• About
  • Contact
  • Sitemap
  • Gallery
No Result
View All Result
Vacancies
Sunday, February 22, 2026
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    बांसवाड़ा की दो सशक्त आदिवासी महिलाएं रच रहीं सामाजिक बदलाव की नई कहानी

    The Indian Tribal

    बेटियों की शिक्षा की बनी ढाल, रोके पाँच बाल विवाह

    The Indian Tribal

    घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

    The Indian Tribal

    सिक्किम में स्केटबोर्डिंग बना जनजातीय युवाओं की नई पहचान

    The Indian Tribal

    बाघों का खौफ और शादी का संकट: क्या पलायन ही गोंड आदिवासियों का एकमात्र विकल्प है?

    The Indian Tribal

    मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा: जिसने भारत को आदिवासी चेतना दी

    The Indian Tribal

    क्या एकरूपता की मांग में टिक पाएगी डोंगरिया कोंध शॉल?

    The Indian Tribal

    बीज, मिट्टी और गीतों के ज़रिये जैविक खेती मिशन पर है यह आदिवासी किसान

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    बांसवाड़ा की दो सशक्त आदिवासी महिलाएं रच रहीं सामाजिक बदलाव की नई कहानी

    The Indian Tribal

    बेटियों की शिक्षा की बनी ढाल, रोके पाँच बाल विवाह

    The Indian Tribal

    घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

    The Indian Tribal

    सिक्किम में स्केटबोर्डिंग बना जनजातीय युवाओं की नई पहचान

    The Indian Tribal

    बाघों का खौफ और शादी का संकट: क्या पलायन ही गोंड आदिवासियों का एकमात्र विकल्प है?

    The Indian Tribal

    मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा: जिसने भारत को आदिवासी चेतना दी

    The Indian Tribal

    क्या एकरूपता की मांग में टिक पाएगी डोंगरिया कोंध शॉल?

    The Indian Tribal

    बीज, मिट्टी और गीतों के ज़रिये जैविक खेती मिशन पर है यह आदिवासी किसान

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
No Result
View All Result
The Indian Tribal
No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
  • Gallery
  • Latest News
Vacancies
Home » द इंडियन ट्राइबल / हिंदी » द इंडियन ट्राइबल / खबरें » पीवीटीजी क्षेत्रों में हाउसहोल्ड सैचुरेशन पर नीति आयोग का फोकस

पीवीटीजी क्षेत्रों में हाउसहोल्ड सैचुरेशन पर नीति आयोग का फोकस

पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) प्रखंडों में सेवा प्रदायन और आजीविका सुदृढ़ीकरण को लेकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा के पदाधिकारियों की नीति आयोग के साथ "सुपर 60" सेमिनार का आयोजन हुआ। The Indian Tribal की रिपोर्ट

November 7, 2025
The Indian Tribal

सेमिनार सुपर 60 को सम्बोधित करते झारखण्ड के योजना एवं विकास सचिव मुकेश कुमार

रांची

सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय सह नीति आयोग रंजना चोपड़ा ने आज कहा कि अब समय आ गया है कि देश के पीवीटीजी (आदिम जनजातीय समूह) क्षेत्रों में हाउसहोल्ड सैचुरेशन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है, वहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मनरेगा के माध्यम से कार्य कराया जाए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। “गांवों तक ऐसी कनेक्टिविटी विकसित की जानी चाहिए कि लोगों के दरवाजे से अस्पताल, स्कूल और शहर तक वाहनों की सहज पहुंच संभव हो,” चोपड़ा ने कहा। वे पीवीटीजी समुदायों के विकास पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थीं।

रंजना चोपड़ा ने बताया कि 2018 में पीवीटीजी कल्याण के लिए शुरू की गई योजना का अब सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में हर घर नल योजना, सड़क निर्माण और विद्युतीकरण के कार्य सैचुरेशन मोड में पूरे किए जा चुके हैं। झारखंड समेत कई राज्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज हुई है।

उन्होंने जानकारी दी कि अब ऐसे टोलों में आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनकी आबादी कम से कम 100 लोगों की है। साथ ही, आदिम जनजाति की महिलाओं को काम के दौरान राहत देने के लिए क्रेच (बच्चों की देखभाल केंद्र) खोले जाने की योजना भी बनाई जा रही है।

चोपड़ा ने झारखंड के पीवीटीजी क्षेत्रों में हुए कार्यों और शेष कार्यों का विस्तृत डेटा तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किस क्षेत्र में कौन सी योजना लागू करने की आवश्यकता है।

नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव एवं मिशन डायरेक्टर रोहित कुमार ने कहा कि पीवीटीजी योजना ऐसी पहल है, जिसके माध्यम से आदिम जनजाति समुदायों के समग्र विकास की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है।यह सेमिनार पीवीटीजी समुदायों के सशक्तिकरण एवं विकास पर फोकस है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन प्रखंडों और क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है जो अब तक विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं। “जिन इलाकों में पिछड़ी आदिवासी कम्युनिटी निवास करती है, वहां विकास कार्यों के माध्यम से स्वावलंबन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

