• About
  • Contact
  • Sitemap
  • Gallery
No Result
View All Result
Vacancies
Monday, June 8, 2026
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

    The Indian Tribal

    बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

    The Indian Tribal

    भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

    The Indian tribal

    छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य में महिला आदिवासी वनरक्षक की अनोखी मुहिम

    The Indian Tribal

    आदिवासी बनाम आदिवासी: जनजातीय सांस्कृतिक समागम के बहिष्कार की आदिवासी संगठनों की अपील

    The Indian Tribal

    आदिवासी विरोध के बीच बड़ा सवाल: क्या केन-बेतवा परियोजना के बिना बुंदेलखंड का जल संकट सुलझ सकता है?

    The Indian tribal

    डायन प्रथा के पीड़ितों के पुनर्वास को न्याय का केंद्र बनाने पर ज़ोर

    The Indian Tribal

    सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

    The Indian Tribal

    बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

    The Indian Tribal

    भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

    The Indian tribal

    छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य में महिला आदिवासी वनरक्षक की अनोखी मुहिम

    The Indian Tribal

    आदिवासी बनाम आदिवासी: जनजातीय सांस्कृतिक समागम के बहिष्कार की आदिवासी संगठनों की अपील

    The Indian Tribal

    आदिवासी विरोध के बीच बड़ा सवाल: क्या केन-बेतवा परियोजना के बिना बुंदेलखंड का जल संकट सुलझ सकता है?

    The Indian tribal

    डायन प्रथा के पीड़ितों के पुनर्वास को न्याय का केंद्र बनाने पर ज़ोर

    The Indian Tribal

    सिर्फ 45 दिन का प्रशिक्षण और ओडिशा की इन आदिवासी महिलाओं ने गढ़ दी नई कहानी

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
No Result
View All Result
The Indian Tribal
No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
  • Gallery
  • Latest News
Vacancies
Home » द इंडियन ट्राइबल / हिंदी » बाल विवाह के खिलाफ जुनूनी महिला ने खड़ा कर दिया आंदोलन

बाल विवाह के खिलाफ जुनूनी महिला ने खड़ा कर दिया आंदोलन

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के आदिवासी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ एक 29 वर्षीय महिला ने मोर्चा संभाला हुआ है। जहां से भी बाल विवाह की खबर मिलती है, वह वहां पहुंच कर उसे रुकवा देती हैं। उसके इस मुहिम और उसकी चुनौतियों के बारे बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्र

August 12, 2023
Social Evil - Child Marriage

Social Evil - Child Marriage

नबरंगपुर/भुवनेश्वर

वह साहसी है, मेहनती है, समर्पित है… कितने ही विशेषण इस दृढ़प्रतिज्ञ महिला की प्रशंसा के लिए कम पड़ जाते हैं। डंडासारा गांव की 29 वर्षीय बिनिका स्मिता बेनिया, जिन्हें प्यार से लोग रश्मि बुलाते हैं, वैसे कमजोर और नाजुक दिखती हैं, लेकिन उनमें एक योद्धा सी आग और दृढ़ता कूट-कूट कर भरी है।

वर्ष 2016 में अपने पिता की मृत्यु के बाद जीवन की कठिनाइयों और कड़वी चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी विधवा मां मनोरमा के साये में निडर होकर जीना सीख लिया है। उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। 

कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोडऩे वाली रश्मि ने पहले स्कूल में पढ़ाया और फिर 2018 तक एक पैरामेडिक के रूप में काम किया। इसी दौरान उनके बीमार छोटे भाई की मौत हो गई। पहले पिता और फिर भाई को खोने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 

बचपन से ही रश्मि के दिल में समाज सेवा की भावना भरी थी और इस दिशा में कुछ कर गुजरने का अवसर उन्हें 2019 में मिला। अब वह यूनिसेफ के संपूर्ण बार्टा प्रोजेक्ट के तहत क्लस्टर समन्वयक के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने इलाके में बाल विवाह के खिलाफ जंग छेड़ दी है। रश्मि कहती हैं कि पास के कोरापुट में यूनिसेफ के तहत केवल दो दिन के प्रशिक्षण ने मुझे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ा होने के लिए तैयार कर दिया। 

रायघर ब्लॉक के अंतर्गत तुरपेना में उनका पहला प्रयास थोड़ा नाकाम रहा, क्योंकि बाल विवाह के खिलाफ उनकी मुहिम आम लोगों में नाराजगी का सबब बन सकती थी। हालांकि, उन्होंने हिम्मत जुटाई और आंगनवाड़ी केंद्र में इलाके के कुछ नेताओं (ज्यादातर गोंड जनजाति के) के साथ चर्चा के लिए बैठ गईं। बातचीत हालांकि सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, फिर भी यह दिखावा ही साबित हुई।

