• About
  • Contact
  • Sitemap
  • Gallery
No Result
View All Result
Vacancies
Monday, January 5, 2026
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    हम लड़े हैं, तभी बचे हैं: खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    पेसा कानून की जानकारी सभी को रखने की आवश्यकता: हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    लम्बा इंतज़ार खत्म, झारखण्ड में आखिरकार पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

    The Indian Tribal

    सुप्रीम कोर्ट ने एशिया के सबसे बड़े साल जंगल सारंडा में ‘सीमा’ क्यों तय की?

    The Indian Tribal

    झारखण्ड में हेमन्त सोरेन सरकार के लगातार दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूरा, 9000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए

    The Indian Tribal

    झारखण्ड के रजत जयंती पर अगले 25 वर्षों के समग्र विकास का रोडमैप पेश किया मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने

    The Indian Tribal

    राज्य के विकास योजनाओं में आदिवासी, जनजातीय समुदाय सबसे ऊपर: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    बिरसा मुण्डा की विरासत राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिए प्रेरणादायक: योगी आदित्यनाथ

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
The Indian Tribal
  • Home
  • Achievers
    • उपलब्धिकर्ता
  • Cuisine
    • खान पान
  • Health
    • स्वास्थ्य
  • Legal
    • कानूनी
  • Music
    • संगीत
  • News
    • Updates
    • खबरें
  • Sports
    • खेलकूद
  • Variety
    • विविध
  • हिंदी
    • All
    • आदिवासी
    • उपलब्धिकर्ता
    • कला और संस्कृति
    • कानूनी
    • खबरें
    • खान पान
    • खेलकूद
    • जनजाति
    • भारत
    • विविध
    • संगीत
    • संस्कृति
    • स्वास्थ्य
    The Indian Tribal

    हम लड़े हैं, तभी बचे हैं: खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    पेसा कानून की जानकारी सभी को रखने की आवश्यकता: हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    लम्बा इंतज़ार खत्म, झारखण्ड में आखिरकार पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

    The Indian Tribal

    सुप्रीम कोर्ट ने एशिया के सबसे बड़े साल जंगल सारंडा में ‘सीमा’ क्यों तय की?

    The Indian Tribal

    झारखण्ड में हेमन्त सोरेन सरकार के लगातार दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूरा, 9000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए

    The Indian Tribal

    झारखण्ड के रजत जयंती पर अगले 25 वर्षों के समग्र विकास का रोडमैप पेश किया मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने

    The Indian Tribal

    राज्य के विकास योजनाओं में आदिवासी, जनजातीय समुदाय सबसे ऊपर: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

    The Indian Tribal

    बिरसा मुण्डा की विरासत राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिए प्रेरणादायक: योगी आदित्यनाथ

  • Gallery
    • Videos
  • Latest News
No Result
View All Result
The Indian Tribal
No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
  • Gallery
  • Latest News
Vacancies
Home » द इंडियन ट्राइबल / हिंदी » इंद्रावती टाइगर रिजर्व के जनजातीय हीरो

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के जनजातीय हीरो

पिछले एक साल से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में गश्ती गार्ड के रूप में कार्यरत स्थानीय आदिवासी युवाओं ने दीपान्विता गीता नियोगी को बताया कि वे कैसे काम करते हैं और उनके सामने इस दौरान क्या-क्या चुनौतियां पेश आती हैं।

September 29, 2023
The Indian Tribal | Indravati Tiger Reserve in Chhattisgarh’s Bijapur district

कुछ वनवासियों के साथ गश्ती गार्ड जानवरों के रास्तों की तलाश कर रहे हैं (फोटो - छत्तीसगढ़ वन विभाग)

रायपुर

इंद्रावती टाइगर रिजर्व इलाका 2800 वर्ग किमी में फैला है। यह टाइगर रिजर्व शिकार और आगलगी की घटनाओं से निपटने के लिए पिछले एक साल से नए-नए प्रयोग कर रहा है। इसके तहत स्थानीय आदिवासी समुदायों को टाइगर रिजर्व से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कुछ गांवों के युवाओं को गश्ती गार्ड के रूप में भर्ती किया गया है। इनमें अधिकांश मुरिया जनजाति से ताल्लुक रखते हैं। 

