के लिए अपना कौशल लगातार निखारा। लीक से हटकर कुछ खास करने वाले धान शिल्पकार पर निरोज रंजन मिश्रा की रिपोर्ट

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फिल्मों के जरिए आदिवासी मुद्दों को बहस के केंद्र में ला रहीं कैरी

उगते सूरज की धरती पर तमाम सामाजिक मुद्दों पर विचारोत्तेजक कार्य कर वह अलग छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने राज्य के फिल्म निर्माताओं के समूह- द अरुणाचल फिल्म कलेक्टिव की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोयशी बरुआ बयां कर रही हैं युवा आदिवासी फिल्म निर्माता कैरी [...]

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दवाओं के लिए आदिवासियों ने दिखाई वैज्ञानिकों को राह

ओडिशा में आदिवासियों की रसोई में पाए जाने वाले पांच किस्म के जंगली फूल पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फूलों की खाने के साथ-साथ औषधीय उपयोगिता के बारे में विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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जीवन जीने का तरीका बदल रही आदिवासी योगिनी

वह वनस्पतिशास्त्री बनने का सपना देखा करती थी, लेकिन योग से प्यार हो गया। फिर क्या था, ऐसी तल्लीनता से योग को अपनाया कि विश्व रिकॉर्ड धारक बन गई। राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार अपने नाम किए। इस गोंड लडक़ी के संघर्ष एवं उपलब्धियों का वर्णन कर [...]

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पश्चिमी डांस के शोर में कथक सिखा रहीं आदिवासी नृत्यांगना

ऐसे दौर में जब अधिकांश युवा पश्चिमी डांस की ओर आकर्षित हो रहे हैं, 40 वर्षीय नृत्यांगना भारतीय शास्त्रीय नृत्य-संगीत के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं। संभवत:कथक की पहली आदिवासी नृत्यांगना से परिचय करा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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नक्सली गढ़ से पर्यटन हब तक, बदलाव की ओर बस्तर

एक समय था जब छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला नक्सली गढ़ के रूप में कुख्यात था, लेकिन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी आदिवासी जीवनशैली के लिए अब पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति के साथ मीठे सुर छेड़ते ये घुमंतू आदिवासी

जम्मू और कश्मीर की पहाड़ी ढलानों पर घूमते चरवाहों के एकांत का साथी होता है संगीत। THE INDIAN TRIBAL इन आदिवासी खानाबदोश लोगों के कुछ विशेष संगीत यंत्रों के बारे में लाया है जानकारी

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अनूठा स्कूल लगा रहा आदिवासी बच्चों के सपनों को पंख

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के सुरम्य चंदेनार गांव में स्थित स्कूल गोंड और हल्बी जातियों के बच्चों को वैकल्पिक शिक्षा का सबसे सुलभ और बेहतरीन माध्यम है। विस्तृत जानकारी लाई हैं दीपान्विता गीता नियोगी

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कभी चखे हैं पूर्वोत्तर के ये स्वादिष्ट व्यंजन?

पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाली तमाम जनजातियां स्वादिष्ट और दिलचस्प व्यंजनों के लिए जानी जाती हैं। विशेष बात यह कि उनके ये अलग तरह के भोजन मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर पाई जाने वाली सामग्री से तैयार होते हैं। प्रोयाशी बरुआ लेकर आई हैं कुछ पसंदीदा रेसिपी। [...]

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“डीवीसी का हाइडल पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट लुगु पहाड़ पर लगने नहीं दिया जायेगा”

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (टीएसी) की 26वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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पीछे देखने के बजाय, आगे बढ़ने पर ज़ोर: हेमन्त

झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यहाँ के आदिवासी-मूलवासी पिछड़ा रहने को मजबूर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पे निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने राज्य को पिछड़ा बनाया उन्हें जनता ने सजा देने का काम किया है। इस [...]

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आदिवासियों का पसंदीदा पेय सल्फी पिया क्या?

