• About
  • Contact
  • Sitemap
  • Gallery
No Result
View All Result
Vacancies
Friday, June 26, 2026
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    सरना से कोया पुनेम तक: जनगणना 2027 में अलग आदिवासी धर्म श्रेणी की मांग क्यों तेज हुई?

    The Indian Tribal

    किन्नौर की जनजातीय राजनीति में उभरी नई पर्यावरणीय आवाज, युवा नेतृत्व ने बदली विकास की बहस

    The Indian Tribal

    झारखण्ड के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

    The Indian Tribal

    युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    मध्य प्रदेश के सहरिया आदिवासियों ने भूख से लड़ने के लिए अपनाए पारंपरिक तरीके

    The Indian Tribal

    झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

    The Indian Tribal

    बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

    The Indian Tribal

    भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    सरना से कोया पुनेम तक: जनगणना 2027 में अलग आदिवासी धर्म श्रेणी की मांग क्यों तेज हुई?

    The Indian Tribal

    किन्नौर की जनजातीय राजनीति में उभरी नई पर्यावरणीय आवाज, युवा नेतृत्व ने बदली विकास की बहस

    The Indian Tribal

    झारखण्ड के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

    The Indian Tribal

    युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    मध्य प्रदेश के सहरिया आदिवासियों ने भूख से लड़ने के लिए अपनाए पारंपरिक तरीके

    The Indian Tribal

    झारखण्ड में विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी, कौशल विकास को भी व्यवहारिक बनाने पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

    The Indian Tribal

    बचपन में नक्सलियों को करीब से देखा, अब उनके खिलाफ अभियान चलाए

    The Indian Tribal

    भारत के जलवायु लक्ष्यों और कार्बन सिंक पर असर डाल सकता है आदिवासी वनाधिकारों का कमजोर होना

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
No Result
View All Result
The Indian Tribal
No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
  • Gallery
  • Latest News
Vacancies
Home » द इंडियन ट्राइबल / हिंदी » द इंडियन ट्राइबल / उप्लाब्धिकर्ता » पुंछ के पथरीले रास्तों से प्रोफेसर बनने तक

पुंछ के पथरीले रास्तों से प्रोफेसर बनने तक

सीखने की ललक लेकर एक छोटी सी आदिवासी लडक़ी घर से निकली और लंबा सफर तय कर आज मंजिल पर पहुंच गई। मोहित कंधारी सुना रहे हैं संघर्ष की कहानी:

November 14, 2021
पुंछ के पथरीले रास्तों से प्रोफेसर बनने तक

डॉ शमीम अख्तर (बीच में, सफेद सूट में), जूलॉजी विभाग के प्रमुख, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, राजौरी

सीमांत जिले पुंछ के एक छोटे से कश्मीरी गांव परत की रहने वाली लडक़ी पढऩे के लिए पांच किलोमीटर पैदल आती-जाती थी। यही नहीं, उनकी शादी भी आठवीं की पढ़ाई पूरी होने से पहले ही कर दी गई।

डॉ. शमीम अख्तर ने वर्ष 2002 में जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार जीता। वर्ष 2007 में डॉ. डीएस चौहान मेडल, वर्ष 2009 में माधवी श्याम पदक और 2017 में पर्यावरण विज्ञान पदक अपने नाम किया।

इसके बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज वह गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में प्राणी विज्ञान विभाग की प्रमुख हैं।

गुर्जर आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली डॉ. शमीम अख्तर ने अपने पसंदीदा विषय पर किताब लिखी है। उनके लेख कई पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं। खास उपलब्धि के तौर पर उनके खाते में लगभग 80 पेपर हैं।

उन्होंने 2002 में जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का यंग साइंटिस्ट अवार्ड जीता। इसके बाद 2007 में डॉ. डीएस चौहान मेडल, 2009 में माधवी श्याम मेडल और 2017 में इनविरोन्मेंटल साइंस मेडल अपने नाम किया।

