• About
  • Contact
  • Sitemap
  • Gallery
No Result
View All Result
Vacancies
Monday, April 13, 2026
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

    मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

    मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

    The Indian Tribal

    बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

    The Indian Tribal

    अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

    The Indian Tribal

    बस्तर कॉफी की प्रीमियम ब्रांडिंग की तैयारी के बीच खेती पर पानी का संकट

    The Indian Tribal

    ब्रिक्स सीसीआई वी समिट 2026 में कल्पना सोरेन को ‘ट्रेलब्लेज़र अवॉर्ड’

    The Indian Tribal

    प्रकृति से ही सृजन और विलय: सरहुल पर्व पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन 

    The Indian Tribal

    प्रकृति, परंपरा और आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है सरहुल

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

    मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

    मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

    The Indian Tribal

    बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

    The Indian Tribal

    अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

    The Indian Tribal

    बस्तर कॉफी की प्रीमियम ब्रांडिंग की तैयारी के बीच खेती पर पानी का संकट

    The Indian Tribal

    ब्रिक्स सीसीआई वी समिट 2026 में कल्पना सोरेन को ‘ट्रेलब्लेज़र अवॉर्ड’

    The Indian Tribal

    प्रकृति से ही सृजन और विलय: सरहुल पर्व पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन 

    The Indian Tribal

    प्रकृति, परंपरा और आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है सरहुल

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
No Result
View All Result
The Indian Tribal
No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
  • Gallery
  • Latest News
Vacancies
Home » द इंडियन ट्राइबल / हिंदी » विविध » मुनाफे ने बदला आदिवासी किसानों का मन, खेत-खेत नजर आ रही लेमनग्रास

मुनाफे ने बदला आदिवासी किसानों का मन, खेत-खेत नजर आ रही लेमनग्रास

कपास की खेती में लगातार हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए ओडिशा के कोरापुट में आदिवासी लोग धीरे-धीरे अब लेमनग्रास की खेती की तरफ मुड़ रहे हैं। कपास के मुकाबले यह अधिक लाभ दे रही है किसानों के बदलते मिजाज पर निरोज रंजन मिश्र की विस्तृत रिपोर्ट

September 3, 2024
Lemongrass

काम के बीच कुछ हंसी के पल चुराते हुए

निरोज रंजन मिश्र

भुवनेश्वर

ओडिशा के कोरापुट जिले के बंधुगांव ब्लॉक के एलेनवाल्सा गांव की रहने वाली सिंगरिका कद्रका अब काफी संतुष्ट और सहज महसूस कर रही हैं। पहले के मुकाबले उनका काम काफी आसान हो गया है। क्योंकि, उन्हें अब लेमनग्रास से तेल निकलवाने के लिए अपने घर से चार किलोमीटर दूर कलपट्टू गांव स्थित निजी फैक्टरी नहीं जाना पड़ता। राज्य सरकार की एजेंसी ओडिशा ग्रामीण विकास और विपणन सोसायटी (ओआरएमएएस) ने उनके गांव के पास ही 12 लाख रुपये की लागत से तेल निकालने वाली फैक्टरी लगा दी है।

कोंध आदिवासी सिंगरिका 2007 से अपनी 20 एकड़ भूमि पर लेमनग्रास की खेती कर रही हैं। कलपट्टू स्थित फैक्टरी में कुल पांच कुंतल उपज से तीन से चार किलो तेल ही निकल पाता था, जिस पर उनके लगभग 600 रुपये खर्च हो जाते थे। मजदूरी आदि पर भी अलग से काफी पैसा चला जाता था।

जब से जिला प्रशासन की जिला योजना और मौद्रिक इकाई की विशेष केंद्रीय सहायता के तहत नारायणपटना और बंधुगांव ब्लॉक में तेल निकालने वाली नौ फैक्टरियां लगाई गई हैं, तब से सिंगरिका की मुश्किल काफी आसान हो गई है। इससे अन्य लोग भी लेमनग्रास की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अब दो ब्लॉकों के 83 गांवों में सिंगारिका सहित 1600 किसान लगभग 4000 एकड़ जमीन पर लेमनग्रास उगा रहे हैं।

