Thursday, July 30, 2026
Support Our Mission

कानूनी

भारतीय कानून में अनुसूचित जनजातियों की सुरक्षा और सहायता का पूरा प्रावधान है। अनुसूचित जनजातियों से संबंधित कई अदालती निर्णय तो सार्वजनिक हैं, लेकिन कई लो प्रोफाइल मामलों में ऐसे प्रभावशाली आदेश भी अदालतों ने दिए हैं जिनका प्रभाव दूरगामी है और उनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। द इंडियन ट्राइबल न केवल ऐसे मामलों की पड़ताल करता है बल्कि आदिवासियों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी/न्यायिक घटनाक्रमों से अपने पाठकों को अवगत भी कराता है।

सुप्रीम कोर्ट ने एशिया के सबसे बड़े साल जंगल सारंडा में ‘सीमा’ क्यों तय की?

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले ने भारत के सबसे समृद्ध वन परिदृश्यों में से एक सारंडा में संरक्षण, खनन और आदिवासी आजीविका के बीच संतुलन की रेखा दोबारा खींच दी है। अनीमेश बिसोई बताते हैं कि इस आदेश का पर्यावरण, उद्योग और स्थानीय [...]

Read moreDetails

आदिवासी जमीन घोटाला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी समेत 10 दोषी करार, जानिए 15 साल पुराने केस की पूरी कहानी

झारखंड के बहुचर्चित सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी और कई अधिकारियों को दोषी ठहराया। जानिए कैसे की गई थी करोड़ों की जमीन खरीद और क्या है मामला। The Indian Tribal की रिपोर्ट

Read moreDetails

पीढ़ीगत बदलाव में खड़ी हुईं परेशानियां

आरक्षण के लिए भ्रम या दोहरे प्रावधान का लाभ लेते हुए किसी जाति को अपनाने पर अदालत कैसे नाराज हो जाती है, इस पर प्रकाश डाल रही हैं मृतिका जैन

Read moreDetails

राज्य के पास असमान लोगों के साथ असमान व्यवहार करने का अधिकार

अल्पसंख्यक समूहों के आनुपातिक, समुचित और प्रतिपूरक प्रतिनिधित्व के बीच के अंतर को समझना बहुत जरूरी है, बता रही हैं मृतिका जैन

Read moreDetails

आरक्षण का अपना एक भूगोल

देश का कानून आदिवासियों को आरक्षण की सुविधा देता है, लेकिन इसका लाभ राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाया जा सकता। न ही राष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग की जा सकती है। ऐसा क्यों है, इस पहलू पर प्रकाश डाल रही हैं मृतिका जैन

Read moreDetails

In Numbers

672
Sub-Districts each have a Scheduled Tribes population of more than 10,000

In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
srijan creative arts srijan creative arts srijan creative arts
ADVERTISEMENT