महुआ छत्तीसगढ़ का पवित्र वृक्ष माना जाता है और इसकी शराब आदिवासी बहुल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन इसी प्रकार का एक और पेय सल्फी भी आदिवासी लोगों में खूब लोकप्रिय है। इस पेय के बारे में अधिक जानकारी लेकर आये हैं The Indian Tribal

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अपने दम पर फहराया मिज़ो आर्ट का झंडा

किसी भी कलाकार को पारंपरिक कला की शब्दावली और उसके असंख्य रूपों की समझ होना बहुत जरूरी है। ऐसे ही गुणों से संपन्न, पुरस्कार विजेता और मिज़ोरम में आर्ट गैलरी चलाने वाली एकमात्र महिला कलाकार के बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मिठाई ही नहीं, सांप-बिच्छू के काटे की दवा भी

साधारण सी कंद से अनूठी स्वादिष्ट मिठाई तो बनती ही है, आदिवासी लोग इसका उपयोग सांप, गिलहरी या चूहे के काटने पर दवा के रूप में भी करते हैं। निरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं इस कंदमूल के बारे में

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झारखण्ड बनाएगा अपना ट्राइबल डिजिटल एटलस

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर बनने वाले इस एटलस में प्रथम चरण में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय (PVTG) पर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य है जिसके अन्तर्गत इस समुदाय का बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। The Indian Tribalकी रिपोर्ट

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अहा! पीढिय़ों से पसंदीदा मिठाई पीठा

त्योहारों, ख़ास कर, दुर्गा पूजा के समय पीठा आमतौर पर पूरे पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में बनाया जाता है। लेकिन बंगाल के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में यह थोड़ा अलग तरह से तैयार किया जाता है। इस जायकेदार मिठाई के बारे में अधिक जानकारी लेकर आई हैं एस. [...]

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मणिपुर में जातीय संघर्ष को नजरअंदाज करना हुआ खतरनाक

भारत के सबसे उग्रवाद प्रभावित प्रदेश मणिपुर में जातीय दुराव या संघर्ष को कम करके आंकने का ही परिणाम है कि वहां महीनों से हिंसा काबू में नहीं आ रही है। लगभग 15 संगठन जनजाति और समुदाय के आधार पर आपस में खूनखराबा करते रहे हैं। मृत्तिका जैन [...]

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इंद्रावती टाइगर रिजर्व के जनजातीय हीरो

पिछले एक साल से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में गश्ती गार्ड के रूप में कार्यरत स्थानीय आदिवासी युवाओं ने दीपान्विता गीता नियोगी को बताया कि वे कैसे काम करते हैं और उनके सामने इस दौरान क्या-क्या चुनौतियां पेश आती हैं।

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राजस्थानी जनजातीय कला मांडना पर शहरीकरण की छाया

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस रेगिस्तानी राज्य के कच्चे घरों के धीरे-धीरे पक्के मकानों में तब्दील होने के कारण मांडना कला अब विलुप्त होती जा रही है, बता रही हैं दीपन्विता गीता नियोगी

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असम में मजबूत कद-काठी का दूल्हा चाहिए, तो ये खेल देखो

असम के कई आदिवासी गाँवों में इस खेल में बुजुर्ग अपनी बेटियों या पोतियों के लिए मजबूत कद-काठी वाला दूल्हा तलाशते हैं। कुछ अमीर और समृद्ध किसान अपने खेतों में मजदूरी के लिए बलशाली युवाओं को भी इसी खेल के माध्यम से छांट लेते हैं। क्या है यह [...]

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आदिवासी कार्टूनिस्ट ने बनाई अपनी विशेष पहचान

एक बढ़ई परिवार से आने वाले इस भूमिजा आदिवासी ने न केवल एक कार्टूनिस्ट के रूप में अपनी पहचान बनाई बल्कि ओडिशा कार्टूनिस्ट अकादमी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरोज रंजन मिश्रा लाए हैं ओडिशा के एकमात्र आदिवासी कार्टूनिस्ट की कहानी

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झारखण्ड के जरूरतमंद लोगों के लिए नयी अबुआ आवास योजना, मुख्यमंत्री सोरेन का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगले दो वर्षों में 15000 करोड़ से ज्यादा खर्च कर राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। The Indian Tribalकी [...]

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बाल विवाह के खिलाफ जुनूनी महिला ने खड़ा कर दिया आंदोलन

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ एक 29 वर्षीय महिला ने मोर्चा संभाला हुआ है। जहां से भी बाल विवाह की खबर मिलती है, वह वहां पहुंच कर उसे रुकवा देती हैं। उसके इस मुहिम और उसकी चुनौतियों के बारे बता [...]

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आदिवासियों की आईडेंटिटी बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दो दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव का समापन बड़े ही धूम धाम से हुआ। दिव्यांगों के फैशन शो से लेकर मंत्रमुग्ध कर देने वाली लेज़र शो तक, विभिन्न राज्यों के आदिवासी लोक नृत्यों से लेकर प्रसिद्ध लोक गायकों की प्रस्तुति तक -- दर्शकों ने पूरा लुत्फ़ उठाया। इस [...]

