Wednesday, April 15, 2026
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सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

जो एक फसल कटाई के बाद के आजीविका प्रयोग के रूप में शुरू हुआ था, वह अब 50 आदिवासी महिलाओं के लिए एक उभरते हुए उद्यम में बदल गया है। अब चुनौती इस गति को बनाए रखने के लिए व्यापक बाजारों के सृजन की है, कहते हैं निरोज [...]

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मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

कम मजदूरी और शौचालयों की कमी के कारण चाय बागान की महिला मजदूरों के लिए मासिक धर्म हर महीने एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन जाता है। लेकिन इस उरांव समुदाय की इंजीनियर-से-नृत्यांगना बनी युवती की जमीनी पहल लंबे समय से व्यवस्था द्वारा नजरअंदाज की गई महिला श्रमिकों के [...]

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अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

पूर्वोत्तर के इस राज्य की पहाड़ियों में छिपी है एक अद्भुत, अनूठा हस्तकरघा कला जो चुपचाप एक ऐसी जनजाति की कहानी बयां करती है जिसमें प्राचीन स्वदेशी मान्यताएँ बौद्ध आध्यात्मिकता से मिलती हैं, लिखते हैं कृपासिंधु डे

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ब्रिक्स सीसीआई वी समिट 2026 में कल्पना सोरेन को ‘ट्रेलब्लेज़र अवॉर्ड’

पुरस्कार ग्रहण करने के पश्चात कल्पना ने कहा कि महिलाओं को उद्यमी और नेतृत्वकर्ता के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने हाशिए की महिलाओं की आवाज को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया।उन्होंने यह सम्मान देश-दुनिया की हर संघर्षशील महिला को समर्पित किया। The Indian Tribal की [...]

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प्रकृति से ही सृजन और विलय: सरहुल पर्व पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन 

सरहुल के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रकृति संरक्षण, परंपराओं के निर्वहन और सामुदायिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का जीवंत प्रतीक है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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प्रकृति, परंपरा और आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है सरहुल

जब साल के पेड़ों पर फूल खिलते हैं, तब सरहुल आता है—नई शुरुआत का संदेश लेकर। यह उत्सव जीवन, प्रेम और पर्यावरण के प्रति आभार का सामूहिक अभिव्यक्ति है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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बांसवाड़ा की दो सशक्त आदिवासी महिलाएं रच रहीं सामाजिक बदलाव की नई कहानी

दोनों भील महिलाओं ने व्यक्तिगत संघर्षों को सामुदायिक नेतृत्व में बदलकर आदिवासी समाज में स्थायी परिवर्तन की मिसाल पेश की है। विकास मेश्राम बता रहे हैं कैसे जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो पूरा समुदाय सशक्त होता है PART-3

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घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

बांसवाड़ा जिले के पहाड़ी इलाकों में बसे भील-बहुल गांवों में पानी की किल्लत, रोजगार की कमी, अपर्याप्त शिक्षा और पुरानी सामाजिक परंपराओं का बोझ पीढ़ियों से चला आ रहा है। लेकिन इन्हीं चुनौतियों के बीच चार आदिवासी महिलाएं ऐसी उभरी हैं जिन्होंने न सिर्फ अपने जीवन को [...]

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सिक्किम में स्केटबोर्डिंग बना जनजातीय युवाओं की नई पहचान

भूटिया और लेपचा समुदाय के युवा स्केटबोर्डिंग को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति का ज़रिया बना रहे हैं। यह खेल उन्हें अवसाद, नशे और सामाजिक दबावों से बाहर निकलने में मदद कर रहा है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

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In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
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