होली पर झारखंड में गाये जाते थे फगुआ के 21 राग, अब 6 राग ही रह गए शेष
शहरीकरण के इस दौर में फाग गानेवाले कम होते जा रहे हैं। हालांकि, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के माध्यम से इसे बचाने के कुछ प्रयास किये जा रहे हैं।
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