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झारखंड आदिवासी महोत्सव में भव्य फिल्म फेस्टिवल का भी होगा आयोजन

राज्य की परंपराओं, संघर्षों और इतिहास जानने का अवसर देगा फिल्म फेस्टिवल। झारखण्ड के उभरते युवा फिल्म निर्माताओं को मिलेगा मंच। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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आदिवासी कला संस्कृति से गुलजार होगा बिरसा मुण्डा स्मृति उद्यान

विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में दो-दिवसीय झारखण्ड आदिवासी महोत्सव-२०२३ का आयोजन रांची में किया जा रहा है। इसमें झारखंड के अलावा अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, राजस्थान के जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि भी अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू कराएंगे। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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साहित्य महोत्सव में झारखंड की आदिम जनजाति की असिंता असुर करेंगी काव्य-पाठ

मात्र आठवीं तक शिक्षित असिंता अपने परिवार के साथ पहले रांची में मजदूरी करती थीं। भोपाल में 3 से 6 अगस्त तक चलने वाले उन्मेष अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट  

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असम की आदिवासी महिलाओं ने पानी पर खींच दी सशक्तिकरण की लकीर

उत्साही और जिम्मेदार महिलाओं के इस समूह ने अपने गांव के प्रत्येक घर में स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभियान चलाया और कामयाबी पाई। यह सब कैसे किया, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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मेघालय के इस खेल में पुरस्कार में मिलते हैं चावल, आलू और मुर्गियां

लगभग 400 साल पहले इस स्वदेशी खेल की उत्पत्ति मानी जाती है और आज भी यह जैन्तिया, खासी और गारो पहाड़ी जनजातियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। क्या है यह खेल, बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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तारेंगा जैसे लोग हों, तो क्यों न भागे भय का भूत

कौन हैं कोंध आदिवासी तारेंगा मांझी, जिन्होंने ओडिशा में चार साल की कड़ी मेहनत से हर बाधा को पार करते हुए अपने समुदाय के लोगों को टीकाकरण के लिए राजी किया? इनकी कहानी लेकर आए हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई थी आदिवासियों की हूल क्रांति

झारखण्ड में जून 30 हूल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1855 में चार संथाल भाइयों और दो बहनों ने अंग्रेजी साम्राज्य की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सशस्त्र विदोह का बिगुल फूँका था और पारम्परिक हथियारों से लैस हज़ारों आदिवासियों का नेतृत्व किया था। पर [...]

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सैकड़ों अनाथ बच्चों व महिलाओं के लिए बनीं उम्मीद की किरण

महिलाओं और बच्चों के सामाजिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली एनके केनी नागालैंड में सैकड़ों अनाथ बच्चों और महिलाओं के लिए आशा की नई किरण बन गई हैं। बता रहीं हैं प्रोयाशी बरुआ

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राष्ट्रपति से मिलेंगे आदिम जनजाति समुदाय के लोग

जून 10-13 के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न राज्यों के विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह या आदिम जनजाति समुदाय के 1500 लोगों से राष्ट्रपति भवन में मिल रही है, The Indian Tribal की रिपोर्ट

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तीरंदाज को बाधाओं ने घेरा तो रास्ता बदल कर साधा सफलता पर निशाना

एक होनहार संथाल खिलाड़ी को प्रारंभिक दौर में ही कंधे में दर्द उठने के कारण तीरंदाजी करियर को विराम देना पड़ा, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और कोच के रूप में खूब नाम कमाया। इस प्रतिभावान खिलाड़ी के संघर्ष और सफलता की परतें खोलकर लाए हैं निरोज मिश्रा

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जादू सा बिखेर देती है आदिवासी गायिका की आवाज

अपने लोकगीतों से सरस्वती ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में खूब नाम कमाया। लेकिन, यह मंजिल इतनी आसान भी नहीं रही। कैसे एक चमत्कार से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई और कैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। नीरोज रंजन मिश्रा को सरस्वती ने सुनाई दिल [...]

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प्रधानमंत्री ने आदिवासी-बहुल खूंटी के बोरीबांध की प्रशंसा की

अपने मासिक मन की बात में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए झारखण्ड के खूंटी के लोगों की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने देश को बताया कि कैसे खूंटीवासियों ने पानी के संकट से निपटने के लिए जन भागीदारी से बोरीबांध का रास्ता निकाला है, [...]

