Wednesday, July 29, 2026
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संगीत

भारत की अनुसूचित जनजातियों का संगीत और उनकी नृत्यशैली बहुत ही रोचक, मनोरंजक और जीवंत है। द इंडियन ट्राइबल गांव-गांव से आदिवासी संगीत, उनके वाद्ययंत्र और अनूठी नाट्य-नृत्य शैली को खोज कर आपके सामने प्रस्तुत करता है।

झारखंड की आत्मा में रचा-बसा है संगीत

संगीत और नृत्य झारखंड की आत्मा में रचा-बसा है, जो यहां की समृद्ध संस्कृति को जीवंत बनाता है। संगीत किस प्रकार यहां के लोगों की जिंदगी में घुला है, बता रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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संगीतकार क्यों बोले – आंखों की जरूरत नहीं

दृष्टिहीन अनादि कोड़ा को संगीत ईश्वरीय उपहार के रूप में मिला है। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा से शारीरिक दुर्बलता को मात दी है और यह कहीं भी उनकी संगीत साधना, उनके कामों में आड़े नहीं आती, लेकिन कैसे, बता रहे हैं निरोज रंजन मिश्रा

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हिसी ने अपने दम पर सजा ली संगीत की दुनिया

लीक से हटकर काम करने वाली ओडिशा की एकमात्र संथाली संगीत निर्देशक हिसी मुर्मू की जिंदगी हमेशा संगीत के ईद-गिर्द घूमती है। निरोज रंजन मिश्रा सुना रहे हैं उनकी संगीतभरी जिंदगी की कहानी

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आदिवासी लोक गीतों को नए सुर दे रहा है बस्तर बैंड

बस्तर के लोक गीतों ने राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाई है। इस कला को लुप्त होने से बचाने के लिए एक आदिवासी बैंड खूब मेहनत कर रहा है। कुछ मधुर धुनों और छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बैंड के बारे में बता रहे हैं अभिजात शुक्ला

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झारखंड का संगीत और लोक कलाएं

संगीत-नृत्य के कार्यक्रम आदिवासी जनजातियों के सामाजिक ताने-बाने के इर्द-गिर्द ही होते हैं। झारखंड की परंपराओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं सुधीर कुमार मिश्रा

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In Numbers

672
Sub-Districts each have a Scheduled Tribes population of more than 10,000

In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
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