Thursday, July 23, 2026
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ओडिशा के आदिवासी किसान की देशी धान की विलुप्त होती किस्मों को बचाने का मिशन

उनका प्रयास जलवायु परिवर्तन के दौर में टिकाऊ कृषि और खाद्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, बता रहे हैं निरोज रंजन मिसरा

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सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

जो एक फसल कटाई के बाद के आजीविका प्रयोग के रूप में शुरू हुआ था, वह अब 50 आदिवासी महिलाओं के लिए एक उभरते हुए उद्यम में बदल गया है, कहते हैं निरोज रंजन मिश्रा

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क्या एकरूपता की मांग में टिक पाएगी डोंगरिया कोंध शॉल?

GI टैग मिलने के दो साल बाद डोंगरिया कोंध शॉल को वैश्विक पहचान तो मिली, पर उसके साथ एकरूपता की मांग भी बढ़ी। सवाल यह है कि क्या परंपरा बाजार की शर्तों पर टिक पाएगी? The Indian Tribal की रिपोर्ट

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गुमनामी में चमक: पारंपरिक आदिवासी गहनों की सदियों पुरानी विरासत को अब भी बचाये हुए हैं ये आभूषण निर्माता

बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग, पहचान और बाज़ार से जुड़ाव के कोरापुट के दूरदराज़ गांवों में पीढ़ियों से सुनाड़ी कारीगर भोटड़ा जनजाति की महिलाओं के लिए पारंपरिक गहनों का निर्माण करते आ रहे हैं। निरोज रंजन मिश्रा ने इस विलुप्त होती धरोहर की पड़ताल की

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साहस, समर्थन और स्ट्रॉबेरी: ओडिशा के क्योंझर में आदिवासी किसानों की नई फसल क्रांति

ओडिशा के क्योंझर जिले में परंपरागत रूप से सब्जी की खेती करने वाले कई आदिवासी किसानों ने आईटीडीए के आग्रह पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू तो कर दी,  लेकिन झिझक भी रहे हैं। किसानों की हिचकिचाहट का कारण और नए प्रयोग में सफलता-असफलता पर निरोज रंजन मिश्र की [...]

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हताशा से आत्मविश्वास तक: दो शारीरिक रूप से अक्षम आदिवासियों की प्रेरक कहानी

ओडिशा के दो कोंध आदिवासियों के लिए ज़िंदगी तब पूरी तरह बदल गई जब बचपन में ही उन्होंने अपने अंगों की गतिशीलता खो दी। इससे वे गहरे अवसाद और निराशा में डूब गए। नीरोज रंजन मिश्र बता रहे हैं की अचानक ऐसा क्या हुआ कि जिससे उनकी [...]

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अकल्पनीय! बंजर जमीन में लहलहाई अनार की फसल

आदिवासियों की जिद और प्रकृति प्रेम के आगे बंजर धरती का दिल भी पिघल गया। जिला बागवानी विभाग की मदद से आज इसमें अनार के पेड़ लहलहा रहे हैं। निरोज रंजन मिश्र लाए हैं इन भुंजिया जनजाति के किसानों के कठिन परिश्रम की कहानी

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सौर ऊर्जा ने भगाया अंधेरा, झिलमिला उठे आदिवासियों के भविष्य के सपने

दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे विशेष रूप से ओडिशा में रहने वाले बहुत ही पिछड़े आदिवासी समूह को अपने गांव में उम्मीद की एक किरण नजर आई है। इन्हें अब लगने लगा है कि उनके बच्चों का भविष्य भी अन्य की तरह बेहतर और सुनहरा होगा। [...]

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ओडिशा में हर तरफ मटिगन की गूंज

कोंध आदिवासी लोग चैत्र मास के दौरान संगीत और नृत्य के साथ अपने भगवान की पूजा करते हैं। क्या युवा, क्या बुजुर्ग सभी इस उत्सव में उत्साह से भाग लेते हैं। खूब दावतों का दौर चलता है। निरोज रंजन मिश्र इस उत्सव पर विस्तार से प्रकाश डाल [...]

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डॉक्टर नहीं बने तो क्या, समुद्री वैज्ञानिक बन की नई-नई खोज

गरीबी ने इस संथाली आदिवासी को सर्जन तो नहीं बनने दिया, परंतु वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने समुद्री जीवन में कई खोज कर ख्याति हासिल की। विस्तार से बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

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In Numbers

672
Sub-Districts each have a Scheduled Tribes population of more than 10,000

In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
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