Sunday, August 16, 2026
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ओडिशा के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सदियों पुरानी विवाह संस्कृति एवं परंपराएँ बदलाव के दौर में भी कायम

उत्कल विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टडीज़ ऑन ट्राइबल एंड मार्जिनलाइज़्ड कम्युनिटीज़ की रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि तीव्र सामाजिक-आर्थिक बदलाव से सदियों पुरानी आदिवासी विवाह परंपराएँ विलुप्त होने से पहले उनका व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। The Indian Tribal की रिपोर्ट। भाग-2

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‘ट्री ऑफ लाइफ’ सखुआ: पत्तों से रोजगार, बीजों से उद्योग, राल से औषधि और संरक्षण में छिपा भविष्य

यह वृक्ष केवल जंगलों की शान नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पारंपरिक चिकित्सा, जैव विविधता और जलवायु सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। The Indian Tribal की रिपोर्ट भाग-2

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रांची से उठेगी सखुआ क्रांति: क्यों है सखुआ झारखंड की संस्कृति, आस्था और प्रकृति का प्रहरी?

महापौर रोशनी खलखो के सपने से शुरू हो रही अनूठी पहल, ‘सखुआ महोत्सव’, के बहाने जानिए उस वृक्ष की कहानी, जिसने सदियों से आदिवासी जीवन, सरहुल, जंगल और झारखंड की पहचान को जीवित रखा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट भाग-1

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ओडिशा के PVTGs की अनूठी विवाह व्यवस्था: वधू मूल्य नहीं, सामाजिक साझेदारी का प्रतीक

उत्कल विश्वविद्यालय के अध्ययन में सामने आया है कि वधू मूल्य की परंपरा यहाँ दहेज से बिल्कुल अलग है और इसका उद्देश्य रिश्तों को मजबूत बनाना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व साझा करना है। The Indian Tribal की रिपोर्ट।भाग-1

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सिदो-कान्हू ने परिणाम की चिंता किये बगैर शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला था: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

हूल दिवस पर मुख्यमंत्री सोरेन ने झारखण्ड की राजधानी रांची में सिदो-कान्हू उद्यान परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्तदाताओं के बीच प्रशस्ति-पत्र भी वितरित किया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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झारखण्ड के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

जीआई टैग से उत्पादों को कानूनी संरक्षण, बाजार में विशिष्ट पहचान और बेहतर मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे झारखण्ड के कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक समुदायों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

पूर्वोत्तर के इस राज्य की पहाड़ियों में छिपी है एक अद्भुत, अनूठा हस्तकरघा कला जो चुपचाप एक ऐसी जनजाति की कहानी बयां करती है जिसमें प्राचीन स्वदेशी मान्यताएँ बौद्ध आध्यात्मिकता से मिलती हैं, लिखते हैं कृपासिंधु डे

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प्रकृति, परंपरा और आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है सरहुल

जब साल के पेड़ों पर फूल खिलते हैं, तब सरहुल आता है—नई शुरुआत का संदेश लेकर। यह उत्सव जीवन, प्रेम और पर्यावरण के प्रति आभार का सामूहिक अभिव्यक्ति है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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ग्रीष्म ऋतु, आदिवासी और महुआ की कहानी

रसीले फूलों से लेकर उनके सूखने और फिर बोतलों में बंद होने तक स्वाद से भरपूर महुआ शराब की कहानी कुछ अलग ही है। गर्मी के इस मौसम में आदिवासी संस्कृति के अभिन्न अंग इस शानदार पेय के बारे में The Indian Tribal की विस्तृत रिपोर्ट

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आदिवासियों के लिए कर्मा पूजा का क्या है महत्व?

क्या आप जानते हैं कि कर्मा या कर्म वृक्ष (नौक्लिया परविफोलिया) की तीन शाखाएं आंगन की मिट्टी में अथवा गाँव के अखरा और सामुदायिक केंद्र में क्यों लगाई जाती हैं? The Indian Tribal की रिपोर्ट में है इसका विस्तृत जवाब

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
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