Lemongrass
लेमन ग्रास खेत में काम करते आदिवासी महिलाएं

गांव के पास ही फैक्टरी स्थापित होने से उनके लिए लेमनग्रास का तेल निकलवाना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। साथ ही वे उन धोखेबाज व्यापारियों की मनमानी का शिकार होने से भी बच गए हैं, जो उनसे औने-पौने दामों पर तेल खरीदते थे।

एलेनवाल्सा किसान उत्पादक समूह (एफपीजी) की अध्यक्ष सिंगरिका बताती हैं, ‘फैक्टरियां गांव के करीब लगने से किसानों की समस्या ही दूर नहीं हुई,  लेमनग्रास की खेती से काफी मुनाफा हो रहा है और लागत घट गई है। इससे पहले कई किसानों को कपास की खेती में भारी नुकसान उठाना पड़ा था, इसलिए भी वे लेमनग्रास की तरफ मुड़ गए।’

वह कहती हैं, ‘हमारे गांव और आसपास के अधिकांश आदिवासी लोग कपास की खेती किया करते थे। इसमें कई बार ऐसा होता था कि लागत निकाल कर न फायदा मिला और न नुकसान यानी फसल उठाने के बाद भी किसानों की जेब खाली रह जाती थी। ओआरएमएएस के लेमनग्रास खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत शुरू की गई योजनाओं के बाद 2018 के आसपास यहां के किसानों ने धीरे-धीरे कपास की खेती छोड़ लेमनग्रास उगाना शुरू किया, जिसमें कम लागत आती थी और आमदनी अधिक होती थी।’ 

नारायणपटना ब्लॉक के गतीगुडा गांव की रहने वाली कोंध महिला किसान बिदुलता शिरका भी सिंगरिका की तरह कपास की खेती में हुए नुकसान को किसानों का लेमनग्रास की खेती की ओर रुख करने का बड़ा कारण बताती हैं। उन्होंने कहा, ‘दो साल पहले मैंने दो एकड़ जमीन में कपास बोई थी और मुझे उम्मीद थी कि उससे लगभग 20,000 रुपये की कमाई तो हो ही जाएगी, लेकिन फसल कटी तो लगभग 5000 रुपये ही हाथ में आए। मुझे बड़ा धक्का लगा और मैंने लेमनग्रास की फसल उगाने का निर्णय लिया। मैंने बंधुगांव ब्लॉक मुख्यालय से 6000 रुपये में लेमनग्रास के पौधे खरीदे और इस साल अपनी दो एकड़ में जमीन में उन्हें लगाया।’

सिंगरिका और अन्य किसानों को एलेनवाल्सा में ओआरएमएएस के आसवन संयंत्र में तेल निकालने का खर्च लगभग 600 रुपये आता है, लेकिन इसमें से 200 रुपये अन्य संबंधित खर्चों के लिए किसान उत्पादक समूह को चले जाते हैं। नौ किसान उत्पादक समूहों के बैनर तले 30 महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) इस प्लांट को चलाते हैं।

कोरापुट जिला कलेक्टर वी कीर्ति वासन ने The Indian Tribal  को बताया, ‘पूर्व में यहां लेमनग्रास खेती की कोई खास व्यवस्था नहीं थी और फसल उगाने से लेकर तेल निकालने तक पूरी प्रक्रिया अस्त-व्यस्त थी। इसका फायदा पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के व्यापारी उठाते थे और किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिलता था। वर्ष 2018 में जिला प्रशासन के अनुरोध पर ओआरएमएएस ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया और उसके प्रयासों से यहां स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक समूह बनाए गए तथा पूरे काम को सुव्यवस्थित और मजबूत किया गया।’