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15 हज़ार जनजातीय महिलाओं के साथ संवाद करेंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को खूंटी (झारखंड) में महिलाओं के साथ जो संवाद करेंगी उसका उद्देश्य राज्य भर में स्वयं सहायता समूहों में जनजातीय महिलाओं के लिए आजीविका और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है, सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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इस थिएटर ग्रुप ने देश में बजाया आदिवासी नाटकों का डंका

बिल्कुल स्वदेशी शैली में प्रस्तुति देने वाले मैदी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ ट्राइबल्स (एमएएटी) ग्रुप की लोकप्रियता कैसे झारखंड से लेकर दिल्ली, केरल, ओडिशा और असम समेत दूसरे राज्यों तक फैल रही है, निरोज रंजन मिश्रा से विस्तृत बातचीत में स्वयं बता रहे हैं ग्रुप के निर्देशक और लेखक [...]

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दुर्गम क्षेत्रों में जीवन डोर बनी बाइक और वैन एम्बुलेंस

ओडिशा के कंधमाल जिले में 650 से अधिक गांवों में गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों विशेषकर आदिवासियों के लिए अनोखी बाइक एम्बुलेंस और डिलीवरी वैन सेवा वरदान साबित हो रही है। कैसे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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क्या 2030 तक मलेरिया मुक्त हो जाएंगे आदिवासी क्षेत्र?

मलेरिया उन्मूलन के लिए भारत के मिशन 2030 का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब आदिवासियों के मूल निवास जंगली क्षेत्रों में इस बीमारी को नियंत्रित किया जाए। मिशन की स्थिति और आवश्यकता पर The Indian Tribal की स्पेशल रिपोर्ट

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झारखंड में सबसे पहले किसने देखे भगवान हनुमान?

देश के इस हिस्से में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों ही समुदायों के लोगों का मानना है कि भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला जिले के अंजन गांव में हुआ था। भगवान राम के इस कट्टर भक्त से जुड़ी मान्यताओं के पीछे की कहानियां बयां कर रहे हैं [...]

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इस युवा आदिवासी रॉक बैंड ने बदलाव के सुर पकड़े और मचा दी धूम

सीमाई राज्य अरुणाचल प्रदेश में यह बैंड स्थानीय बोलियों एवं लोकधुनों को आधुनिकता का पुट दे रहा है । इस समर्पित संगीतकारों के समूह के प्रमुख किरदार डेविड एंगु से विस्तृत बातचीत की है प्रोयशी बरुआ ने

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झारखण्ड में विलुप्त होते पारम्परिक आदिवासी खेलों को बचाने की मुहिम

टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा कल्चरल सोसाइटी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके खेलों को फिर लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रही है।सुधीर कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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गुजरात के ‘भूखे शेर’ को खा गए टेलीविजन और मोबाइल!

पश्चिमी राज्य में आदिवासियों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी खेले जाने वाले कुछ मनोरंजक, आसान और पारंपरिक खेल अब लुप्त हो चुके हैं। ऐसे ही एक खेल के बारे में बता रही हैं मयूरी दवे

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कुछ अलग ही हैं तीरंदाजी दत्शा डोको के नियम

कभी राजा-महाराजाओं द्वारा शुरू की गई तीरंदाजी खेल परंपरा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आज भी लोकप्रिय है। आदिवासी लोग बड़े शौक से इसमें हाथ आजमाते हैं। जितना रोचक यह खेल है, इससे अधिक रोचक हैं इसका स्कोरिंग सिस्टम। इस प्राचीन विशिष्ट खेल और इसके नियमों पर प्रकाश [...]

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…और उन्होंने कैनवस पर उम्र को अंगूठा दिखा दिया

सत्तर साल की परिपक्व उम्र में ब्रश थाम कर एक ही दशक में कैनवस पर नई इबारत गढ़ने वाली जोधैयाबाई बैगा को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 84 साल की बैगा पर The Indian Tribal की विशेष रिपोर्ट

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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अमर शहीद सिदो-कान्हू की धरती से मुख्यमंत्री सोरेन ने कई विकास योजनाओं की दी सौगात

झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने 753.92 करोड़ रुपए की 2080 योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास और राज्य के 9 जिलो में चलने वाले मीजल्स-रूबेला विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारम्भ

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एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुरमियों का आंदोलन

कुरमी समाज ने रेल की पटरियों व स्टेशनों पर दिया धरना। 69 ट्रेनें प्रभावित रहे। बंगाल के खड़गपुर के खेमाशुलि और आद्रा के कुसतौर स्टेशन पर दक्षिण पूर्व ट्रेनों को रद्द किया गया

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क्या है सरना और क्यों तेज हुई इसे धर्म बनाने की मांग?

