पौष्टिक और विविधतापूर्ण होने के बावजूद मुख्यधारा के रेस्तरां से दूर है आदिवासी व्यंजन
आदिवासी व्यंजनों को मुख्यधारा के रेस्तरां में बहुत कम जगह मिलती है। हाशिये पर होना, जंगलों का घटता दायरा और जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों ने दीपान्विता गीता नियोगी से बातचीत में ये बातें साझा की
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