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक धम्मशिल गणवीर कहते हैं कि पिछले साल शुरू की गई पहल के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोग बड़े शौक से उनके साथ जुड़ रहे हैं। वे वन्य जीवों का प्रबंधन और उनकी सुरक्षा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। शुरुआत में ऐसा नहीं था। स्थानीय लोगों को गार्ड के रूप में भर्ती करने से सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अवैध शिकार और जंगल में आग लगने की घटनाओं में भी 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। 

Indravati Tiger Reserve, Chhattisgarh
टाइगर रिजर्व के अंदर एक जल निकाय के पास गश्ती गार्ड (फोटो-छत्तीसगढ़ वन विभाग)

गणवीर ने बताया कि स्थानीय लोगों को गश्ती गार्ड के रूप में भर्ती करने की योजना केंद्र सरकार की है और इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) वित्त पोषित करता है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के 2799.07 वर्ग किमी के कोर और बफर क्षेत्रों में लगभग 56 गांव आते हैं। पिछली जनगणना के अनुसार यहां तीन बाघ हैं। रिजर्व का संवेदनशील बाघ निवास क्षेत्र 1258.37 वर्ग किमी में फैला हुआ है। हालांकि, उग्रवादी घटनाओं के कारण जनगणना कार्य अक्सर प्रभावित हो जाता है।

बीजापुर के भोपाल पटनम तहसील के दमपाया गांव के रहने वाले आदिवासी युवक श्रीनिवास मोडियाम इसी साल एक मार्च को गश्ती गार्ड के रूप में भर्ती हुए थे। 

उनकी चयन प्रक्रिया काफी आसान थी। वह बताते हैं कि बीजापुर में एक बैठक या यह कह लें कि साधारण साक्षात्कार आयोजित किया गया। इसमें मुझसे कुछ प्रश्न पूछे गए, जिनका मैंने आसानी से जवाब दिया और अंतत: मेरा चयन गार्ड के तौर पर हो गया। मोडियाम ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उन्हें 9000 रुपये प्रति माह वेतन पर मिलता है। उन्हें छह बजे ड्यूटी पर पहुंचना होता है,  इसलिए सुबह जल्दी उठना पड़ता है। वह ड्यूटी के दौरान रोजाना 10 से 15 किमी पैदल चलते हैं। 

Indravati Tiger Reserve, Chhattisgarh
कुछ वनवासियों के साथ गश्ती गार्ड जानवरों के रास्तों की तलाश कर रहे हैं (फोटो – छत्तीसगढ़ वन विभाग)

उन्होंने बताया कि उनके गांव में बिजली तो है, जिससे मोबाइल आसानी से चार्ज हो जाता है, लेकिन दूर जंगल में जहां जंगली जानवर बहुतायत में रहते हैं, वहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता। मोडियाम बताते हैं कि उनके गांव में अधिकांश लोग आजीविका के लिए खेती करते हैं या मौसमी फूल और अन्य लघु वन उपज एकत्र कर बेचते हैं। यहां जंगली सूअर बहुत बड़ी समस्या हैं, जो फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाते हैं। 

शंकर पोट्टम भी एक साल से गश्ती गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं। उन्हें जानवरों और उनके पैरों के निशानों की तस्वीरें खींचना और उन्हें इंद्रावती व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करना बहुत अच्छा लगता है।

पोट्टम ने The Indian Tribal को बताया कि गश्त लगाने वाले गार्ड जानवरों के बहुत करीब नहीं जा सकते, क्योंकि ये जानवर उन्हें देखकर भाग जाते हैं। गश्त का सबसे अच्छा फायदा यह हुआ है कि जंगल में आग लगने की घटनाओं में भारी कमी आई है। आग लगने की ज्यादातर घटनाएं गर्मियों में जमीन पर गिरे पेड़ों के सूखे पत्तों के कारण होती हैं। गार्ड ऐसी घटनाओं पर पूरी नजर रखते हैं। 

शंकर पोट्टम और श्रीनिवास मोडियाम से इतर प्रह्लाद कुडियम की ड्यूटी थोड़ी सख्त है। उन्हें सुबह छह से 11 बजे और फिर दोपहर दो से शाम पांच बजे तक काम करना पड़ता है। कुडियम पिछले साल दिसंबर से ड्यूटी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एक बार बाघ भी देखा है। बाघ से डर के सवाल पर वह बताते हैं कि आमतौर पर दो से तीन लोग साथ गश्त करते हैं, इसलिए डर जैसी कोई बात नहीं। वह नोटकैम ऐप का उपयोग करता है। ड्यूटी का स्थान उसके घर से पांच किलोमीटर है। इसलिए वह आसानी से साइकिल से वहां पहुंच जाता है। 