ओआरएमएएस ने 20 से 30 सदस्यों वाले प्रत्येक किसान उत्पादक समूह को आवश्यक बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए 2.4 लाख रुपये मुहैया कराए। सोसायटी ने नारायणपटना और बंधुगांव ब्लॉक मुख्यालयों में दो किसान उत्पादक उद्यम (पीई) भी बनाए हैं, जिनमें से प्रत्येक को 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इन केंद्रों पर बैठकर कर सामाजिक कार्यकर्ता, कृषक, बागवानी विशेषज्ञ आदि लेमनग्रास उत्पादकों को सलाह, प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन देते हैं। यहां तक कि उन्हें दर्द निवारक बाम, हैंड वॉश, फिनाइल, मच्छर भगाने वाली क्रीम, शैम्पू और मालिश के तेल जैसे उत्पाद बनाने और उन्हें बाजार में बेचने में भी मदद करते हैं।

Lemongrass
लेमन ग्रास डिस्टिलेशन प्लांट

सीआईएमएपी में एक सप्ताह तक चलने वाले प्रशिक्षण के दौरान किसान न केवल तेल निकालने की प्रक्रिया समझते हैं, बल्कि इससे जुड़े उप उत्पाद बनाना भी सीख लेते हैं। सीआईएमएपी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक प्रशांत कुमार राउत के अनुसार प्रशिक्षण लेकर चार आदिवासी किसान वापस चले गए हैं और उन्होंने अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण लेने एवं लेमनग्रास की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया।

राउत कहते हैं, ‘कपास की खेती से हर साल प्रति एकड़ 10,000 रुपये की आमदनी होती है, जबकि इतनी ही जमीन में बोई गई लेमनग्रास की फसल से एक साल में 40,000 से 50,000 रुपये की कमाई हो जाती है। यदि इससे जुड़े उत्पाद भी अपने आप बनाएं और बेचे जाएं, तो मुनाफ़ा और बढ़ सकता है।’ वह बताते हैं, ‘लेमनग्रास तेल की बहुत मांग है, क्योंकि यह दवा के साथ-साथ कॉस्मेटिक और डिटर्जेंट जैसे उत्पाद बनाने के काम में भी आता है।’

अब ओआरएमएएस ने चार किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) बनाने के लिए राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है, ताकि लेमनग्रास की खेती में आने वाली बाधाओं को दूर करने और इसका बुआई क्षेत्रफल बढ़ाने में मदद मिल सके।

Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri

In Numbers

49.4 %
Female Literacy rate of Scheduled Tribes

Update

Gujarat CM launches schemes worth Rs 362 cr for tribal belt

Aiming to improve access to basic services and agricultural support in Gujarat’s tribal regions, Chief Minister Bhupendra Patel on Monday launched a series of infrastructure and irrigation projects including road connectivity, public facilities, and large-scale water supply schemes. The State government said it sanctioned works worth Rs 362.57 crore under the 'Vanbandhu Kalyan Yojana' to strengthen infrastructure across the tribal belt stretching from Ambaji to Umargam. The package includes 293 projects, comprising 325.81 km of roads to connect tribal villages with schools and primary health centres, along with related structural construction works. "The works were approved to ensure that essential services such as education and healthcare reach tribal communities easily and promptly under the scheme, inspired by Prime Minister Narendra Modi," the Government said in a statement.
The Indian Tribal
आदिवासी

बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

by The Indian Tribal
April 8, 2026

कम मजदूरी और शौचालयों की कमी के कारण चाय बागान की महिला मजदूरों के लिए मासिक धर्म हर महीने एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन जाता है। लेकिन इस उरांव समुदाय की इंजीनियर-से-नृत्यांगना बनी युवती की जमीनी पहल लंबे समय से व्यवस्था द्वारा नजरअंदाज की गई महिला श्रमिकों के [...]