छात्राओं के साथ डॉ शमीम अख्तर (बीच में, गुलाबी सूट में)

डॉ. अख्तर को आधा दर्जन से अधिक फेलोशिप मिली हैं। वर्तमान में वह भारतीय अनुसंधान संचार सलाहकार बोर्ड की सदस्य और जूलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया में संपादकीय सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

आज भले उनका अकादमिक करियर शानदार नजर आता हो, लेकिन उनका शुरुआती जीवन बहुत संघर्षों से गुजरा है। डॉ. अख्तर पुंछ की मेंढर तहसील के परत गांव की रहने वाली हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा बाग का स्कूल में हुई, जिसका परिसर बड़ी संख्या में चिनार के पेड़ों के लिए पूरे इलाके में मशहूर और आकर्षण का केंद्र है। बाद में उन्होंने हर्नी के सरकारी स्कूल में दाखिला ले लिया और वहां से आठवीं तक की पढ़ाई की। हालांकि, 8वीं की वार्षिक परीक्षा से पहले ही उनकी शादी एक पुलिसकर्मी से कर दी गई।

डॉ. अख्तर ने अपनी उच्च शिक्षा मेंढर स्थित माध्यमिक विद्यालय से पूरी की, जहां उनके पति की पोस्टिंग थी। डॉ. अख्तर बताती हैं कि कम उम्र में शादी होने के बावजूद वह अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं। वह कहती हैं कि सबसे पहले अपने माता-पिता का धन्यवाद करना चाहती हैं, जो उनके फैसलों के साथ हमेशा खड़े रहे। उसके बाद मेरे पति और उनके परिवार ने भी मेरा पूरा सहयोग किया और मेरा सपना साकार करने में हर कदम पर मदद की।

डॉ. अख्तर ने शादी के बाद ही हाई स्कूल, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डॉक्टरेट की पढ़ाई की। वह याद करते हुए कहती हैं कि मैंने अपना एमए, एमफिल और पीएचडी डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से किया।

लगभग पांच वर्षों तक उन्होंने विभिन्न स्कूलों में संविदा शिक्षक के रूप में कार्य किया। अंत में साल 2007 में उन्हें अल्मा मेटर गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, राजौरी में संकाय के रूप में शामिल किया गया। हल्की मुस्कुराहट के साथ डॉ. अख्तर कहती हैं- मैं हर रोज अपने छात्रों को कुछ अलग पढ़ाने और खुद भी नया सीखने की पूरी कोशिश करती हूं।

Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri

In Numbers

49.4 %
Female Literacy rate of Scheduled Tribes

Update

Tribal icon Shibu Soren posthumously awarded Padma Bhushan

Veteran tribal leader Shibu Soren was on Tuesday posthumously awarded the Padma Bhushan for his exceptional contributions to public affairs. President Droupadi Murmu presented the prestigious award which was received on his behalf by his wife, Rupi Soren. Her daughter-in-law and MLA Kalpana Soren and other family members accompanied her. One of the tallest tribal leaders of India, Shibu Soren, 81, passed away on August 4 last year. Soren was a 3-term Jharkhand Chief Minister (including one for just 10 days), former Union Minister, 8-term Lok Sabha MP, 3-term Rajya Sabha MP and Jharkhand Mukti Morcha co-founder.
The Indian Tribal
आदिवासी

झारखण्ड के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

by The Indian Tribal
June 17, 2026

जीआई टैग से उत्पादों को कानूनी संरक्षण, बाजार में विशिष्ट पहचान और बेहतर मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे झारखण्ड के कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक समुदायों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। The Indian Tribal की रिपोर्ट

The Indian tribal

As North Bengal’s Tea Gardens Shut Shop, Tribal Women Pay The Price

June 16, 2026
The Indian Tribal

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

June 15, 2026
The Indian Tribal

Census 2027 And The Seventh Column Debate: Why Tribes Are Seeking a Separate Religion Column?