Indravati Tiger Reserve, Chhattisgarh I The Indian Tribal
रिजर्व में एक बाघ का पगमार्क (फोटो-दीपनविता गीता नियोगी)

अजय कुडियम भी इस टाइगर रिजर्व में गश्ती हीरो के रूप में कार्य करते हैं। वह बीजापुर के चिन्नाकावली गांव के रहने वाले हैं। कुडियम पहले चौकीदार के तौर भर्ती हुए थे, बाद में वह भी गश्ती गार्ड बन गए। उन्हें भी जानवरों की तस्वीरें खींचने और वीडियो बनाने का काफी शौक है। इसके अलावा मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के जीवों पर नजर रखना उनका काम है।हर बीट पर एक गार्ड तैनात होता है।

हममें से कई लोग जंगलों के अंदर ही रहते हैं। हम इस इलाके से भलीभांति परिचति हो गए हैं। यदि जंगली जानवर दिखते हैं तो हम शोर नहीं मचाते, न ही हम डरते हैं। हम उन्हें चुपचाप वहां से गुजरने देते हैं। कभी-कभी जब लोग महुआ संग्रहण के लिए जंगल के अंदर जाते हैं, तो अक्सर उन पर भालू हमला कर देते हैं। पांच साल पहले एक आदमी पर भालू ने उस समय हमला कर दिया था जब वह तेंदू पत्ते एकत्र कर रहा था। सौभाग्य से वह बच गया।

Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri Root Woot | Online Puja Samagri

In Numbers

49.4 %
Female Literacy rate of Scheduled Tribes

Web Stories

Bastar’s Famed Tuma Craft On Verge Of Extinction
Bastar’s Famed Tuma Craft On Verge Of Extinction
By The Indian Tribal
7 Tribal-linked Odisha Products Get GI Tag
7 Tribal-linked Odisha Products Get GI Tag
By The Indian Tribal
Traditional Attire Of Pawara Tribeswomen Losing Its Charm
Traditional Attire Of Pawara Tribeswomen Losing Its Charm
By The Indian Tribal
Tuma Art Going Extinct
Tuma Art Going Extinct
By The Indian Tribal

Update

आदिवासी पीएचडी अभ्यर्थी को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज IIIT रांची में आदिवासी समुदाय से चयनित सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी सविता कच्छप को पढ़ाई पूरी करने हेतु झारखण्ड सरकार की ओर से 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक उनके परिजन को सौंपा। सविता कच्छप, जो वर्तमान में अपनी नानी के घर पर रह कर पढ़ाई कर रही हैं, ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे आदिवासी समुदाय में सबसे कम उम्र (24 वर्ष) की अभ्यर्थी हैं जिनका IIIT रांची में पीएचडी हेतु इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स में चयन हुआ है। वे टेक्निकल फील्ड में पहला ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर भी हैं तथा IEEE में अंतराष्ट्रीय नॉवेल्टी रिसर्च वर्क प्रेजेंट कर चुकी हैं। मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सविता की हौसला अफजाई करते हुए उनसे कहा कि वे आगे अपनी पढ़ाई और शोध कार्य जारी रखें, राज्य सरकार हरसंभव उन्हें मदद करेगी। मौके पर सविता के परिजन एवं अन्य उपस्थित रहे।
The Indian Tribal
आदिवासी

हम लड़े हैं, तभी बचे हैं: खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

by The Indian Tribal
January 1, 2026

मुख्यमंत्री ने कहा, खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन। जल-जंगल-जमीन की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान राज्य का नैतिक दायित्व है। The Indian Tribal की रिपोर्ट

The Indian Tigers

Tiger Fear, Marriage Crisis Push Pench Villagers to Seek Relocation

January 1, 2026
The Indian Tribal

Ol Chiki Turns 100: Centenary Reflections Reveal Gap Between Santali’s Official Status And Ground-Level Education

December 27, 2025
The Indian Tribal

पेसा कानून की जानकारी सभी को रखने की आवश्यकता: हेमन्त सोरेन

December 26, 2025
The Indian Tribal

लम्बा इंतज़ार खत्म, झारखण्ड में आखिरकार पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

December 23, 2025
The Indian Tribal

सुप्रीम कोर्ट ने एशिया के सबसे बड़े साल जंगल सारंडा में ‘सीमा’ क्यों तय की?