बाहरी तौर पर तो स्थानीय लोग उसके साथ खड़े दिखते थे, लेकिन हकीकत में वे बाल विवाह की प्रथा को त्यागने के लिए तैयार नहीं थे। 

एक के बाद एक लगे झटकों से सबक सीखते हुए रश्मि ने बिना डरे उत्साह के साथ अपने मिशन को जारी रखा। आखिरकार, मुहिम रंग लाई और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ताओं के अपने समूह के साथ मिलकर उन्होंने तुरपेना में कई बाल विवाह रुकवाए।

रश्मि ने The Indian Tribal  को बताया कि अब तक उन्होंने 217 से अधिक गांवों में बाल विवाह के खिलाफ अपने मिशन को पहुंचाया है। तमाम बाधाओं के बावजूद यहां 18 से अधिक बाल विवाह को विफल किया। इस दौरान लोगों ने उन्हें डराया, धमकाया और लड़े भी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

अपने अनुभव साझा करते हुए वह बताती हैं कि एक बार मुझे रायघर ब्लॉक के अंतर्गत भसुंडी कॉलोनी में बाल विवाह के बारे में पता चला। मैं वहां पहुंची तो लगभग 40 लोगों ने मुझे वहां से भगाने के लिए हर तरह की कोशिश की। लेकिन, मैं अड़ गई। आखिरकार, वह शादी नहीं हो पाई। इलाके के एक आदिवासी ने उनके बारे में कहा कि यह लडक़ी हम सभी को बाल विवाह जैसी बुराई से दूर कर सकती है। 

एक अन्य घटना में रायघर ब्लॉक के अंतर्गत ही रहसपुर के दो नाबालिग अपने माता-पिता के सहयोग से शादी करने के लिए छत्तीसगढ़ के नजदीकी इलाके में भाग गए। रश्मि पुलिस के साथ उनके घर पहुंच गई। 

रश्मि बताती हैं कि बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के तहत वह अपराधियों को गिरफ्तार करवाने के लिए प्रतिबद्ध थी। दबाव पड़ा तो दोनों नाबालिगों के माता-पिता ने उनसे संपर्क साधा और अंतत: वे दोनों वापस आ गए। 

रश्मि का मिशन जारी है। सरकार और यूनिसेफ के अधिकारी उनके साहस और बाल विवाह के खिलाफ उनकी दृढ़ता की प्रशंसा कर रहे हैं।  रश्मि अब ब्लॉक बाल संरक्षण समिति, रायघर की सदस्य हैं। नबरंगपुर की बाल विवाह निषेध अधिकारी गीतांजलि मिश्रा कहती हैं कि उन्होंने यह कामयाबी केवल अपने काम के दम पर अर्जित की है। यूनिसेफ के अधिकारी संतोष बेहरा ने कहा कि रश्मि का अथक प्रयास अब परिणाम दे रहा है।

मालूम हो कि ओडिशा सरकार ने राज्य को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए 2030 तक का लक्ष्य रखा है।

बाल विवाह: कुछ जरूरी तथ्य

  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2019-20 में नबरंगपुर में 39.4 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में हुई, जबकि ओडिशा का औसत उस समय 20.5 प्रतिशत और राष्ट्रीय औसत 23.3 प्रतिशत था।
  • ओडिशा सरकार ओडिशा पीसीटीजी सशक्तिकरण और आजीविका सुधार कार्यक्रम (ओपीईएलआईपी) के तहत 62 आदिवासी समूहों में से 13 में विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों ((पीवीटीजी)) के बीच देर से विवाह को प्रोत्साहित करने और बाल विवाह को हतोत्साहित करने के लिए नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है।
  • प्रोत्साहन राशि रु. 2018-19 में 2000 रुपये से बढ़ाकर 2020-21 में 10,000 और 2021-22 में 20,000 कर दी गई। वर्ष 2020-21 में 143 लड़कियों को प्रोत्साहन राशि मिली, जबकि वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढक़र 180 हो गई।
  • एनएफएचएस-4 (2015-16) के अनुसार ओडिशा में बाल विवाह का प्रचलन 21.3 प्रतिशत था। एनएफएचएस-5 (2019-20) में यह घटकर 20.5 प्रतिशत हो गया।-देशभर में बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत 2018 से 2020 के बीच 1,798 मामले दर्ज किए गए। इनमें ओडिशा से 68 मामले रहे।
Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri

In Numbers

49.4 %
Female Literacy rate of Scheduled Tribes

Update

Semiconductor Training Program for Tribal Students records massive growth

The Semiconductor Training Program for Tribal Students, led by the Indian Institute of Science (IISc), Bengaluru, in collaboration with the Ministry of Tribal Affairs (MoTA) and supported by MY Bharat under the Department of Youth Affairs, has achieved a significant milestone in youth outreach and participation during its 2026 Phase-II implementation. Applications by MY Bharat youth increased from 992 in the previous phase to 5,654 applications in the current phase, registering a growth of 518 percent. Participation expanded from 32 States to 34 States, while district participation increased from 411 districts to 648 districts nationwide. The initiative has also recorded a substantial rise in women participation in STEM-related programs. Female participation increased from 268 applications in the previous phase to 1,741 applications in the current phase, reflecting a growth of more than 549 percent and indicating growing interest among tribal women in emerging technology sectors.
The Indian Tribal
आदिवासी

झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

by The Indian Tribal
June 1, 2026

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। The Indian Tribal की रिपोर्ट

The Indian Tribal

बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

June 1, 2026
The Indian Tribal

भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

May 27, 2026
The Indian tribal

छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य में महिला आदिवासी वनरक्षक की अनोखी मुहिम

May 22, 2026
The Indian Tribal

आदिवासी बनाम आदिवासी: जनजातीय सांस्कृतिक समागम के बहिष्कार की आदिवासी संगठनों की अपील

May 20, 2026
The Indian Tribal

आदिवासी विरोध के बीच बड़ा सवाल: क्या केन-बेतवा परियोजना के बिना बुंदेलखंड का जल संकट सुलझ सकता है?

May 19, 2026
Previous Post

आदिवासियों की आईडेंटिटी बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Next Post

Security Heightened In Manipur For I-Day Amid Strike Call By Militants

Top Stories

The Indian Tribal
Adivasi

Grassroots Politics In Tribal Kinnaur Gets Redefined By Young Voice Of Ecological Democracy

June 7, 2026
The Indian Tribal
Adivasi

In Chhattisgarh’s Udanti-Sitanadi Tiger Reserve Tribal Trackers, AI Combine To Save Some Rare Species

June 4, 2026
The Indian Tribal
आदिवासी

झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

June 1, 2026
Load More
  • About Us
  • Editor & Writers
  • Contact
  • Redressal
  • Copyright Policy
  • Privacy Policy And Terms Of Use
  • Disclaimer
  • Sitemap

  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Hindi Featured
  • India
  • News
  • Legal
  • Music
  • Sports
  • Trending
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Gujarat
  • Jammu & Kashmir
  • Jharkhand
  • Kerala
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • North East
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Sikkim
  • Tripura
  • Odisha
  • Telangana
  • West Bengal
  • Political News
  • Variety
  • Art & Culture
  • Entertainment
  • Adivasi
  • Tribal News
  • Scheduled Tribes
  • हिंदी
  • उपलब्धिकर्ता
  • कानूनी
  • खान पान
  • खेलकूद
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • संगीत
  • विविध
  • कला और संस्कृति
  • खबरें
  • असम की ताज़ा ख़बरें
  • अरुणाचल प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • ओडिशा की ताज़ा ख़बरें
  • केरल की ताज़ा ख़बरें
  • गुजरात की ताज़ा ख़बरें
  • छत्तीसगढ़
  • जम्मू और कश्मीर की ताज़ा ख़बरें
  • झारखंड न्यूज़
  • तेलंगाना की ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • नॉर्थईस्ट की ताज़ा ख़बरें
  • पश्चिम बंगाल की ताज़ा ख़बरें
  • मध्य प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • महाराष्ट्र की ताज़ा ख़बरें
  • त्रिपुरा की ताज़ा ख़बरें
  • नागालैंड की ताज़ा ख़बरें
  • मणिपुर की ताज़ा ख़बरें
  • मिजोरम की ताज़ा ख़बरें
  • मेघालय की ताज़ा ख़बरें
  • सिक्किम की ताज़ा ख़बरें
  • राजस्थान की ताज़ा ख़बरें

About Us

The Indian Tribal is India’s first bilingual (English & Hindi) digital journalistic venture dedicated exclusively to the Scheduled Tribes. The ambitious, game-changer initiative is brought to you by Madtri Ventures Pvt Ltd (www.madtri.com). From the North East to Gujarat, from Kerala to Jammu and Kashmir — our seasoned journalists bring to the fore life stories from the backyards of the tribal, indigenous communities comprising 10.45 crore members and constituting 8.6 percent of India’s population as per Census 2011. Unsung Adivasi achievers, their lip-smacking cuisines, ancient medicinal systems, centuries-old unique games and sports, ageless arts and crafts, timeless music and traditional musical instruments, we cover the Scheduled Tribes community like never-before, of course, without losing sight of the ailments, shortcomings and negatives like domestic abuse, alcoholism and malnourishment among others plaguing them. Know the unknown, lesser-known tribal life as we bring reader-engaging stories of Adivasis of India.

Follow Us

All Rights Reserved

© 2026 Madtri Ventures [P] Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
    • उपलब्धिकर्ता
    • खान पान
    • कानूनी
    • खेलकूद
    • खेलकूद
    • संगीत
    • संगीत
    • स्वास्थ्य
    • स्वास्थ्य
    • विविध
  • Gallery
  • Videos

© 2026 Madtri Ventures [P] Ltd.