रोहित कुमार ने जोर देते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमें सामूहिक रूप से काम करना होगा। उन्होंने कहा, “आदिम जनजाति के उत्थान की नई गाथा हमें ग्राउंड लेवल पर सतत प्रयासों से लिखनी होगी।”नीति आयोग के मिशन डायरेक्टर ने यह भी कहा कि पीवीटीजी योजना केवल बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य इन समुदायों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

The Indian Tribal
सौरा आर्ट का प्रदर्शन करता स्टाल

सेमिनार के उद्घाटन सत्र में अपने स्वागत संबोधन के दौरान योजना एवं विकास सचिव श्री मुकेश कुमार ने कहा कि राज्य की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद झारखंड ने आदिम जनजातीय समुदायों के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुकेश कुमार ने कहा कि नीति आयोग एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पीवीटीजी समुदायों के समग्र विकास के लिए कई नवाचारों पर काम कर रही है। विशेष रूप से ‘डाकिया योजना’ जैसी पहल ने दूरस्थ गांवों में सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। इस योजना के तहत आवश्यक वस्तुएं, पोषण आहार और दवाएं सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार हुआ है।

कुमार ने बताया कि राज्य के कई पीवीटीजी प्रखंडों में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं सैचुरेशन मोड में लागू की जा रही हैं। “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड का कोई भी आदिम समुदाय विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि पीवीटीजी योजना का सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है — बच्चों की शिक्षा में सुधार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, और रोजगार सृजन में वृद्धि इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

झारखंड में पीवीटीजी (विशेष रूप से आदिम जनजातीय समूह) समुदाय के समग्र विकास की दिशा में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “दीदी की दुकान” नई मिसाल कायम कर रही है। राज्य सरकार के पदाधिकारियों ने हाल ही में पीवीटीजी योजनाओं के संचालन से जुड़ी चुनौतियों और उपलब्धियों पर एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि किस तरह “लखपति दीदी” पहल राज्य में ग्रामीण आजीविका की सशक्त कहानी लिख रही है।

The Indian Tribal
दीदी की दुकान

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, “दीदी की दुकान” योजना के तहत आदिम जनजातियों से जुड़ी महिला समूहों के माध्यम से दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में दैनिक जरूरत की वस्तुओं की दुकानें शुरू की गई हैं। इन दुकानों की शुरुआत 30 हजार से 1 लाख रुपये तक के लोन से की गई थी। वर्तमान में राज्य के विभिन्न प्रखंडों में कुल 1276 दीदी की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें से 386 गांव ऐसे हैं, जहां पहली बार कोई दुकान खुली है।

पहले इन इलाकों के लोगों को जरूरत का सामान लेने के लिए चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब वस्तुएं उनके गांव में ही उपलब्ध हैं। औसतन एक दीदी की दुकान से हर महीने लगभग 9,100 रुपये की आय हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इसके साथ ही राज्य के 113 गांवों में “दीदी का ढाबा” भी शुरू किया गया है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, बल्कि महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में भी एक नई शुरुआत की है।

“दीदी की दुकान” जैसी योजनाएं न सिर्फ आजीविका को मजबूत कर रही हैं, बल्कि आदिम जनजातीय समुदायों में सामाजिक परिवर्तन का सेतु भी बन रही हैं

सुपर 60 सेमिनार में मुख्य रूप से पद्मश्री मधु मंसूरी, पद्मश्री जमुना टुडू, पद्मश्री सिमन उरांव, पद्मश्री जागेश्वर यादव, पद्मश्री कमी मुर्मू सहित एडिशनल मिशन डायरेक्टर आनंद शेखर, आदिवासी कल्याण सचिव झारखंड कृपानंद झा, विशेष सचिव योजना एवं विकास राजीव रंजन सहित छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा एवं झारखंड के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri

In Numbers

49.4 %
Female Literacy rate of Scheduled Tribes

Update

Meitei CM, Kuki-Zo DyCM in strife-torn Manipur

Yumnam Khemchand Singh, former Speaker and a Minister in the erstwhile Biren Singh government, is the new Chief Minister of Manipur, where President’s Rule was revoked after almost one year. Kuki BJP MLA Nemcha Kipgen also took the oath as Manipur Deputy Chief Minister virtually besides Naga People's Front (NPF) MLA Losii Dikho in the same capacity. BJP's Govindas Konthoujam and K Loken Singh of the National People's Party (NPP) took oath as ministers. The CM’s post had been vacant since N Biren Singh resigned on February 9, 2025. The Meitei-Kuki combination is to maintain balance in the ethnically divided State.The State has been hit hard by continuing ethnic clashes between the Kuki-Zo and Metei communities that erupted on May 3, 2023 over the issue of proposed reservation to the latter. In the Manipur assembly, BJP has 37 MLAs, supported by its allies Naga People’s Front’s five and JD(U)’s lone legislator. Opposition holds 16 seats, comprising National People’s Party (6), Congress (5), independents (3), and two from KPA.
The Indian Tribal
आदिवासी

घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

by The Indian Tribal
February 17, 2026

बांसवाड़ा जिले के पहाड़ी इलाकों में बसे भील-बहुल गांवों में पानी की किल्लत, रोजगार की कमी, अपर्याप्त शिक्षा और पुरानी सामाजिक परंपराओं का बोझ पीढ़ियों से चला आ रहा है। लेकिन इन्हीं चुनौतियों के बीच चार आदिवासी महिलाएं ऐसी उभरी हैं जिन्होंने न सिर्फ अपने जीवन को [...]