December 20, 2025
Previous Post

Now, Students-Led Violence Over Killing Of Two Meitei Youths Rocks Imphal

Next Post

Wary Of Public Anger, Manipur BJP Sends SOS To Nadda

Top Stories

The Indian Tribal
Achievers

Jaipal Singh Munda: Oxford-Educated Tribal Icon Who Gave India Its Adivasi Voice

January 2, 2026
The Indian Tribal
आदिवासी

हम लड़े हैं, तभी बचे हैं: खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

January 1, 2026
The Indian Tigers
India

Tiger Fear, Marriage Crisis Push Pench Villagers to Seek Relocation

January 1, 2026
Load More
  • About Us
  • Contact
  • Team
  • Redressal
  • Copyright Policy
  • Privacy Policy And Terms Of Use
  • Disclaimer
  • Sitemap

  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Hindi Featured
  • India
  • News
  • Legal
  • Music
  • Sports
  • Trending
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Gujarat
  • Jammu & Kashmir
  • Jharkhand
  • Kerala
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • North East
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Sikkim
  • Tripura
  • Odisha
  • Telangana
  • West Bengal
  • Political News
  • Variety
  • Art & Culture
  • Entertainment
  • Adivasi
  • Tribal News
  • Scheduled Tribes
  • हिंदी
  • उपलब्धिकर्ता
  • कानूनी
  • खान पान
  • खेलकूद
  • स्वास्थ्य
  • संस्कृति
  • संगीत
  • विविध
  • कला और संस्कृति
  • खबरें
  • असम की ताज़ा ख़बरें
  • अरुणाचल प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • ओडिशा की ताज़ा ख़बरें
  • केरल की ताज़ा ख़बरें
  • गुजरात की ताज़ा ख़बरें
  • छत्तीसगढ़
  • जम्मू और कश्मीर की ताज़ा ख़बरें
  • झारखंड न्यूज़
  • तेलंगाना की ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • नॉर्थईस्ट की ताज़ा ख़बरें
  • पश्चिम बंगाल की ताज़ा ख़बरें
  • मध्य प्रदेश की ताज़ा ख़बरें
  • महाराष्ट्र की ताज़ा ख़बरें
  • त्रिपुरा की ताज़ा ख़बरें
  • नागालैंड की ताज़ा ख़बरें
  • मणिपुर की ताज़ा ख़बरें
  • मिजोरम की ताज़ा ख़बरें
  • मेघालय की ताज़ा ख़बरें
  • सिक्किम की ताज़ा ख़बरें
  • राजस्थान की ताज़ा ख़बरें

About Us

The Indian Tribal is India’s first bilingual (English & Hindi) digital journalistic venture dedicated exclusively to the Scheduled Tribes. The ambitious, game-changer initiative is brought to you by Madtri Ventures Pvt Ltd (www.madtri.com). From the North East to Gujarat, from Kerala to Jammu and Kashmir — our seasoned journalists bring to the fore life stories from the backyards of the tribal, indigenous communities comprising 10.45 crore members and constituting 8.6 percent of India’s population as per Census 2011. Unsung Adivasi achievers, their lip-smacking cuisines, ancient medicinal systems, centuries-old unique games and sports, ageless arts and crafts, timeless music and traditional musical instruments, we cover the Scheduled Tribes community like never-before, of course, without losing sight of the ailments, shortcomings and negatives like domestic abuse, alcoholism and malnourishment among others plaguing them. Know the unknown, lesser-known tribal life as we bring reader-engaging stories of Adivasis of India.

Follow Us

All Rights Reserved

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • Achievers
  • Cuisine
  • Health
  • Health
  • Legal
  • Music
  • News
  • Sports
  • Variety
  • हिंदी
    • उपलब्धिकर्ता
    • खान पान
    • कानूनी
    • खेलकूद
    • खेलकूद
    • संगीत
    • संगीत
    • स्वास्थ्य
    • स्वास्थ्य
    • विविध
  • Gallery
  • Videos

© 2024 Madtri Ventures [P] Ltd.

Bastar’s Famed Tuma Craft On Verge Of Extinction 7 Tribal-linked Odisha Products Get GI Tag Traditional Attire Of Pawara Tribeswomen Losing Its Charm Tuma Art Going Extinct