आदिवासी समुदाय ने सरना को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला, बहुत ही आसान शब्दों में समझा रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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क्या वाकई इस पहाड़ पर चढऩे से 10 साल बढ़ जाती है जवानी और उम्र?

इस 500 फीट ऊंची पहाड़ी से जुड़ी यही लोकप्रिय मान्यता हर साल सर्दियों के दौरान आदिवासियों को यहां खींच लाती है। क्या जवान क्या बूढ़े सभी का यहाँ लग जाता है जमघट, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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यहाँ आदिवासी समुदाय के खूबसूरत चांदी के आभूषण लुप्त हो रहे हैं

पुराने जमाने से जम्मू-कश्मीर की घुमंतू आदिवासी महिलाओं की शान रहे चांदी के आभूषण और उनके डिजाइन के महत्व, मान्यता और धीरे-धीरे विलुप्त होने के कारणों की पड़ताल करती THE INDIAN TRIBAL की विशेष रिपोर्ट

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नागालैंड का आदिवासी खेल: ग्रीस लगे चिकने खंभे पर चढ़े तो जानें

नागालैंड सरकार ऐसे स्वदेशी खेलों का प्रचार-प्रसार कर रही है जो कभी बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे और आज भी लोग उनमें रूचि लेते हैं। ऐसा ही एक खेल है ग्रीस लगे बांस पर चढऩा। इसके बारे में बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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क्या कभी लुगुबुरु घंटाबाड़ी गए हैं आप?

आदिवासी-बहुल राज्य झारखंड में यह संथालों का सदियों पुराना ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है, जो अब न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी खूब लुभा रहा है। आखिर क्यों लोग यहां खिंचे चले आते हैं, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष

शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।

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कुड़मी को आदिवासी बनाने और यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध

झारखण्ड के आदिवासियों के 32 समुदायो के लोगों ने और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी बचाओ महारैली में हिस्सा लिया और पच्चीस प्रस्ताव पारित किये जिसमे पारसनाथ सहित आदिवासियों के सभी धार्मिक स्थलों को गैर आदिवासियों के कब्जे से मुक्त कराये जाने और आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण [...]

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मानकी, मुंडा, डकुआ को दोपहिया वाहन देगी हेमंत सरकार, बजट में की घोषणा

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के कोल्हान प्रमंडल में मुंडा, हो और भूमिज जनजातियों के पारंपरिक शासन व्यवस्था के अंग हैं मानकी, मुंडा और डकुआ।

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आदिवासी युवाओं के बिजनेस आइडिया को उद्यम में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए गुरु मंत्र

आठवें राष्ट्रीय आदिवासी उद्यमिता प्रशिक्षण अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत जनजातीय संसाधनों के आधार पर आदिवासी समुदाय के आदिवासी व्यवसाय और व्यापार को किस तरह बढ़ावा दिया जाए उसकी रणनीति भी तैयार की जानी है।

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बहुत भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन और कलात्मक अभिव्यंजना

आदिवासी और लोक चित्रकारों की राष्ट्रीय शिविर विरले ही आयोजित होते हैं। पर झारखण्ड में दूसरी बार ऐसा आयोजन हुआ। इसका जायजा लिया सुधीर कुमार मिश्रा ने और बता रहे हैं कैसे कला की पाश्चात्य, अकादमिक और सैद्धान्तिक अवधारणाओं से भिन्न है आदिवासी कला-दर्शन

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जो यहाँ का खतियानी है वही झारखंडी है: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

उन्होंने आज साफ़ कर दिया कि उनकी सरकार 1932 के खतियान के मामले में पीछे नहीं हटेगी और स्थानीयता बिल पर राज्यपाल की शंकाओं को दूर करेगी। राज्यपाल रमेश बैस ने स्थानीयता को लेकर झारखण्ड विधान सभा से पारित विधेयक को राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

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दिल के अरमान बाढ़ में ही बह गए

करीब सात लाख जनसंख्या वाले असम के धेमाजी जिले के जनजाति-बहुल समुदाय के लोगों की निजी ज़िंदगी न सिर्फ मुश्किलों भरी हैं बल्कि असामान्य भी है। बता रहीं हैं वहां का दौरा कर सीटू तिवारी

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बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

अपने खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण के तहत चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लोगों को संबोधित किया तथा तमाम पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की।

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हुनरमंद हाथों का कमाल है इनके कपड़े और आभूषण

अरुणाचल प्रदेश जैसे सुरम्य राज्य के जनजातियों के लोग अपने पहनावे को लेकर बहुत सचेत होते हैं। इनके कपड़े बहुत ही सुंदर डिज़ाइन और अनूठी सामग्री से बने होते हैं, जो बरबस ही ध्यान खींचते हैं। कैसे बनते हैं ये और कौन बनाता है इन्हें, बता रही हैं [...]