The Indian Tribal

अरुणाचल की अनोखी जनजातीय कला ‘बोगरे’ में दिखती दो संस्कृतियों की कहानी

April 2, 2026
The Indian Tribal

PVTG Chenchu Youth Lead Tiger Conservation In Nagarjunasagar-Srisailam Reserve

March 30, 2026
The Indian Tribal

Orphaned Isak, Ailing Anai: Northeast Weightlifters Power Through Odds To Strike Gold At Khelo India Tribal Games 2026

March 29, 2026
The Indian Tribal

बस्तर कॉफी की प्रीमियम ब्रांडिंग की तैयारी के बीच खेती पर पानी का संकट

March 27, 2026
The Indian Tribal

Inaugural Khelo India Tribal Games 2026 Gets A Grand Opening In Bastar

March 26, 2026
Tags: AgricultureBhubaneshwarHindiThe Indian Tribal
Previous Post

Ingenious Mobile Radio Spreading Wings To Preserve Endangered Asur Language

Next Post

Not Just Hearts, Kaun Banega Crorepati’s First Tribal Contestant Also Wins Big

Top Stories

मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद
आदिवासी

मुख्यमंत्री सोरेन ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

April 11, 2026
The Indian Tribal
Assam

Assam, Puducherry Register Record-Breaking Voter Turnout; Kerala Not Too Bad Either

April 9, 2026
The Indian Tribal
आदिवासी

बंगाल के चाय बागानों में मासिक धर्म की वर्जनाएं तोड़ती आदिवासी ‘पैड वुमन’

April 8, 2026
Load More
  • About Us
  • Contact
  • Team
  • Redressal
  • Copyright Policy
  • Privacy Policy And Terms Of Use
  • Disclaimer
  • Sitemap

  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Hindi Featured
  • India
  • News
  • Legal
  • Music
  • Sports
  • Trending
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Gujarat
  • Jammu & Kashmir
  • Jharkhand
  • Kerala
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • North East
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Sikkim
  • Tripura
  • Odisha
  • Telangana
  • West Bengal
  • Political News
  • Variety
  • Art & Culture
  • Entertainment
  • Adivasi
  • Tribal News
  • Scheduled Tribes
  • हिंदी
  • उपलब्धिकर्ता
  • कानूनी
  • खान पान
  • खेलकूद
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • संगीत
  • विविध
  • कला और संस्कृति
  • खबरें
  • असम की ताज़ा ख़बरें
  • अरुणाचल प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • ओडिशा की ताज़ा ख़बरें
  • केरल की ताज़ा ख़बरें
  • गुजरात की ताज़ा ख़बरें
  • छत्तीसगढ़
  • जम्मू और कश्मीर की ताज़ा ख़बरें
  • झारखंड न्यूज़
  • तेलंगाना की ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • नॉर्थईस्ट की ताज़ा ख़बरें
  • पश्चिम बंगाल की ताज़ा ख़बरें
  • मध्य प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • महाराष्ट्र की ताज़ा ख़बरें
  • त्रिपुरा की ताज़ा ख़बरें
  • नागालैंड की ताज़ा ख़बरें
  • मणिपुर की ताज़ा ख़बरें
  • मिजोरम की ताज़ा ख़बरें
  • मेघालय की ताज़ा ख़बरें
  • सिक्किम की ताज़ा ख़बरें
  • राजस्थान की ताज़ा ख़बरें

About Us

The Indian Tribal is India’s first bilingual (English & Hindi) digital journalistic venture dedicated exclusively to the Scheduled Tribes. The ambitious, game-changer initiative is brought to you by Madtri Ventures Pvt Ltd (www.madtri.com). From the North East to Gujarat, from Kerala to Jammu and Kashmir — our seasoned journalists bring to the fore life stories from the backyards of the tribal, indigenous communities comprising 10.45 crore members and constituting 8.6 percent of India’s population as per Census 2011. Unsung Adivasi achievers, their lip-smacking cuisines, ancient medicinal systems, centuries-old unique games and sports, ageless arts and crafts, timeless music and traditional musical instruments, we cover the Scheduled Tribes community like never-before, of course, without losing sight of the ailments, shortcomings and negatives like domestic abuse, alcoholism and malnourishment among others plaguing them. Know the unknown, lesser-known tribal life as we bring reader-engaging stories of Adivasis of India.

Follow Us

All Rights Reserved

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
    • उपलब्धिकर्ता
    • खान पान
    • कानूनी
    • खेलकूद
    • खेलकूद
    • संगीत
    • संगीत
    • स्वास्थ्य
    • स्वास्थ्य
    • विविध
  • Gallery
  • Videos

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.