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प्रकृति के साथ मीठे सुर छेड़ते ये घुमंतू आदिवासी

जम्मू और कश्मीर की पहाड़ी ढलानों पर घूमते चरवाहों के एकांत का साथी होता है संगीत। THE INDIAN TRIBAL इन आदिवासी खानाबदोश लोगों के कुछ विशेष संगीत यंत्रों के बारे में लाया है जानकारी

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आदिवासियों का पसंदीदा पेय सल्फी पिया क्या?

महुआ छत्तीसगढ़ का पवित्र वृक्ष माना जाता है और इसकी शराब आदिवासी बहुल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन इसी प्रकार का एक और पेय सल्फी भी आदिवासी लोगों में खूब लोकप्रिय है। इस पेय के बारे में अधिक जानकारी लेकर आये हैं The Indian Tribal

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राजस्थानी जनजातीय कला मांडना पर शहरीकरण की छाया

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस रेगिस्तानी राज्य के कच्चे घरों के धीरे-धीरे पक्के मकानों में तब्दील होने के कारण मांडना कला अब विलुप्त होती जा रही है, बता रही हैं दीपन्विता गीता नियोगी

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जादू सा बिखेर देती है आदिवासी गायिका की आवाज

अपने लोकगीतों से सरस्वती ने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में खूब नाम कमाया। लेकिन, यह मंजिल इतनी आसान भी नहीं रही। कैसे एक चमत्कार से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई और कैसे उनकी दुनिया ही बदल गई। नीरोज रंजन मिश्रा को सरस्वती ने सुनाई दिल [...]

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इस थिएटर ग्रुप ने देश में बजाया आदिवासी नाटकों का डंका

बिल्कुल स्वदेशी शैली में प्रस्तुति देने वाले मैदी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ ट्राइबल्स (एमएएटी) ग्रुप की लोकप्रियता कैसे झारखंड से लेकर दिल्ली, केरल, ओडिशा और असम समेत दूसरे राज्यों तक फैल रही है, निरोज रंजन मिश्रा से विस्तृत बातचीत में स्वयं बता रहे हैं ग्रुप के निर्देशक और लेखक [...]

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क्या 2030 तक मलेरिया मुक्त हो जाएंगे आदिवासी क्षेत्र?

मलेरिया उन्मूलन के लिए भारत के मिशन 2030 का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब आदिवासियों के मूल निवास जंगली क्षेत्रों में इस बीमारी को नियंत्रित किया जाए। मिशन की स्थिति और आवश्यकता पर The Indian Tribal की स्पेशल रिपोर्ट

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झारखंड में सबसे पहले किसने देखे भगवान हनुमान?

देश के इस हिस्से में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों ही समुदायों के लोगों का मानना है कि भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला जिले के अंजन गांव में हुआ था। भगवान राम के इस कट्टर भक्त से जुड़ी मान्यताओं के पीछे की कहानियां बयां कर रहे हैं [...]

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झरने, बारिश, पत्तों की आवाज से संगीत रचना इस आदिवासी बैंड की खासियत है

मेघालय की धरती से निकलती संगीत की धुनों को बांधता यह पांच युवाओं का बैंड आजकल खूब लोकप्रिय हो रहा है। पुराने खासी लोकगीतों और प्राचीन खासी, जयंतिया पहाडिय़ों की कालातीत धुनों को भी नई पहचान दे रहा है यह ग्रुप । इस बैंड की धुनों को समेट [...]

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सरहुल पर हुई भविष्यवाणी, आई खुशखबरी

प्रकृति पर्व की प्रमुख रीतियों में से एक होती है पहान (पुजारी) की मौसम की भविष्यवाणी और इस बार यह खुशियों की सौगात लेकर आई है। पहान की भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार अच्छी वर्षा और फसल होगी। खेत-खलिहानों में फसल लहलहाएगी, किसानों के घर अन्न से भरेंगे, [...]

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प्रकृति पर्व सरहुल पर अलग सरना धर्म कोड की माँग बुलंद करेगा आदिवासी समुदाय

सरहुल की शोभायात्रा हर वर्ष कुछ न कुछ सामाजिक संदेश देने के साथ आदिवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों को दर्शाती है। झारखंड का आदिवासी समुदाय इस बार इस तीन दिवसीय महोत्सव के जुलूस में सरना धर्म कोड को प्रमुखता से दर्शाने की तैयारी में है। 'सरना धर्म [...]

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In Numbers

672
Sub-Districts each have a Scheduled Tribes population of more than 10,000

In Numbers

705
Individual ethnic groups are notified as Scheduled Tribes as per Census 2011
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