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बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे: अशोक गहलोत

राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों के लिए समर्पित होगा और उसमें आदिवासी अंचल के विकास के लिए प्रावधान भी होंगे।

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नए साल की पार्टी में लीजिए आदिवासी व्यंजनों का स्वाद

यदि आप क्रिसमस और नए साल के खुशनुमा माहौल में बाहर कुछ अलग हटकर खाने के शौकीन हैं तो रांची के कई विशेष रेस्तरां आपका इंतजार कर रहे हैं, जहां झारखंडी आदिवासी स्वाद की एक से बढक़र एक वैरायटी आपको मिलेगी। सुधीर कुमार मिश्रा ऐसे ही कुछ व्यंजनों [...]

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आदिवासी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है हँड़िया

आम धारणा के विपरीत हँड़िया केवल एक मादक पेय पदार्थ ही नहीं है। यह ऊर्जावर्धक भी है और आदिवासी समुदाय की परंपरा का हिस्सा भी है। पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में हँड़िया के प्रचलन और इससे जुडी एक रोचक कहानी के बारे में बता रही हैं [...]

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बस्तर आदिवासियों की अपनी अलग दिवाली

चूँकि भारत विविधताओं भरा विशाल देश है, ज़ाहिर है यहाँ पर राष्ट्रीय तौर पर मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मनाने के तरीके और रीति रिवाज़ भिन्न होंगे। आईये जानते हैं कैसे बस्तर के आदिवासियों का दियारी तिहार सामान्य दिवाली से अलग है

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आदिवासी किसान पुत्री का साहित्यिक जगत में धमाकेदार पदार्पण

झारखण्ड की एक साधारण सी लडक़ी ने अपने पहले ही उपन्यास से साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार २०२२ जीत लिया है। सुधीर कुमार मिश्रा लेकर आए हैं इस ३२ वर्षीया संथाली लेखिका की कहानी

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फिट रहने के लिए कैसा भोजन खाते हैं आदिवासी खिलाड़ी?

खिलाडिय़ों की उर्वर भूमि झारखंड कैसे-कैसे व्यंजनों और सब्जियों के जरिए अपने यहां की प्रतिभाओं का पोषण करती है, उन्हें स्फूर्ति देती है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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ये कैसी सख़्त नियम वाली कुश्ती खेलते हैं मिज़ो लोग?

दुनिया भर में अलग-अलग तरह से कुश्ती खेली जाती है और हर जगह के अपने अपने नियम होते हैं। इसी प्रकार मिज़ोरम भी है, जहां के लोग स्वदेशी इनबुआन कुश्ती खेलते हैं। कैसे खेला जाता है यह खेल, अखाड़े से लौटकर बता रही हैं प्रोयशी बरुआ

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गरीबी के खिलाफ कैसे लड़ीं और जीतीं आदिवासी महिलाएं

ओडिशा के आदिवासी गांवों में महिलाएं अब आर्थिक मदद के लिए किसी का मुंह नहीं ताकतीं। वे व्यवस्थित तरीके से गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं व साहूकारी से लड़ रही हैं, बता रहे हैं नीरोज रंजन मिश्रा

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ओडिशा के आदिवासी थिएटर कलाकारों का उभरना और फिर गर्दिश में खो जाना

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों को थिएटर ने पहचान दिलाई, लेकिन किसी ने रोजी-रोटी के संकट तो किसी ने अन्य कारणों से अपना रास्ता ही बदल लिया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक गैर सरकारी संगठन अब उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर निखारने की कोशिशों में जुटा है। बता रहे [...]

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पूर्वोत्तर में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को बचाने की आदिवासी चिकित्सकों की मुहीम

आदिवासियों की प्राचीन प्राकतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टर भले ही अब कम होते जा रहे हैं, लेकिन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों एवं अनेक बीमारियों में कारगर इलाज को लेकर उनके गहरे ज्ञान से कोई इंकार नहीं कर सकता। ऐसे ही कुछ डॉक्टर किस प्रकार पारम्परिक [...]

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census
2011