The Indian Tribal

Tribal Pad Woman Breaking Menstrual Taboos In Bengal’s Tea Gardens

February 11, 2026
The Indian Tribal

Sundargarh Artisans Revive Rare Bamboo Root Craft, Carve Out Eco-Friendly Designs

February 5, 2026
The Indian Tribal

सिक्किम में स्केटबोर्डिंग बना जनजातीय युवाओं की नई पहचान

February 4, 2026
The Indian Tribal

बाघों का खौफ और शादी का संकट: क्या पलायन ही गोंड आदिवासियों का एकमात्र विकल्प है?

February 3, 2026
The Indian Tribal

मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा: जिसने भारत को आदिवासी चेतना दी

January 31, 2026
Previous Post

धर्म से हमें सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की ताकत मिलती है: हेमन्त सोरेन

Next Post

Jharkhand Gears Up For 25 Years Of Statehood And Birsa Munda’s 150th Anniv With Tribal-Centric Gala

Top Stories

The Indian Tribal
आदिवासी

बेटियों की शिक्षा की बनी ढाल, रोके पाँच बाल विवाह

February 20, 2026
Supreme court of India
Chhattisgarh

Supreme Court Stays Exhumation Of Bodies Of Tribal Christians In Chhattisgarh Villages

February 18, 2026
The Indian Tribal
आदिवासी

घूंघट और घर से बाहर निकल नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन रही हैं राजस्थान की ये आदिवासी महिलाएं

February 17, 2026
Load More
  • About Us
  • Contact
  • Team
  • Redressal
  • Copyright Policy
  • Privacy Policy And Terms Of Use
  • Disclaimer
  • Sitemap

  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Hindi Featured
  • India
  • News
  • Legal
  • Music
  • Sports
  • Trending
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Gujarat
  • Jammu & Kashmir
  • Jharkhand
  • Kerala
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • North East
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Sikkim
  • Tripura
  • Odisha
  • Telangana
  • West Bengal
  • Political News
  • Variety
  • Art & Culture
  • Entertainment
  • Adivasi
  • Tribal News
  • Scheduled Tribes
  • हिंदी
  • उपलब्धिकर्ता
  • कानूनी
  • खान पान
  • खेलकूद
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • संगीत
  • विविध
  • कला और संस्कृति
  • खबरें
  • असम की ताज़ा ख़बरें
  • अरुणाचल प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • ओडिशा की ताज़ा ख़बरें
  • केरल की ताज़ा ख़बरें
  • गुजरात की ताज़ा ख़बरें
  • छत्तीसगढ़
  • जम्मू और कश्मीर की ताज़ा ख़बरें
  • झारखंड न्यूज़
  • तेलंगाना की ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • नॉर्थईस्ट की ताज़ा ख़बरें
  • पश्चिम बंगाल की ताज़ा ख़बरें
  • मध्य प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • महाराष्ट्र की ताज़ा ख़बरें
  • त्रिपुरा की ताज़ा ख़बरें
  • नागालैंड की ताज़ा ख़बरें
  • मणिपुर की ताज़ा ख़बरें
  • मिजोरम की ताज़ा ख़बरें
  • मेघालय की ताज़ा ख़बरें
  • सिक्किम की ताज़ा ख़बरें
  • राजस्थान की ताज़ा ख़बरें

About Us

The Indian Tribal is India’s first bilingual (English & Hindi) digital journalistic venture dedicated exclusively to the Scheduled Tribes. The ambitious, game-changer initiative is brought to you by Madtri Ventures Pvt Ltd (www.madtri.com). From the North East to Gujarat, from Kerala to Jammu and Kashmir — our seasoned journalists bring to the fore life stories from the backyards of the tribal, indigenous communities comprising 10.45 crore members and constituting 8.6 percent of India’s population as per Census 2011. Unsung Adivasi achievers, their lip-smacking cuisines, ancient medicinal systems, centuries-old unique games and sports, ageless arts and crafts, timeless music and traditional musical instruments, we cover the Scheduled Tribes community like never-before, of course, without losing sight of the ailments, shortcomings and negatives like domestic abuse, alcoholism and malnourishment among others plaguing them. Know the unknown, lesser-known tribal life as we bring reader-engaging stories of Adivasis of India.

Follow Us

All Rights Reserved

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
    • उपलब्धिकर्ता
    • खान पान
    • कानूनी
    • खेलकूद
    • खेलकूद
    • संगीत
    • संगीत
    • स्वास्थ्य
    • स्वास्थ्य
    • विविध
  • Gallery
  • Videos

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.