June 12, 2026
The Indian Tribal

मध्य प्रदेश के सहरिया आदिवासियों ने भूख से लड़ने के लिए अपनाए पारंपरिक तरीके

June 10, 2026
The Indian Tribal

Grassroots Politics In Tribal Kinnaur Gets Redefined By Young Voice Of Ecological Democracy

June 7, 2026
Previous Post

Tribal valour on full display

Next Post

From Poonch to Professorship

Top Stories

The Indian Tribal
आदिवासी

किन्नौर की जनजातीय राजनीति में उभरी नई पर्यावरणीय आवाज, युवा नेतृत्व ने बदली विकास की बहस

June 24, 2026
The Indian Tribal
Adivasi

President Murmu Reviews Project Cheetah, Interacts With Tribal Conservation Volunteers

June 22, 2026
The Indian Tribal
India

International Yoga Day 2026: Yoga For Healthy Ageing Takes Centre Stage

June 21, 2026
Load More
  • About Us
  • Editor & Writers
  • Contact
  • Redressal
  • Copyright Policy
  • Privacy Policy And Terms Of Use
  • Disclaimer
  • Sitemap

  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Hindi Featured
  • India
  • News
  • Legal
  • Music
  • Sports
  • Trending
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Gujarat
  • Jammu & Kashmir
  • Jharkhand
  • Kerala
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • North East
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Sikkim
  • Tripura
  • Odisha
  • Telangana
  • West Bengal
  • Political News
  • Variety
  • Art & Culture
  • Entertainment
  • Adivasi
  • Tribal News
  • Scheduled Tribes
  • हिंदी
  • उपलब्धिकर्ता
  • कानूनी
  • खान पान
  • खेलकूद
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • संगीत
  • विविध
  • कला और संस्कृति
  • खबरें
  • असम की ताज़ा ख़बरें
  • अरुणाचल प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • ओडिशा की ताज़ा ख़बरें
  • केरल की ताज़ा ख़बरें
  • गुजरात की ताज़ा ख़बरें
  • छत्तीसगढ़
  • जम्मू और कश्मीर की ताज़ा ख़बरें
  • झारखंड न्यूज़
  • तेलंगाना की ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • नॉर्थईस्ट की ताज़ा ख़बरें
  • पश्चिम बंगाल की ताज़ा ख़बरें
  • मध्य प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • महाराष्ट्र की ताज़ा ख़बरें
  • त्रिपुरा की ताज़ा ख़बरें
  • नागालैंड की ताज़ा ख़बरें
  • मणिपुर की ताज़ा ख़बरें
  • मिजोरम की ताज़ा ख़बरें
  • मेघालय की ताज़ा ख़बरें
  • सिक्किम की ताज़ा ख़बरें
  • राजस्थान की ताज़ा ख़बरें

About Us

The Indian Tribal is India’s first bilingual (English & Hindi) digital journalistic venture dedicated exclusively to the Scheduled Tribes. The ambitious, game-changer initiative is brought to you by Madtri Ventures Pvt Ltd (www.madtri.com). From the North East to Gujarat, from Kerala to Jammu and Kashmir — our seasoned journalists bring to the fore life stories from the backyards of the tribal, indigenous communities comprising 10.45 crore members and constituting 8.6 percent of India’s population as per Census 2011. Unsung Adivasi achievers, their lip-smacking cuisines, ancient medicinal systems, centuries-old unique games and sports, ageless arts and crafts, timeless music and traditional musical instruments, we cover the Scheduled Tribes community like never-before, of course, without losing sight of the ailments, shortcomings and negatives like domestic abuse, alcoholism and malnourishment among others plaguing them. Know the unknown, lesser-known tribal life as we bring reader-engaging stories of Adivasis of India.

Follow Us

All Rights Reserved

© 2026 Madtri Ventures [P] Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
    • उपलब्धिकर्ता
    • खान पान
    • कानूनी
    • खेलकूद
    • खेलकूद
    • संगीत
    • संगीत
    • स्वास्थ्य
    • स्वास्थ्य
    • विविध
  • Gallery
  • Videos

© 2026 Madtri Ventures [P] Ltd.